बैंकिंग सिस्टम में 10 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी सोखने के लिए सरकारी बॉन्ड जारी करेगा रिजर्व बैंकशादी के सीजन में ग्राहकों से भरा न्यू क्लॉथ मार्केट, हाड़ौती भर से आ रहे लोगमुलेठी को मामूली जड़ी समझकर रोज खाना पहुंचा सकता है सेहत को नुकसानबैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि की उम्मीदों से जापानी येन में तेजी, अमेरिकी डॉलर पर दबावअमेरिकी डॉलर के सामने यूरो में लगातार कमजोरी, वैश्विक मुद्रा बाजारों में दिखा दबावलाजपत नगर से लापता युवराज की हत्या की गुत्थी सुलझी, पूर्व सहकर्मी अन्या और साथी संयम गिरफ्तारप्रशांत में पनपते अल नीनो से एशिया में खाद्य संकट की घंटी, करोड़ों जिंदगियों पर मंडराया सूखाआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अंधाधुंध रफ्तार थामने की मांग से दुनिया भर के टेक शेयरों में भारी गिरावटतेहरान की सड़कों पर हथियारों के साथ उतरी ईरानी जनता, छह महीने बाद भी अधूरा रहा अमेरिकी सत्ता परिवर्तन का मंसूबाप्रशांत द्वीपीय राष्ट्र फिजी ने एचआईवी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच राष्ट्रीय आपातकाल लगाया
अमेरिकी डॉलर के सामने यूरो में लगातार कमजोरी, वैश्विक मुद्रा बाजारों में दिखा दबावबाज़ार
19 सित॰ 2026, 2:04 pm (14 मिनट पहले)· 1

अमेरिकी डॉलर के सामने यूरो में लगातार कमजोरी, वैश्विक मुद्रा बाजारों में दिखा दबाव

लगातार पांचवें सत्र में गिरावट के बाद यूरो 1.1464 के स्तर पर आ गया है, जबकि वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की तेजी थमने से अन्य मुद्राओं और सोने में मिलाजुला रुख देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो लगातार पांच कारोबारी सत्रों से बिकवाली के दबाव में बनी हुई है। हालिया कारोबारी हलचलों में यूरो गिरकर 1.1464 के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें एक ही दिन में 0.68 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के दौरान यूरो टूटकर 1.1460 के निचले स्तर तक चला गया था, जिसने पिछले अहम तकनीकी सपोर्ट स्तरों को पीछे छोड़ दिया है। बाजार में लगातार बढ़ रही मंदी की गति के बीच अब कारोबारी 1.1435 और 1.1400 के संभावित स्तरों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा बिकवाली की स्थिति के चलते बहुत बड़ी गिरावट सीमित रहने के संकेत भी मिल रहे हैं।

यूरो में तकनीकी स्तर और मंदी की चाल

विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के ताजा आकलन के अनुसार, यूरो के लिए पहले 1.1520 के स्तर तक फिसलने का अनुमान लगाया गया था। उस समय नीचे की ओर जाने वाली गति धीमी पड़ने लगी थी, फिर भी 1.1520 की ओर जाने की संभावना बनी हुई थी। बाजार की चाल को देखते हुए 1.1490 का बड़ा समर्थन स्तर सुरक्षित रहने की उम्मीद थी, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि यूरो 1.1460 के निचले स्तर तक पहुंच गया। पिछले सत्रों में अत्यधिक बिकवाली की स्थितियों को देखते हुए निकट भविष्य में यूरो का उतार-चढ़ाव 1.1435 से 1.1505 के दायरे में सीमित रहने की संभावना है। इसका अर्थ यह है कि यूरो के लिए तुरंत 1.1435 से नीचे टिकना आसान नहीं होगा।

ये भी पढ़ें

मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के नजरिए पर गौर करें तो 15 सितंबर को जब हाजिर भाव 1.1550 पर था, तब 1.1490 की ओर फिसलने का जोखिम जताया गया था। इसके बाद आई 0.68 प्रतिशत की तेज गिरावट ने मंदी के रुझान को और पुख्ता कर दिया है। लगातार पांचवें दिन लाल निशान में बंद होने के बाद भी नीचे की ओर दबाव बना हुआ है। अब 1.1435 के स्तर तक गिरावट आने और उसके बाद यह कमजोरी 1.1400 तक खिंचने का अनुमान है। दूसरी तरफ, यदि किसी सुधार के तहत यूरो 1.1545 के स्तर को पार कर जाता है, तो यह माना जाएगा कि पिछले सप्ताह के अंत से शुरू हुआ मंदी का दबाव अब हल्का पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मजबूत प्रतिरोध 1.1585 के स्तर पर स्थित था।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से डॉलर की चाल पर ब्रेक

