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वैश्विक प्यू रिसर्च सर्वे में भारत की साख बढ़ी, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से अमेरिका की साख में गिरावटदुनिया
14 अग॰ 2026, 11:09 pm (59 मिनट पहले)· 1

वैश्विक प्यू रिसर्च सर्वे में भारत की साख बढ़ी, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से अमेरिका की साख में गिरावट

प्यू रिसर्च के ताजा वैश्विक सर्वे में खुलासा हुआ है कि कई देशों में भारत की लोकप्रियता बढ़ी है, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिका पर से दुनिया का भरोसा कम हुआ है।

दुनिया भर में जनमत का अध्ययन करने वाले प्रमुख संस्थान प्यू रिसर्च के ताजा आंकड़े अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। नवीनतम वैश्विक सर्वेक्षण के निष्कर्षों से पता चलता है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल और उनके फैसलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की साख में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, भारत और चीन जैसी उभरती हुई वैश्विक शक्तियों के प्रति दुनिया भर के लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। अमेरिका के भीतर भी परिस्थितियां काफी चिंताजनक दिखाई दे रही हैं, जहां की 83 प्रतिशत आबादी अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और हतोत्साहित महसूस कर रही है। प्यू रिसर्च का यह सर्वे वैश्विक कूटनीति के बदलते समीकरणों पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है।

विभिन्न देशों में भारत की मजबूत स्थिति और आंकड़े

वैश्विक स्तर पर भारत की छवि काफी मजबूत हुई है और कई प्रमुख पश्चिमी तथा एशियाई देशों में भारत के प्रति लोगों का बेहद सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिला है। सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि भारत के पड़ोस में स्थित देश श्रीलंका में सर्वाधिक 79 प्रतिशत लोग भारत के पक्ष में अपनी राय रखते हैं। यूरोपीय महाद्वीप की बात करें तो ब्रिटेन के 71 प्रतिशत लोग भारत के बारे में अनुकूल और सकारात्मक राय रखते हैं, जो पश्चिमी देशों में सबसे अधिक है। इसके अलावा अन्य विकसित और प्रमुख देशों में भी भारत की रेटिंग काफी ऊंची दर्ज की गई है

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  • जर्मनी में 63 प्रतिशत लोगों की राय भारत के प्रति सकारात्मक है।
  • इजरायल में 60 प्रतिशत लोग भारत को पसंद करते हैं।
  • इटली में 56 प्रतिशत लोग भारत के प्रति अच्छा दृष्टिकोण रखते हैं।
  • जापान में 55 प्रतिशत नागरिक भारत को पसंद करते हैं।
  • कनाडा में 51 प्रतिशत लोगों की राय भारत के अनुकूल है।
  • अमेरिका में भी 45 प्रतिशत लोग भारत के बारे में सकारात्मक विचार रखते हैं।

ट्रंप की नीतियों की आलोचना और शी जिनपिंग से तुलना

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार बदलते फैसलों और अचानक लिए जाने वाले यू-टर्न ने दुनिया के कई हिस्सों में अमेरिका की छवि को प्रभावित किया है। प्यू रिसर्च ने जब दुनिया के 36 अलग-अलग देशों में प्रेसिडेंट ट्रंप की नीतियों और उनके नेतृत्व के संबंध में जनमत का आकलन किया, तो नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे। इस सर्वेक्षण में शामिल 36 देशों में से केवल 8 देशों के लोगों ने ही ट्रंप के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। बाकी 28 देशों में उनके प्रति जनभावना काफी नकारात्मक पाई गई। ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, कनाडा, स्पेन, जर्मनी, नीदरलैंड्स, इटली, स्वीडन और तुर्की जैसे महत्वपूर्ण देशों में जनता ने उनके नेतृत्व को लेकर नकारात्मक राय जाहिर की। सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह भी स्पष्ट हुआ कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग पर लोगों ने ट्रंप की तुलना में अधिक भरोसा व्यक्त किया है।

चीन के प्रति बदलती राय और अमेरिकी युवाओं का नजरिया

अमेरिकी प्रशासन द्वारा चीन को निशाना बनाने के मकसद से टैरिफ वॉर शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद चीन के प्रति वैश्विक जनमानसिकता में अलग तरह का बदलाव देखा जा रहा है। अमेरिका के युवा नागरिकों की राय भी अब चीन को लेकर बदलने लगी है और वे चीन के प्रति पहले से अधिक लचीला दृष्टिकोण अपना रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिका के नजदीकी पड़ोस में स्थित देश भी अब चीन को एक पक्के और भरोसेमंद दोस्त के रूप में देखने लगे हैं, जिससे अमेरिकी विदेश नीति के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।

रूस और अमेरिका पर भारतीय जनमत का विभाजन

सर्वेक्षण में भारतीय नागरिकों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को लेकर राय का एक दिलचस्प पहलू सामने आया है। प्यू रिसर्च के सर्वे के अनुसार, भारत में 36 प्रतिशत लोग रूस को अपने देश का सबसे भरोसेमंद वैश्विक साथी मानते हैं। इसके मुकाबले, अमेरिका को अपना सबसे भरोसेमंद साथी मानने वाले भारतीयों की संख्या केवल 16 प्रतिशत है। यह 20 प्रतिशत का बड़ा अंतर यह दर्शाता है कि भारतीय जनमानस में रूस के साथ पारंपरिक रणनीतिक संबंधों के प्रति विश्वास आज भी काफी गहरा है।

सवाल-जवाब

प्यू रिसर्च के सर्वे में भारत के बारे में क्या नतीजे सामने आए हैं?
सर्वे के अनुसार श्रीलंका में 79 प्रतिशत, ब्रिटेन में 71 प्रतिशत, जर्मनी में 63 प्रतिशत और इजरायल में 60 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक राय रखते हैं।
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बारे में कितने देशों में सकारात्मक राय पाई गई?
सर्वे में शामिल 36 देशों में से केवल 8 देशों के लोगों ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के प्रति सकारात्मक रुख जताया, जबकि 28 देशों में उनकी छवि नकारात्मक पाई गई।
अमेरिका के कितने नागरिकों का अपनी सरकार से मोहभंग हुआ है?
प्यू रिसर्च के अनुसार अमेरिका के 83 प्रतिशत लोग अपनी देश की सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं।
भारतीय नागरिक रूस और अमेरिका में से किसे अधिक भरोसेमंद साथी मानते हैं?
भारत में 36 प्रतिशत लोग रूस को अपने देश का सबसे भरोसेमंद वैश्विक साथी मानते हैं, जबकि केवल 16 प्रतिशत लोग अमेरिका के बारे में यह राय रखते हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 मिनट पहले

प्यू रिसर्च का यह वैश्विक सर्वेक्षण भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है, विशेषकर जब श्रीलंका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में उच्च सकारात्मक रेटिंग दर्ज की गई है। हालांकि, अमेरिका और चीन के नेतृत्व को लेकर उभरे नए समीकरण वैश्विक राजनीति में भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की परीक्षा लेंगे। आने वाले समय में पश्चिमी देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना भारत के लिए सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती होगी।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·30 मिनट पहले

प्यू रिसर्च के आंकड़े अमेरिकी घरेलू असंतोष और बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। श्रीलंका से लेकर ब्रिटेन तक भारत की बढ़ती स्वीकार्यता वाशिंगटन के लिए चिंता का विषय बन सकती है। आने वाले समय में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के नीति निर्माताओं को अमेरिकी प्रभाव को बनाए रखने के लिए अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना होगा, क्योंकि वैश्विक मंच पर नेतृत्व का संतुलन तेजी से बदल रहा है।

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