ब्रिटेन की रहने वाली एक महिला की अमेरिका यात्रा का अंत बेहद खौफनाक वारदात के साथ हुआ। 32 साल की सोनिया एक्सेलबी का शव फ्लोरिडा के एक सुनसान जंगल से बरामद किया गया, जिसके शरीर पर चाकू के चार गंभीर घाव मिले। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला इंटरनेट पर बने एक अजीबोगरीब संपर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ है। सोनिया इंग्लैंड से सीधे फ्लोरिडा पहुंची थीं, जहां उनकी मुलाकात एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से हुई। प्राथमिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह घटना पूर्व नियोजित समझौते और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जटिल परिस्थितियों का परिणाम हो सकती है।
इंटरनेट पर हुई पहचान और अमेरिका यात्रा की योजना
मामले की गहराई से जांच कर रही एजेंसियों के मुताबिक, सोनिया एक्सेलबी की पहचान 53 वर्ष के ड्वेन हॉल से एक फेटिश वेबसाइट के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक ऑनलाइन माध्यमों से लगातार बातचीत चलती रही। फॉरेंसिक जांच के दौरान सोनिया के कंप्यूटर से मिले डिजिटल सबूतों ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही थीं। जांचकर्ताओं का दावा है कि वह अमेरिका में ऐसे लोगों की तलाश में थीं जो उनकी खतरनाक सोच को पूरा करने में रुचि रखते हों। इसी दौरान उनकी मुलाकात ड्वेन हॉल से हुई, जिसने अपने ऊपर 10000 अमेरिकी डॉलर का टैक्स बकाया होने की बात कही थी।
बातचीत के दौरान सोनिया ने ड्वेन हॉल को 4000 अमेरिकी डॉलर देने की सहमति जताई थी। अधिकारियों का मानना है कि यह वित्तीय भुगतान उस खौफनाक समझौते की शर्त का हिस्सा था जिसके तहत हॉल सोनिया की इच्छाओं को अंजाम देने पर राजी हुआ था। इस योजना के तहत सोनिया 10 अक्टूबर, 2025 को इंग्लैंड से उड़ान भरकर फ्लोरिडा पहुंचीं। उन्होंने सुरक्षा के तौर पर वापसी का टिकट भी पहले से बुक करा रखा था। फ्लोरिडा के हवाई अड्डे पर ड्वेन हॉल खुद सोनिया को लेने पहुंचा और वहां से उन्हें एक दूरदराज इलाके में बने एकांत कॉटेज में ले गया। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हॉल ने सोनिया के आगमन से पहले ही एक फावड़ा, मजबूत रस्सी और धारदार चाकू से जुड़ा सामान खरीदकर रख लिया था।
कॉटेज में कैद और डिसाइफर्ड संदेशों से हुआ खौफनाक खुलासा
एकांत कॉटेज में पहुंचने के कुछ ही समय बाद सोनिया एक्सेलबी को स्थिति की भयावहता का अहसास होने लगा था। वहां से उन्होंने डिस्कॉर्ड प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपने एक ऑनलाइन दोस्त को कई संदेश भेजे, जिनमें भारी डर और घबराहट साफ झलक रही थी। सोनिया ने लिखा कि उन्हें शुरुआत में लगा था कि सब कुछ बहुत जल्दी और आसानी से समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं और वह बेहद डरी हुई हैं। उन्होंने अपने दोस्त को बताया कि ड्वेन हॉल ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया है और कॉटेज से बाहर निकलने का कोई भी रास्ता नहीं छोड़ा है। सोनिया ने अपने अंतिम संदेश में लिखा, "मैं बहुत डरी हुई हूं... मेरा समय खत्म हो गया है।"
इसके बाद सोनिया का अपने परिचितों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। घटना के 5 दिन बाद पुलिस और जांच टीमों ने कॉटेज के आसपास के जंगल में तलाशी अभियान चलाया, जहां एक उथली कब्र में सोनिया एक्सेलबी का शव बरामद हुआ। शव का पोस्टमार्टम करने पर शरीर पर चाकू से किए गए चार वार के निशान पाए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्वेन हॉल के पास से जब्त किए गए चाकू पर सोनिया के खून के नमूने मिले हैं, जो अपराध स्थल पर उसकी मौजूदगी और संलिप्तता की पुष्टि करते हैं।
सबूतों की बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस को एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी हाथ लगी, जो आरोपी के डिजिटल उपकरणों से डिलीट कर दी गई थी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस वीडियो को सफलतापूर्वक रिट्रीव कर लिया। वीडियो में ड्वेन हॉल सोनिया से जबरन यह बयान दिलवाता हुआ दिख रहा है कि वह अपनी स्वतंत्र इच्छा से वहां आई हैं और अपनी मर्जी से यह कदम उठा रही हैं। इस वीडियो साक्ष्य को अदालत में अहम सबूत माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद जेल में पूछताछ के दौरान ड्वेन हॉल ने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि उसने कोई कानून नहीं तोड़ा है और वह केवल वही कर रहा था जो सोनिया चाहती थीं। हालांकि, सोनिया एक्सेलबी के परिवार के सदस्यों ने आरोपी के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि मानसिक अस्वस्थता का फायदा उठाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।


















