फ्रांस में दशकों के सबसे गंभीर नागरिक असंतोष और व्यापक दंगों के बाद प्रशासन ने डिजिटल और ई-कॉमर्स मंचों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डिजिटल मामलों की मंत्री एन ले हानाफ ने सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों को मंगलवार को एक आपातकालीन बैठक में तलब किया। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मंचों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाना था कि वे अपनी वेबसाइटों और ऐप्स पर लाइवस्ट्रीम वीडियो सहित सभी सामग्रियों की सख्त निगरानी करें। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि ऐसी किसी भी हिंसक सामग्री या संदेशों को तुरंत हटाया जाए, जो लोगों को कानून व्यवस्था तोड़ने या लागू किए गए कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए उकसाते हों।
सर्च नतीजों में भ्रामक सामग्री और संभावित कृत्रिम तस्वीरें
प्रदर्शनों के डिजिटल प्रसार की पड़ताल करने पर यह सामने आया कि टिकटॉक जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर 'ब्लोकस' यानी नाकेबंदी शब्द खोजने पर ऐसे कई वीडियो आ रहे हैं जो संभावित रूप से बदले हुए या कृत्रिम मेधा (AI) द्वारा तैयार किए गए प्रतीत होते हैं। इनमें एक प्रदर्शनकारी का पिंक पैंथर पोशाक वाला वीडियो भी इंटरनेट पर काफी तेजी से प्रसारित हुआ। इसके अलावा इसी कीवर्ड का उपयोग 24 अक्टूबर के लिए तय विरोध प्रदर्शनों के 'एक्ट II' को बढ़ावा देने के लिए भी किया जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्लेटफॉर्म ने इस सर्च शब्द पर तेजी से बदलती स्थिति से जुड़ी एक चेतावनी चस्पा कर दी है। इस चेतावनी में उपयोगकर्ताओं को आगाह किया गया है कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और उपलब्ध जानकारी असत्यापित, अधूरी, गलत या परिवर्तनशील हो सकती है, इसलिए सामग्री देखते समय सावधानी बरतें और सामुदायिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले पोस्ट की सूचना दें।
लूटे गए सामान की ऑनलाइन बिक्री पर शिकंजा
हिंसा के दौरान हुई लूटपाट से निपटने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित की गई थी। लघु और मध्यम उद्यम मामलों के मंत्री सर्ज पापिन ने पुष्टि की कि प्रमुख ऑनलाइन रीसेलिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ एक औपचारिक समझौता हुआ है। इस बैठक में विंटेड, ईबे, अमेज़न, लेबॉनकॉइन, मेटा और टिकटॉक जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस समझौते के तहत ये सभी प्लेटफॉर्म दंगों के दौरान विशेष रूप से चोरी हुए सामानों के विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखेंगे, ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे जांचकर्ताओं को सौंपेंगे और प्रशासन को अपनी कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट भेजेंगे। कंपनियों को अपनी पहली अनुपालन रिपोर्ट 48 घंटों के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।
महंगाई के विरोध से शुरू हुआ उग्र आंदोलन
यह पूरा गतिरोध शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुआ था, जहां नागरिक बढ़ती जीवन लागत और स्कूलों जैसी चरमराती सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे। हालांकि, सप्ताहांत तक यह आंदोलन अचानक बेहद उग्र हो गया और 1,500 से अधिक दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुईं। आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज ने स्वीकार किया कि कुछ शहरों में पुलिस ने नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछारें और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक 2,400 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
सख्त कानूनी सजा और ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं की रणनीति
फ्रांसीसी दंड संहिता के तहत किसी अपराध या अवैध तरीके से हासिल की गई वस्तु को छिपाने, अपने पास रखने या किसी अन्य को हस्तांतरित करने पर पांच साल की जेल और 3,75,000 यूरो के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान है। दंगों के बाद नीदरलैंड्स में भी पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए आगाह किया है कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर चोरी का सामान बिकने के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
फ्रांस में ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन 'फ्रेंच अलायंस ऑफ मार्केटप्लेस', जिसमें बैक मार्केट, ईबे, एटीसी, लेबॉनकॉइन, मैनोमैनो और विंटेड शामिल हैं, ने स्पष्ट किया है कि उनके सदस्य लूटे गए सामानों के विज्ञापनों की पहचान के लिए तकनीकी उपकरणों, इंसानी निगरानी और उपयोगकर्ता रिपोर्टों का सहारा ले रहे हैं। ईबे ने एक बयान में कहा कि जैसे ही किसी फर्जी या संदिग्ध विज्ञापन की पहचान होती है, उसे तुरंत हटा दिया जाता है और संबंधित खाते पर कड़ी कार्रवाई की जाती है, जिसमें विक्रेता खाते को स्थायी रूप से निलंबित करना भी शामिल है। कंपनी के अनुसार किसी रिपोर्ट पर कार्रवाई में लगने वाला समय सत्यापन प्रक्रिया और मामले की प्रकृति पर निर्भर करता है।



















