अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले राष्ट्रपति चुनाव में अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने के विषय पर सस्पेंस गहरा दिया है। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में जब उनसे पूछा गया कि क्या उपराष्ट्रपति जेडी वेंस उनके उत्तराधिकारी होंगे, तो ट्रंप ने उन्हें सीधे तौर पर अपनी सार्वजनिक मंजूरी देने से साफ परहेज किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस तरह के गंभीर विषय पर फिलहाल कोई भी राय जाहिर करना बहुत जल्दबाजी होगी। इस प्रतिक्रिया ने अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में नए कयासों को जन्म दे दिया है, क्योंकि इससे पहले ट्रंप अपने उपराष्ट्रपति की भूमिका को लेकर काफी सकारात्मक रुख प्रदर्शित करते रहे थे।
मध्यावधि चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने की दी सलाह
ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उनके और जेडी वेंस के बीच 2028 के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर अब तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने वेंस के व्यक्तिगत गुणों की सराहना करने में कोई कंजूसी नहीं दिखाई, लेकिन उम्मीदवारी के आधिकारिक समर्थन के मुद्दे पर बेहद सधी हुई दूरी बनाए रखी। ट्रंप के अनुसार, जेडी वेंस एक बेहद प्रतिभाशाली शख्सियत हैं और एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं, लेकिन अभी इस दिशा में चर्चा शुरू करने का उपयुक्त समय नहीं आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश और प्रशासन के सामने पहले मध्यावधि चुनाव की चुनौती है, जिससे गुजरने के बाद ही आगे की राजनीतिक तस्वीर का आकलन किया जाएगा।
यह रुख पिछले बयानों की तुलना में थोड़ा भिन्न प्रतीत होता है, जहां ट्रंप ने वेंस को अपने आंदोलन के सबसे प्रबल दावेदार के रूप में देखा था। पिछले साल उन्होंने संकेत दिया था कि जेडी वेंस उनके मेक अमेरिका ग्रेट अगेन अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सबसे स्वाभाविक और संभावित चेहरा हो सकते हैं। उस समय भी उन्होंने यह स्वीकार किया था कि भविष्य की योजनाओं पर मुहर लगाना समय से पहले का कदम होगा, लेकिन साथ ही यह भी माना था कि वेंस अपने काम को बेहतरीन तरीके से अंजाम दे रहे हैं और वह पहली पसंद बने हुए हैं। ताजा बयानों के बाद विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति भविष्य के समीकरणों को पूरी तरह खुला रखना चाहते हैं।
जेडी वेंस का 2028 को लेकर अपना रुख
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पूर्व में दिए गए एक साक्षात्कार में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर संतुलित बयान दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्होंने वर्ष 2028 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में उतरने को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, वेंस ने यह भरोसा जरूर जताया था कि यदि वह भविष्य में उम्मीदवारी का फैसला करते हैं, तो उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का पूरा राजनीतिक समर्थन और आशीर्वाद प्राप्त होगा। अब ट्रंप द्वारा सीधे समर्थन से बचने के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
फ्रांस के राजनीतिक हालात और मरीन ले पेन पर राय
पत्रकारों के साथ इस चर्चा के दौरान ट्रंप ने यूरोप और विशेषकर फ्रांस के आंतरिक राजनीतिक हालात पर भी अपनी टिप्पणी रखी। फ्रांस में आप्रवासन नीतियों के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि पश्चिमी यूरोप में हालात इसी गति से बिगड़ते रहे, तो पूरे महाद्वीप के सांस्कृतिक और सामाजिक अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इस संकट के समाधान के लिए कड़े फैसलों और सख्त नीतियों की जरूरत पर बल दिया गया।
इसी संदर्भ में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह फ्रांस के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन का समर्थन करने का विचार रखते हैं, तो उन्होंने किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत तौर पर वह ले पेन को नहीं जानते हैं और न ही कभी दोनों की व्यक्तिगत मुलाकात हुई है। इसके बावजूद, उन्होंने फ्रांस की राजनीति में ले पेन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वह वहां कंजर्वेटिव विचारों की एक मजबूत आवाज बनकर उभरी हैं। ट्रंप के इस रुख से साफ है कि वह घरेलू उत्तराधिकार से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गठबंधनों तक अपने सभी रास्ते खुले रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।



