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आक्रामक और सख्त नीतिगत रुख ने डॉलर में जोरदार तेजी ला दी थी, जिसने अमेरिकी मुद्रा को जुलाई के अंत के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया था। हालांकि, गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर की इस तेजी पर कुछ ठहराव आया। डॉलर की रफ्तार धीमी पड़ते ही जोखिम उठाने की क्षमता वाले अन्य मुद्रा युग्मों को थोड़ी राहत मिली। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई मामूली गिरावट ने निवेशकों को डॉलर में मुनाफावसूली करने के लिए प्रेरित किया, जिससे अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों को सहारा मिला।

इसके बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत दृष्टिकोण और पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर में किसी बड़ी गिरावट को रोक सकता है। निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की तलाश में बने हुए हैं, जिससे डॉलर का आकर्षण बना हुआ है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लौटी खरीदारी

डॉलर की तेजी थमने और जोखिम धारणा में सुधार आने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नए खरीदार मिले हैं। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों से अतिरिक्त समर्थन मिला। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक बातचीत व प्रयासों की उम्मीदों ने वैश्विक जोखिम धारणा को बढ़ावा दिया, जिससे जोखिम के प्रति संवेदनशील मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में मजबूती देखने को मिली।

जापानी येन और बैंक ऑफ जापान की नीति

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का रुख भी उतार-चढ़ाव भरा रहा। गुरुवार को एशियाई सत्र में डॉलर-येन युग्म 156.00 के स्तर से नीचे जाने के बाद वापस संभलता दिखा। इससे पहले यह मुद्रा युग्म पिछले दिन करीब दो सप्ताह के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था, जहां उसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला टूटने के कगार पर आ गया था। फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद डॉलर सात सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य करने के तेज अनुमानों ने येन को सहारा दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब वित्तीय बाजारों की निगाहें शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले पर टिकी हुई हैं। जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेशों के वित्तपोषण में मदद की है। इसी वजह से जापानी येन दुनिया में सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। चूंकि अधिकांश प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की, वहीं जापान लंबे समय तक दुनिया का अपवाद बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह नीति सख्त किए जाने की संभावनाओं के साथ यह पुराना लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है।

सोने की कीमतों में सुधार

मुद्रा बाजार के इन उतार-चढ़ावों का असर बहुमूल्य धातुओं पर भी साफ देखने को मिला है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोने की कीमतों में सुधार का क्रम बना रहा। सोना पिछले कारोबारी दिन छुए गए करीब छह सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में हल्की नरमी आने से डॉलर में मुनाफावसूली हुई, जिसने गैर-यील्ड वाली पीली धातु को निचले स्तरों पर राहत दी। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के कड़े रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते सोने में बहुत बड़ी तेजी के सीमित रहने का दायरा बना हुआ है।

सवाल-जवाब

यूरो गिरकर किस स्तर पर पहुंच गया है?
यूरो में लगातार पांच दिनों की गिरावट दर्ज की गई है और यह 0.68 प्रतिशत टूटकर 1.1464 पर बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान इसने 1.1460 का निचला स्तर छुआ।
यूरो के लिए अगले प्रमुख सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार यूरो के लिए अगला संभावित गिरावट का स्तर 1.1435 है, जो आगे चलकर 1.1400 तक खिंच सकता है।
अमेरिकी डॉलर की हालिया तेजी क्यों थमी?
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई हल्की गिरावट के कारण डॉलर में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे उसकी तेजी पर अस्थायी ब्रेक लगा।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुधार का क्या कारण रहा?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रयासों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया।
बैंक ऑफ जापान के आगामी फैसले पर बाजार की नजर क्यों है?
बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरें सख्त करने की संभावना है, जिससे एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे सस्ते वैश्विक फंडिंग के दौर में बड़ा बदलाव आ सकता है।
सोने की कीमतों में क्या रुख देखा गया?
डॉलर में मुनाफावसूली और बॉन्ड यील्ड में नरमी के चलते सोना छह सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp