पश्चिम बंगाल के आसनसोल दक्षिण क्षेत्र में आने वाली निमचा कोलियरी में रविवार को दो बड़ी श्रमिक यूनियनों के बीच भारी तनाव देखने को मिला। कोलियरी परिसर में प्रवेश करने की बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि भारतीय मजदूर संघ (BMS) और हिंद मजदूर सभा (HMS) के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। इस घटना के बाद से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में काफी तनाव फैल गया, जिसके चलते हालात को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। यह पूरा क्षेत्र कोयला खदानों के लिए जाना जाता है, जहां अक्सर मजदूर यूनियनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिलती है, लेकिन इस बार का विवाद काफी उग्र हो गया।
कोलियरी के गेट पर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह जब BMS के सदस्य नियमों के तहत निमचा कोलियरी परिसर के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी HMS से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इस रोक-टोक को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों तरफ के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। उनके बीच तीखी नोकझोंक के बाद जमकर धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी, जिससे वहां काम कर रहे अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
BMS के स्थानीय पदाधिकारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से निमचा कोलियरी में कुछ दबंग तत्वों द्वारा अपनी मनमानी चलाई जा रही थी और साधारण श्रमिकों को परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि रविवार को हुई घटना इसी लंबे समय से चली आ रही दादागिरी का नतीजा है, जहां नियम के तहत प्रवेश कर रहे श्रमिकों को जबरन रोकने का प्रयास किया गया और अपनी मनमर्जी थोपने की कोशिश की गई।
देशविरोधी नारों के आरोप और पुलिस का हस्तक्षेप
BMS की तरफ से इस विवाद को लेकर एक और बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है। यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधियों का दावा है कि इस झड़प के दौरान विरोधी गुट की तरफ से वहां कथित रूप से देश विरोधी नारे भी लगाए जा रहे थे। जब BMS के कार्यकर्ताओं ने इन आपत्तिजनक नारों का पुरजोर विरोध किया, तो विवाद और अधिक हिंसक हो गया और बात हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गई।
इस हिंसक झड़प और तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस की एक बड़ी टीम तुरंत निमचा कोलियरी के लिए रवाना हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को एक-दूसरे से अलग किया और वहां जमा हुई उत्तेजित भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति पर पूरी तरह काबू पाया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल कोलियरी परिसर और उसके आसपास के इलाके में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से वहां पुलिस बल तैनात रखा गया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
HMS की प्रतिक्रिया का इंतजार और पुलिस जांच
इस पूरे घटनाक्रम और BMS द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर HMS का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। संपर्क न हो पाने के कारण इस विवाद और आरोपों पर HMS का नजरिया फिलहाल इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जा सका है।
कोयला खदान जैसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र में दो बड़ी श्रमिक यूनियनों के बीच इस तरह की हिंसक झड़प की घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा और चिंता व्यक्त की जा रही है। पुलिस ने पूरे मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वे घटनास्थल पर मौजूद रहे प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रहे हैं और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।



















