मीन राशि में वक्री शनि का गोचर, अगले 84 दिन 3 राशियों की बढ़ेगी परीक्षाशेयर बाजार में रेंटोमोजो की धमाकेदार शुरुआत, निवेशकों को प्रति लॉट मिला 2,902 रुपये का लिस्टिंग मुनाफाअमेरिकी वर्क परमिट पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, भारी भरकम शुल्क का दायरा बढ़ा और कड़ी निगरानी का आदेशबैंकिंग सिस्टम में 10 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी सोखने के लिए सरकारी बॉन्ड जारी करेगा रिजर्व बैंकशादी के सीजन में ग्राहकों से भरा न्यू क्लॉथ मार्केट, हाड़ौती भर से आ रहे लोगमुलेठी को मामूली जड़ी समझकर रोज खाना पहुंचा सकता है सेहत को नुकसानआचार्य चाणक्य ने चेताया, ऐसे पांच व्यवहार वाले इंसानों को अपना राज़दार बनाना पड़ सकता है भारीबैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि की उम्मीदों से जापानी येन में तेजी, अमेरिकी डॉलर पर दबावअमेरिकी डॉलर के सामने यूरो में लगातार कमजोरी, वैश्विक मुद्रा बाजारों में दिखा दबावयूक्रेन में कॉल सेंटर रिश्वत कांड के बाद आंतोन कोवाल्स्की बने नए कार्यवाहक मुख्य अभियोजक
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में सियासी मोड़, ममता बनर्जी से बातचीत के बाद रबीउल आलम ने नामांकन वापसी का फैसला बदलापश्चिम बंगाल
19 सित॰ 2026, 2:08 pm (24 मिनट पहले)· 0

पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में सियासी मोड़, ममता बनर्जी से बातचीत के बाद रबीउल आलम ने नामांकन वापसी का फैसला बदला

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से हटने की घोषणा करने वाले रबीउल आलम चौधरी ने ममता बनर्जी से चर्चा के बाद अपना फैसला वापस ले लिया है।

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। ममता बनर्जी गुट के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने पहले मुकाबले से हटने का ऐलान किया था, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने अपना निर्णय वापस ले लिया। शीर्ष नेतृत्व के दखल और ममता बनर्जी से सीधी बातचीत होने के बाद उन्होंने चुनावी मैदान में डटे रहने का संकल्प जताया और तत्काल प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी।

सुबह कदम पीछे खींचने की वजहें

शनिवार सुबह जब रबीउल आलम चौधरी ने उम्मीदवारी वापस लेने की बात कही, तो राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से अलग होने के पीछे कई जमीनी परेशानियां गिनाई थीं। उनका कहना था कि आधिकारिक चुनाव चिह्न हाथ में नहीं होने से स्थिति जटिल हो गई है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते कई समर्थक क्षेत्र छोड़कर बाहर चले गए थे। इन विपरीत परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई थी।

ये भी पढ़ें

ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद चुनावी वापसी

नंदीग्राम के सियासी घटनाक्रमों के बीच रेजीनगर से उम्मीदवार के हटने को एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि दोपहर होते-होते परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। ममता बनर्जी से विस्तृत संवाद होने के बाद रबीउल आलम चौधरी ने अपने रुख में बदलाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व के भरोसे के बाद वे चुनावी समर में बने रहेंगे और शनिवार से ही अपने क्षेत्र में प्रचार का काम पूरी ताकत से शुरू कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव न लड़ने का फैसला क्यों किया था?
उन्होंने आधिकारिक चुनाव चिह्न न होने और कार्यकर्ताओं पर बन रहे दबाव के चलते सुबह चुनाव से हटने की बात कही थी।
रबीउल आलम ने अपना फैसला क्यों बदला?
ममता बनर्जी से सीधी बातचीत और नेतृत्व से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
रबीउल आलम किस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं?
वे पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशी हैं।
चुनावी प्रचार कब से शुरू हो रहा है?
फैसला बदलने के साथ ही रबीउल आलम ने शनिवार से ही चुनाव प्रचार शुरू करने का ऐलान किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp