पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में स्थित एक होटल में बुधवार की अलसुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई। आग इमारत की दूसरी मंजिल पर लगी थी, जिसकी वजह से नीचे उतरने का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। जान बचाने के लिए बदहवास लोग होटल की छत की तरफ भागे। हादसे के समय इमारत में चिकित्सा इलाज के लिए बांग्लादेश से आए कई नागरिक भी ठहरे हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि 9 लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे का मंजर: रात 2:20 बजे मची चीख-पुकार और छत पर शरण
घटना की शुरुआत बुधवार तड़के करीब 2:20 बजे हुई, जब होटल के कमरों में सो रहे लोगों की नींद अचानक चीख-पुकार और धुएं के गुबार के बीच खुली। देखते ही देखते पूरी इमारत में अफ़रा-तफ़री फैल गई। जब लोगों ने कमरों से बाहर निकलकर नीचे की तरफ भागने की कोशिश की, तो पता चला कि आग दूसरी मंजिल पर लगी हुई है और आग की लपटों तथा घने धुएं ने सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। नीचे जाने का कोई रास्ता न पाकर दर्जनों लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपर होटल की छत की ओर दौड़े। इस इमारत में इलाज कराने के उद्देश्य से कोलकाता पहुंचे कई बांग्लादेशी नागरिक भी रुके हुए थे। दहशत के उन पलों को याद करते हुए पीड़ितों ने बताया कि किस तरह चारों तरफ सिर्फ काला धुआं और चीखें सुनाई दे रही थीं और छत ही उनके सुरक्षित बचने का एकमात्र सहारा बची थी।
इमारत की स्थिति और खिड़की से निकलने का प्रयास
यह भीषण हादसा 15 मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक पुरानी इमारत में पेश आया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस बहुमंजिला पुरानी इमारत के भीतर लगभग 5 से 7 छोटे-बड़े होटल और गेस्ट हाउस संचालित किए जा रहे हैं। जब इमारत की दूसरी मंजिल से आग की लपटें उठने लगीं और मुख्य निकास बंद हो गया, तो कुछ लोगों ने जान जोखिम में डालकर इमारत के पिछले हिस्से की खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश की। इसी आपाधापी और खिड़की से छलांग लगाने या उतरने के प्रयास में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
राहत कार्य: 4 दमकल गाड़ियां और 60 लोगों का अंदर से रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले न्यू मार्केट थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड और बिजली आपूर्ति कंपनी CESC को सूचित किया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड मुख्यालय और फ्री स्कूल स्ट्रीट फायर स्टेशन से दमकल की 4 गाड़ियां तेजी से मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों और पुलिस जवानों ने मिलकर एक बड़ा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आग की भीषणता और घने धुएं के बावजूद बचाव कर्मियों ने कड़ी मेहनत करके होटल के अंदर फंसे करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 9 लोग बेहद गंभीर और बेहोशी की हालत में मिले। इनमें दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल थे। इन सभी 9 लोगों को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया।
धुएं से घुटने लगीं सांसें: मंत्री का बयान और प्रशासनिक कार्रवाई
हादसे के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पश्चिम बंगाल के मंत्री कौशिक चौधरी ने 9 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और इसकी गहन जांच की जा रही है। मंत्री ने कहा कि आग और इमारत में फैले अत्यधिक घने धुएं के कारण स्थिति बेहद भयावह हो गई थी। दमकल और पुलिस की तत्परता से लगभग 80 लोगों की जान बचाई जा सकी। प्राथमिक आकलन के अनुसार, अधिकांश पीड़ितों की मौत आग की लपटों से झुलसने के बजाय धुएं के कारण दम घुटने से हुई है। मंत्री कौशिक चौधरी ने स्पष्ट किया कि घटना की पूरी जांच होगी और इस लापरवाही के लिए जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने खुद उनसे फोन पर बात करके पूरे हादसे और राहत कार्य की विस्तृत जानकारी ली है।
फायर सेफ्टी और रखरखाव पर गंभीर सवाल
इस दुखद हादसे के बाद पुरानी इमारत और उसमें चल रहे होटलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पुरानी इमारत में अग्निशमन और फायर सेफ्टी के पर्याप्त उपकरण तथा इंतजाम मौजूद नहीं थे। साथ ही इमारत के नियमित रखरखाव और मेंटेनेंस की हालत भी काफी खस्ता बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें आग के मुख्य कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा इस इमारत समेत आसपास के अन्य गेस्ट हाउसों के सुरक्षा मानकों और फायर लाइसेंस की व्यापक जांच किए जाने की संभावना है।























