पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ आपसी झड़प और मारपीट के बाद एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की जान चली गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण वारदात में अपनी जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान बत्तीस वर्षीय शमशेर बिस्वास के रूप में की गई है। यह पूरी हिंसा शनिवार की सुबह मेदिनीपुर ग्रामीण इलाके के अंतर्गत आने वाले हाथीहालकर क्षेत्र में भड़की, जहाँ दो पक्षों के बीच तनाव हिंसक झड़प में बदल गया।
अस्पताल ले जाते समय हुआ दुखद अंत
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में शमशेर बिस्वास को घटनास्थल से बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, जब तक वे अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वहाँ तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अचानक हुई मौत से पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई है।
पार्टी के भीतर दो गुटों में उपजा विवाद
शुरुआती जानकारियों के अनुसार, यह खूनी संघर्ष किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं बल्कि पार्टी के भीतर के दो गुटों के आपसी मतभेदों के कारण हुआ है। पार्टी के पुराने सदस्यों और नए सदस्यों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इसी आंतरिक कलह के दौरान शमशेर बिस्वास और उनके कुछ अन्य साथियों पर विरोधी गुट के लोगों ने अचानक हमला बोल दिया, जिसने उग्र रूप ले लिया।
जिला नेतृत्व और पुलिस की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष सौमेन तिवारी ने कहा कि आखिर असलियत में क्या हुआ था और इस घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है, इसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही शिकायत मिलेगी और उसकी जांच पूरी होगी, उसके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्यूटाउन में हुई थी एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल मई महीने में भी राज्य के न्यूटाउन इलाके में ऐसी ही एक और खूनी वारदात को अंजाम दिया गया था, जहाँ एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता को सुनियोजित तरीके से घेरकर मौत के घाट उतार दिया गया था। उस मामले में मधु मंडल नामक भाजपा कार्यकर्ता अपनी जीत का जश्न मनाने के बाद घर लौट रहे थे और पार्टी का झंडा लगा रहे थे।
झंडा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
न्यूटाउन की घटना की शुरुआत तब हुई थी जब मधु मंडल अपने घर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर पार्टी का झंडा लगा रहे थे। उसी दौरान टीएमसी से जुड़े कमल नाम के एक कार्यकर्ता के साथ उनकी कहासुनी हो गई थी। हालांकि, उस समय दोनों पक्षों के बीच गरमा-गरमी होने के बाद मामला किसी तरह शांत हो गया था और वह विवाद वहीं खत्म हो गया था.
पत्थरबाजी के बाद अस्पताल में हुई थी मौत
लेकिन वह विवाद पूरी तरह थमा नहीं था। बाद में मधु मंडल को फोन करके दोबारा उसी स्थान पर बुलाया गया, जहाँ टीएमसी के कुछ स्थानीय बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और उन पर अंधाधुंध पत्थरबाजी शुरू कर दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था और स्थानीय निवासियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीमों को मौके पर उतारना पड़ा था।



















