वेनेजुएला में चंद सेकंड के अंतराल पर आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन झटकों के बाद वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया गया है और सरकार ने जान-माल के नुकसान की पुष्टि की है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शुरुआती आकलन में मरने वालों की संख्या हजारों से लेकर एक लाख तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
एक सप्ताह तक आते रहेंगे झटके
भूकंप के बाद वेनेजुएला पर खतरा अभी टला नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक हफ्ते तक यहां 3, 4 और 5 तीव्रता के आफ्टरशॉक आते रहने की पूरी आशंका बनी हुई है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विशेषज्ञ वॉशन राइट के मुताबिक आने वाले एक सप्ताह में आफ्टरशॉक आने की 99 प्रतिशत संभावना है। उन्होंने कहा कि 3 और 4 तीव्रता के झटके तो लगभग तय हैं, वहीं 5 तीव्रता का झटका आने की आशंका भी 90 प्रतिशत से ज्यादा है। हालांकि राइट ने यह राहत भरी बात भी कही कि अगले एक हफ्ते के भीतर 6 या 7 तीव्रता का कोई और बड़ा भूकंप आने की संभावना बहुत कम है।
एक लाख तक जा सकता है मौत का आंकड़ा
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इस आपदा को लेकर बेहद डराने वाली चेतावनी दी है। एजेंसी ने अपने शुरुआती आकलन में कहा है कि इस ताकतवर भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर जनहानि और भारी तबाही की आशंका है। USGS के मुताबिक मरने वालों की संख्या 10 हजार से लेकर 1 लाख तक पहुंच सकती है। एजेंसी ने आगाह किया है कि इस आपदा में बड़े स्तर पर जान और संपत्ति दोनों का नुकसान होने का अंदेशा है।
इमारतों के गिरने और आग का सबसे बड़ा खतरा
इतने तेज झटकों के बाद असली खतरा अब शुरू होता है। कैलटेक की भूकंप विशेषज्ञ डॉ. लूसी जोन्स ने कहा कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद सबसे बड़ा और तत्काल खतरा इमारतों और दूसरे ढांचों के ढहने का होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि घनी आबादी वाले इलाकों में तेज झटकों की वजह से गैस पाइपलाइन फट सकती हैं और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। इसका नतीजा यह होता है कि बड़े पैमाने पर आग लगने का खतरा खड़ा हो जाता है, जो तबाही को और बढ़ा देता है।
लैटिन अमेरिका के देश वेनेजुएला के साथ खड़े
इस त्रासदी के बाद लैटिन अमेरिका के कई देश वेनेजुएला के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। अल सल्वाडोर, मेक्सिको, ब्राजील, बोलीविया, कोस्टा रिका और चिली समेत कई देशों ने समर्थन और एकजुटता दिखाई है। अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में उनका देश वेनेजुएला के लोगों के साथ है और प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहा है। मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने भी इस नुकसान पर गहरा दुख जताते हुए एकजुटता दिखाई। ब्राजील ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की, तो बोलीविया ने प्रभावित लोगों के जल्द राहत और पुनर्वास की उम्मीद जताई। कोस्टा रिका ने पूरे दिल से वेनेजुएला के साथ खड़े होने की बात कही, जबकि चिली सरकार ने जरूरत पड़ने पर मानवीय मदद और बचाव अभियान में सहयोग देने की पेशकश की है।
कराकास समेत कई इलाकों में ठप हुआ इंटरनेट
भूकंप ने वेनेजुएला के बिजली और टेलीकॉम ढांचे को भी तगड़ा नुकसान पहुंचाया है। इसकी वजह से राजधानी कराकास समेत कई इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी तेजी से गिर गई है। इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक भूकंप के बाद वेनेजुएला में इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और राजधानी कराकास सहित कई हिस्सों में कनेक्टिविटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
एक ही दिन तीन देशों में भूकंप, क्या है कनेक्शन
हैरानी की बात यह रही कि एक ही दिन जापान, वेनेजुएला और अमेरिका तीनों जगह तेज भूकंप आए, जिसके बाद सवाल उठने लगा कि कहीं इन तीनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध तो नहीं। विशेषज्ञों का साफ जवाब है, नहीं। एक ही दिन जापान में 6.9, वेनेजुएला में 7.5 और 7.2 तथा अमेरिका के कैलिफोर्निया में 5.6 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। डॉ. लूसी जोन्स के मुताबिक इन तीनों भूकंपों का आपस में कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि ये भूकंप अलग-अलग फॉल्ट सिस्टम और टेक्टोनिक प्लेट सीमाओं पर आए हैं, इसलिए एक भूकंप ने दूसरे को ट्रिगर नहीं किया। उनका कहना है कि हजारों किलोमीटर दूर आए बड़े भूकंप आम तौर पर दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में बड़े भूकंप की आशंका नहीं बढ़ाते। डॉ. जोन्स ने समझाया कि इन इलाकों में दशकों या सदियों से भूगर्भीय दबाव जमा हो रहा था और सक्रिय प्लेट सीमाओं पर ऐसे बड़े भूकंप एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं, हालांकि इनके आने का ठीक-ठीक समय पहले से बता पाना मुमकिन नहीं है।
देश में राष्ट्रीय आपातकाल का ऐलान
लगातार आए इन दो जोरदार भूकंपों के बाद वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को आए इन दो भूकंपों के बाद देश में आपातकाल लगाने का ऐलान किया। टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस आपदा में लोगों की जान गई है और जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति उन्होंने गहरी संवेदना जताई। हालांकि उन्होंने मरने वालों की कोई संख्या नहीं बताई।













