पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बड़ा आतंकी हमला हुआ है। बन्नू जिले स्थित मिरयान पुलिस स्टेशन को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया। हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को सीधे पुलिस थाने की इमारत से टकरा दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि थाने का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और चारों तरफ तबाही मच गई।
विस्फोट के बाद अंधाधुंध गोलीबारी
विस्फोट के तुरंत बाद, हथियारबंद आतंकवादियों ने पुलिस थाने में घुसने के लिए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यह परिसर केवल एक सामान्य पुलिस चौकी नहीं था, बल्कि यहां सुरक्षा बल के जवान, पुलिसकर्मी और स्थानीय शांति समिति के सदस्य संयुक्त रूप से तैनात थे। इस भीषण हमले में कम से कम 14 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई है, जिनमें से आठ पुलिस विभाग के थे और छह अन्य सुरक्षा बलों से जुड़े हुए थे। दर्जनों घायलों को इलाज के लिए बन्नू सिविल अस्पताल ले जाया गया है, जहां कई लोगों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
सुरक्षा बलों का कड़ा मुकाबला
धमाके के कारण मची अफरा-तफरी के बावजूद अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हार नहीं मानी। उन्होंने पूरी बहादुरी से आतंकियों का सामना किया और उन्हें इमारत पर कब्जा करने से रोक दिया। घंटों तक चली इस गोलाबारी के दौरान जवानों ने हमलावरों को परिसर में घुसने से रोके रखा। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके को घेर लिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वहां भेजा गया। वर्तमान में, पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की धर-पकड़ के लिए एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आतंकी दावों की पुष्टि का इंतजार
हमले की जिम्मेदारी इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नामक एक आतंकवादी संगठन ने ली है। संगठन ने बयान जारी कर दावा किया है कि आत्मघाती हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन में लगभग ढाई टन विस्फोटक मौजूद थे, जिससे सुरक्षा केंद्र का अधिकांश ढांचा नष्ट हो गया। हालांकि इन दावों की किसी स्वतंत्र माध्यम से पुष्टि होना अभी बाकी है। दूसरी ओर, खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन अभी भी हमले के विस्तृत विवरण और हमलावरों के सटीक आंकड़ों की जांच कर रहा है।











