पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने कुल 23 पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके तहत कई वरिष्ठ अफसरों की जिम्मेदारियों में फेरबदल हुआ है। कम समय के अंतराल में पुलिस महकमे में यह दूसरा बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है, क्योंकि इससे पहले सितंबर के मध्य में भी 23 अधिकारियों को पदोन्नत कर नई जगहों पर तैनात किया गया था। इस नए आदेश के बाद राज्य और कोलकाता पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरे नजर आएंगे।
देवेंद्र प्रकाश सिंह को मिली उत्तर बंगाल की कमान
जारी हुई आधिकारिक सूची के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर देवेंद्र प्रकाश सिंह को उत्तर बंगाल का आईजी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कोलकाता पुलिस के संयुक्त कमिश्नर यातायात सूर्य प्रताप यादव को राज्य पुलिस का डीआईजी आईबी बनाया गया है। वहीं कोलकाता पुलिस की प्रवर्तन शाखा की डिप्टी कमिश्नर पारस नीलांजलि को अब खुफिया विभाग यानी डीडी की डिप्टी कमिश्नर का प्रभार सौंप दिया गया है। इन महत्वपूर्ण बदलावों से प्रशासनिक कसावट लाने की तैयारी है।
शीर्ष प्रशासनिक स्तर पर भी हुआ बदलाव
कोलकाता पुलिस के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। आईपीएस सुधीर कुमार नीलकंठम को कोलकाता पुलिस का नया अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इससे पहले वह राज्य पुलिस की एसटीएफ के आईजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इन तमाम तबादलों से राजधानी से लेकर उत्तर बंगाल तक प्रशासनिक फेरबदल का दौर तेज हो गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
अन्य अधिकारियों की तैनाती की बात करें तो कौस्तुवदीप्त आचार्य को अलीपुरद्वार के जयगांव का अतिरिक्त एसपी बनाया गया है, जो इससे पहले दार्जिलिंग में इसी पद पर तैनात थे। सलीमा लामा को अलीपुरद्वार में मुख्यालय का अतिरिक्त एसपी नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्णिमा सेरपा को कालिमपोंग का अतिरिक्त एसपी बनाया गया है। इसके अलावा मालदा ग्रामीण के अतिरिक्त एसपी अभिषेक रे का तबादला कर उन्हें बीरभूम का अतिरिक्त एसपी नियुक्त किया गया है।
दूसरी ओर, मानाबेंद्र दास को कूचबिहार के माथाभंगा का अतिरिक्त एसपी और कुमला बरनाबास को मालदा ग्रामीण का नया अतिरिक्त एसपी बनाया गया है। प्रशासनिक गलियारों में इन ताबड़तोड़ तबादलों को काफी अहम माना जा रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाने की कवायद तेज हो गई है।





















