भारत और पाकिस्तान के बीच राजनैतिक रिश्तों की कड़वाहट दोनों देशों की आवाम के दिलो-दिमाग पर गहरा असर डालती दिख रही है। हाल ही में जारी प्यू रिसर्च सेंटर के स्प्रिंग 2026 ग्लोबल एटीट्यूड्स सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि सरहद के दोनों पार रहने वाले नागरिकों में एक-दूसरे के प्रति बेहद प्रतिकूल और नकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है। जहां पाकिस्तान की बहुसंख्यक आबादी भारत को लेकर सख्त नापसंदगी जाहिर करती है, वहीं भारत में भी अधिकांश लोग पड़ोसी देश को लेकर नकारात्मक राय रखते हैं। यह आंकड़े साफ करते हैं कि कूटनीतिक तनाव का असर दोनों देशों के जनमानस पर बहुत गहरा पड़ा है।
पाकिस्तान में भारत के प्रति नकारात्मकता का ऊंचा स्तर
प्यू रिसर्च सेंटर के नए आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान की वयस्क आबादी में भारत के प्रति नकारात्मक सोच का स्तर काफी अधिक पाया गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वहां के 91 फीसदी वयस्क नागरिक भारत को बेहद प्रतिकूल या नकारात्मक नजरिए से देखते हैं। केवल 7 फीसदी पाकिस्तानी वयस्कों ने ही भारत के प्रति किसी तरह का अनुकूल या सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। इस आंकड़े से स्पष्ट है कि पड़ोसी देश की जनता के बीच भारत को लेकर सकारात्मक भाव बेहद सीमित है।
पाकिस्तान में भारत के प्रति इस सख्त रवैये को अगर गहराई से समझा जाए, तो 73 फीसदी लोगों ने माना कि वे भारत के प्रति बहुत प्रतिकूल राय रखते हैं। वहीं 18 फीसदी नागरिकों ने कहा कि वे भारत के प्रति कुछ हद तक प्रतिकूल सोच रखते हैं। यानी कुल मिलाकर 91 फीसदी का विशाल आंकड़ा भारत विरोधी भावना या नापसंदगी की श्रेणी में आता है।
भारत में पाकिस्तान को लेकर नागरिकों का दृष्टिकोण
दूसरी तरफ भारत के नागरिकों में भी पाकिस्तान को लेकर व्यापक स्तर पर नकारात्मक भावनाएं मौजूद हैं। सर्वे के अनुसार भारत के 78 फीसदी वयस्क पाकिस्तान के प्रति प्रतिकूल दृष्टिकोण रखते हैं। इसके विपरीत मात्र 8 फीसदी भारतीयों ने ही पाकिस्तान के प्रति किसी प्रकार का उदार या अनुकूल नजरिया व्यक्त किया है। यह डेटा दिखाता है कि भारतीय जनमानस में भी पड़ोसी मुल्क के प्रति अविश्वास और नापसंदगी का माहौल काफी मजबूत है।
भारतीयों के इस रुख का बारीक विश्लेषण करें तो 65 फीसदी वयस्क नागरिकों ने पाकिस्तान के प्रति बहुत प्रतिकूल राय जाहिर की है। इसके अतिरिक्त 13 फीसदी नागरिकों का कहना है कि वे पाकिस्तान को लेकर कुछ हद तक प्रतिकूल नजरिया रखते हैं। इस प्रकार कुल 78 फीसदी भारतीय पाकिस्तान के खिलाफ नकारात्मक राय रखते हैं, जो दोनों देशों के बीच जनता के स्तर पर कायम गहरी खाई को प्रदर्शित करता है।
राजनैतिक तनाव और जनमानस पर उसका प्रभाव
प्यू रिसर्च सेंटर के यह आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रिश्ते लंबे समय से खिंचाव और तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच आधिकारिक वार्ता की कमी, सीमा पार के मुद्दों और कूटनीतिक गतिरोध ने आम नागरिकों की सोच को भी गहराई से प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनैतिक और कूटनीतिक स्तर पर जारी कड़वाहट का सीधा असर जनता के नजरिए पर पड़ता है, जिससे दोनों देशों की आवाम में एक-दूसरे के प्रति अविश्वास की भावना और मजबूत होती है। सर्वे के निष्कर्ष इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि जब तक कूटनीतिक मोर्चे पर रिश्ते सामान्य नहीं होते, तब तक जनमानस की राय में सुधार की गुंजाइश बेहद कम नजर आती है।



















