डेटा सेंटर डेवलपर क्रूसो ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने सीरीज एफ फंडिंग दौर में 3.9 अरब डॉलर जुटा लिए हैं। इस भारी-भरकम फंडिंग के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन बढ़कर 30.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इस निवेश दौर की सह-अगुवाई एट्राइड्स मैनेजमेंट, मुबाडाला कैपिटल और वलोर इक्विटी पार्टनर्स ने मिलकर की। इसके अलावा फाउंडर्स फंड, जीआईसी, एनविया, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, रेडिकल वेंचर्स और टीपीजी जैसे प्रमुख निवेशकों ने भी इस फंडिंग में हिस्सा लिया।
बोर्ड में नए चेहरों की एंट्री और नेतृत्व का विस्तार
फंडिंग के इस बड़े दौर के साथ ही कंपनी ने अपने बोर्ड में तीन नए सदस्यों को शामिल करने का ऐलान किया है। इनमें क्लाउडफ्लाईर के मुख्य वित्तीय अधिकारी थॉमस सीफर्ट, प्राइमरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के पार्टनर और सीआईओ बिल स्टीन, और रेडवुड मैटेरियल्स के संस्थापक तथा सीईओ जेबी स्ट्राउबेल शामिल हैं। जेबी स्ट्राउबेल टेस्ला के बोर्ड में भी अपनी सेवाएं देते हैं। स्ट्राउबेल का क्रूसो के साथ पुराना नाता रहा है, क्योंकि उन्होंने साल 2021 में इस कंपनी में व्यक्तिगत तौर पर निवेश किया था। इसके बाद क्रूसो रेडवुड के एनर्जी स्टोरेज बिजनेस का सबसे पहला ग्राहक भी बना था।
मॉड्यूलर एआई कारखानों और बुनियादी ढांचे का विस्तार
आठ साल पुरानी यह कंपनी जुटाई गई इस नई पूंजी का इस्तेमाल अपने मौजूदा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को वित्तपोषित करने के लिए करेगी। इसमें टेक्सास के एबिलीन में स्थित एक बड़ा साइट भी शामिल है, जिसका उपयोग ओपनएआई द्वारा किया जाता है। इसके अलावा, कंपनी छोटे और मॉड्यूलर एआई कारखानों के विकास पर भी काम कर रही है, जिन्हें ट्रकों के जरिए आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है और लगभग किसी भी जगह पर बड़े बिजली स्रोतों से जोड़ा जा सकता है।
ट्रक से ले जाने योग्य स्पार्क डेटा सेंटर
स्पार्क नाम के इन मॉड्यूलर डेटा सेंटर्स को कंपनी अपनी खुद की सुविधाओं में तैयार करती है। इसकी मदद से क्रूसो बिना किसी विशाल निर्माण कार्यबल के बहुत तेजी से कंप्यूट क्षमता तैनात कर सकती है। इन छोटे सेंटर्स की वजह से कंपनी डेटा सेंटर डेवलपर्स के सामने आने वाली एक बड़ी बाधा से भी बच सकती है, जिसमें स्थानीय समुदायों का भारी विरोध शामिल होता है जो अक्सर अपने पड़ोस के पास बड़े परिसरों के निर्माण के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
उद्योग का दृष्टिकोण और व्यावसायिक मॉडल
कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ ने एक बयान में कहा कि उनका मानना है कि एआई बहुतायत का एक नया दौर लेकर आएगा, लेकिन वहां तक पहुंचने का मतलब इलेक्ट्रॉन्स से लेकर टोकन्स तक के पूरे बुनियादी ढांचे को नियंत्रित करना है। कंपनी मुख्य रूप से उन ग्राहकों को डेटा सेंटर स्पेस किराए पर देकर कमाई करती है जो अपने खुद के जीपीयू लेकर आते हैं। इसके अलावा, यह अपने खुद के जीपीयू किराए पर देती है और एआई मॉडल चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली कंप्यूट पावर बेचती है, जिसे इन्फेरेंस कहा जाता है।
व्यावसायिक साझेदारियां और आईपीओ की चर्चाएं
इस त्रि-आयामी बिजनेस मॉडल ने क्रूसो को सबसे मूल्यवान एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक बना दिया है। हाल ही में कंपनी ने क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट को जीपीयू और एआई बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए लगभग 13 अरब डॉलर का पांच साल का एक बड़ा क्लाउड अनुबंध भी साइन किया है। इसके अलावा, कंपनी ने निकट भविष्य में संभावित आईपीओ पर चर्चा करने के लिए गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली जैसे निवेश बैंकरों के साथ भी बैठकें की हैं।
क्रिप्टो माइनिंग से लेकर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तक का सफर
यह ताजा फंडिंग ठीक उस समय आई है जब इसके 10 महीने पहले कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर में 10 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 1.38 अरब डॉलर जुटाए थे। इस कंपनी की स्थापना साल 2018 में एक क्रिप्टो माइनिंग ऑपरेशन के रूप में हुई थी, जिसे फ्लेयर्ड नेचुरल गैस से बिजली मिलती थी। हालांकि, जैसे-जैसे कंप्यूटिंग पावर की मांग तेजी से बढ़ी, कंपनी ने अपनी दिशा बदलते हुए एआई बुनियादी ढांचे पर फोकस करना शुरू कर दिया। वर्तमान में क्रूसो के प्रमुख ग्राहकों में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और ओरकल जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।



















