मंगलवार की सुबह इंडोनेशिया के लिए दहशत भरी रही, जब सेंट्रल सुलावेसी की धरती अचानक जोर से हिलने लगी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.7 दर्ज की गई। सबसे डरावनी बात यह रही कि पहला झटका कोई पल भर का नहीं था, बल्कि एक मिनट से भी ज्यादा देर तक लोग जमीन को कांपते हुए महसूस करते रहे। इतने लंबे झटके ने स्थानीय लोगों को घरों से बाहर भागने पर मजबूर कर दिया।
कहां था भूकंप का केंद्र
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र पालू शहर से 46 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था। पालू सेंट्रल सुलावेसी प्रांत की राजधानी है। भूकंप की गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे आंकी गई, जो इसे एक उथला भूकंप बनाती है और इसी वजह से झटके और भी तीव्रता से महसूस हुए। मुख्य झटके के बाद इलाके में 5.2 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया, जिसने पहले से सहमे लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी।
नुकसान को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं
इतने तेज झटकों के बावजूद फिलहाल किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। आफ्टरशॉक्स लगातार महसूस किए जाने से लोग खुले में और सतर्क बने हुए हैं, और अधिकारी हालात का जायजा ले रहे हैं।
इंडोनेशिया में क्यों इतने भूकंप आते हैं
दरअसल इंडोनेशिया कई भूकंपीय फॉल्ट लाइनों के ऊपर बसा हुआ है, इसी वजह से यहां भूकंप और ज्वालामुखी की हलचल रोजमर्रा की बात मानी जाती है। इतिहास इसकी गवाही देता है। जनवरी 2021 में सुलावेसी द्वीप के मामुजू शहर के पास 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 100 लोगों की जान चली गई थी। उस वक्त हजारों लोग आफ्टरशॉक्स के डर से कई दिनों तक अपने घरों में लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और रातें खुले में बितानी पड़ीं।
पड़ोस में फिलीपींस की त्रासदी
सुलावेसी का यह भूकंप ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले दक्षिणी फिलीपींस 7.8 तीव्रता के भयानक भूकंप की मार झेल चुका है। उस आपदा में कम से कम 32 लोगों की मौत हुई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए। भूकंप इतना तेज था कि इमारतें ढह गईं, जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं और समुद्र में सुनामी उठ खड़ी हुई, जिससे तटीय इलाकों में भारी तबाही मची।
अलर्ट पर पूरा क्षेत्र
दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकारी इस वक्त भूकंपीय गतिविधियों पर पल-पल नजर बनाए हुए हैं। उनकी साफ चेतावनी है कि बिना किसी पूर्व संकेत के तेज भूकंप और आफ्टरशॉक कभी भी आ सकते हैं। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसियां जमीनी स्थिति का आकलन कर रही हैं, लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील कर रही हैं और भूकंप तथा सुनामी से जुड़े ताजा अपडेट लगातार साझा कर रही हैं।













