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आतंकवाद के नाम पर मासूमों का शिकार? अफगानिस्तान में पाकिस्तानी बमबारी को लेकर उठे गंभीर सवालदुनिया
21 जून 2026, 3:30 am (130 दिन पहले)· 1

आतंकवाद के नाम पर मासूमों का शिकार? अफगानिस्तान में पाकिस्तानी बमबारी को लेकर उठे गंभीर सवाल

अफगानिस्तान में हाल ही में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों में बच्चों सहित कई आम नागरिकों की मौत के बाद अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।

अफगानिस्तान में पिछले एक साल में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें मासूम बच्चों की संख्या भी काफी ज्यादा है। हाल ही में आई TrendKia की एक रिपोर्ट में अमेरिका से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई है। रिपोर्ट में कुछ अहम आंकड़े पेश करते हुए मांग की गई है कि वॉशिंगटन इस्लामाबाद की इस बेकाबू सैन्य कार्रवाई पर लगाम लगाए। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक महीने की शांति के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में फिर से हवाई हमले किए। इन नए हमलों में कम से कम 13 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं।

पाकिस्तान के दावों और ज़मीनी हकीकत में अंतर

इन हमलों को लेकर इस्लामाबाद ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया है कि उनकी सेना ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तानी प्रशासन के अनुसार, इस कार्रवाई में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े 26 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, TrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। रिपोर्ट में यह भी जोर दिया गया है कि वॉशिंगटन को पाकिस्तान से इन दावों के सबूत मांगने चाहिए और इन मौतों की एक स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की आड़ में बेकसूर अफगान नागरिकों की जान लेना किसी भी तरह से जायज ठहराया जा सकता है?

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पुरानी घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय चुप्पी पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने बिना किसी ठोस सबूत के TTP को निशाना बनाने के नाम पर ऐसे हमले किए हैं। इससे पहले मार्च में भी पाकिस्तानी हवाई हमलों ने काबुल में स्थित ओमिद ड्रग पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाया था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, उस हमले में लगभग 143 लोगों की जान चली गई थी। इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर इन हमलों की आलोचना बहुत कम देखने को मिली। यहां तक कि अमेरिका की ओर से भी इस पर नाममात्र की प्रतिक्रिया आई, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान और अमेरिका के आपसी रिश्ते और भी मजबूत हुए हैं।

पीड़ित परिवारों का दर्द और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

इस भयानक तबाही का गवाह बने अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के रहने वाले हाजी हाफिजुल्लाह ने अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि हमले के तुरंत बाद उन्होंने अपने बेटे और गांव के दूसरे लोगों के साथ मिलकर पूरी रात मलबे के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला। हाजी हाफिजुल्लाह ने कहा, "एक ही परिवार के सात मासूम बच्चे इस हमले में मारे गए, जिनकी उम्र महज 3 से 15 साल के बीच थी। उसी परिवार के एक पुरुष और एक महिला ने भी अपनी जान गंवा दी। वे सभी रात में सो रहे थे। उनका किसी भी आतंकी संगठन से कोई लेना-देना नहीं था। वे कोई लड़ाके नहीं थे, बल्कि बहुत ही गरीब और साधारण लोग थे।"

आतंकवाद से जंग के नाम पर मासूमों की मौत क्यों?

खोस्त के एक अन्य निवासी इस्मतुल्लाह ने आतंकवादियों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के दावे पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान सच में केवल आतंकियों से लड़ रहा है, तो फिर आज हमें इन मासूम बच्चों को क्यों दफनाना पड़ा? अगर ये बच्चे आतंकवादी थे, तो दुनिया को उनके हथियार दिखाइए और उनका अपराध साबित कीजिए। उनका केवल एक ही गुनाह था कि वे अफगान थे, गरीब थे और उस सीमा के करीब सो रहे थे जिस पर बमबारी करना पाकिस्तान अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझता है।"

TrendKia की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि तालिबान या TTP को लेकर पाकिस्तान का गुस्सा उसे अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों के भोले-भाले ग्रामीणों पर बम बरसाने का अधिकार नहीं देता। आतंकवाद विरोधी अभियानों को 'गरीब परिवारों की हत्या का लाइसेंस' नहीं माना जा सकता। इस्मतुल्लाह ने दुनिया से अपील करते हुए कहा कि वे इन मौतों को आम घटनाएं मानकर नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा, "हम यह नहीं कह रहे कि दुनिया हमारे लिए जंग लड़े, हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि लोग सच का साथ दें। खोस्त या पक्तिका में जान गंवाने वाला बच्चा या मां भी उतने ही कीमती हैं। अगर मानवाधिकारों की कोई अहमियत है, तो वे अफगान लोगों के लिए भी होने चाहिए।"

सवाल-जवाब

अफगानिस्तान में हाल ही में हुए हवाई हमलों में कितने नागरिक मारे गए?
UNAMA के अनुसार, अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों में कम से कम 13 नागरिकों की मौत हुई है और 10 लोग घायल हुए हैं।
पाकिस्तान ने इन हवाई हमलों को लेकर क्या दावा किया है?
पाकिस्तान का दावा है कि उसने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े 26 आतंकवादी मारे गए।
मार्च में काबुल के ओमिद ड्रग पुनर्वास केंद्र पर हुए हमले में कितने लोग मारे गए थे?
मार्च में हुए इस हमले में संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार लगभग 143 लोगों की मौत हुई थी।
हालिया हमलों में अफगानिस्तान के कौन से प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं?
इन हमलों और संघर्ष से मुख्य रूप से अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांत प्रभावित हुए हैं।
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