हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में जाम खत्म करने को दी 136.41 करोड़ रुपये की तीन बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरीमूलांक 9 दैनिक अंकज्योतिष 3 नवंबर 2026: महत्वाकांक्षा और संयम के बीच संतुलन बनाने का समयघर पर बनाएं हलवाई जैसा परतदार और खस्ता शक्करपारा, जानें सही तरीका और जरूरी टिप्सवजन घटाने के साथ भरपूर प्रोटीन देगा स्टीम स्प्राउट्स का यह आसान नाश्ताचक्रवात मुरासु के प्रभाव के बीच चेन्नई में 3 नवंबर को स्कूलों के संचालन पर प्रशासन का रुख स्पष्टकोल इंडिया, एशियन पेंट्स समेत 12 शेयरों में कमाई का अंतिम मौका, 4 नवंबर को एक्स-डेटआजमगढ़ के मशहूर कालिका मटन का देसी स्वाद अब घर की रसोई में, जानें पकाने की पारंपरिक विधिरोजाना मुट्ठी भर बादाम खाने से सेहत पर क्या पड़ता है असर, डॉक्टर सौरभ सेठी ने गिनाए चौंकाने वाले फायदेरिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के ब्याज दर फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में ठहराव, 0.7000 के नीचे सीमित दायराकरण जौहर के टॉक शो में लौटे करीना कपूर और सैफ अली खान, बेबो ने खुद को बताया इंडस्ट्री की नंबर वन अभिनेत्री
डिजिटल यादों से सचित्र कहानियाँ बनाएगा गूगल ड्रीमबीन्स, भारत में 13 भाषाओं के साथ हुई एंट्रीएआई
3 नव॰ 2026, 9:28 am (7 मिनट पहले)· 0

डिजिटल यादों से सचित्र कहानियाँ बनाएगा गूगल ड्रीमबीन्स, भारत में 13 भाषाओं के साथ हुई एंट्री

गूगल ने अपने प्रायोगिक एआई ऐप ड्रीमबीन्स को अमेरिका के बाद अब भारत में एंड्रॉइड और आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए 13 भारतीय भाषाओं के साथ पेश कर दिया है।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने अनूठे प्रायोगिक एआई ऐप ड्रीमबीन्स को भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर उपलब्ध करा दिया है। अमेरिका के बाहर यह पहला अंतरराष्ट्रीय बाजार है जहाँ इस ऐप को उतारा गया है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेट बाजार में कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की दैनिक डिजिटल गतिविधियों के आधार पर निजीकृत सचित्र कहानियाँ पेश करना है। सोमवार को हुए इस विस्तार के तहत ऐप को एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर जारी किया गया है। भारतीय उपयोगकर्ताओं की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए इसमें अंग्रेजी के अतिरिक्त हिंदी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और बंगाली सहित कुल 13 स्थानीय भाषाओं का विकल्प दिया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय कदम ठीक उस समय उठाया गया है जब दो महीने से भी कम समय पहले गूगल ने इस प्लेटफॉर्म को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह खोला था।

डिजिटल गतिविधियों से अपने आप तैयार होंगी सचित्र कहानियाँ

जून में पहली बार सामने आए ड्रीमबीन्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी मैन्युअल प्रॉम्प्ट दर्ज किए उपयोगकर्ताओं के रोजमर्रा के जीवन और रुचियों पर आधारित कहानियाँ स्वयं तैयार करता है। इसके लिए यह उपयोगकर्ता के जुड़े हुए गूगल खातों और सेवाओं जैसे कि कैलेंडर, जेमिनी, जीमेल, फोटोज, सर्च और यूट्यूब से डेटा प्राप्त करता है। जब यह ऐप शुरुआती चरण में पेश किया गया था, तब इसमें केवल स्थिर एआई निर्मित चित्र ही दिखाई देते थे। हालांकि, गूगल ने हाल ही में अपने अत्याधुनिक वेओ वीडियो जेनरेशन मॉडल को इसमें एकीकृत किया है, जिसके माध्यम से चयनित कहानियों में तस्वीरों को एनिमेट करके वीडियो का रूप भी दिया जाने लगा है।

ये भी पढ़ें

भारत को पहला अंतरराष्ट्रीय बाजार चुनने के पीछे की वजह

गूगल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ड्रीमबीन्स के लिए भारत को अमेरिका के बाहर पहले पड़ाव के रूप में चुनने की मुख्य वजह यहाँ के उपयोगकर्ताओं का जबर्दस्त रुझान और देश भर में गूगल की डिजिटल सेवाओं की गहरी पैठ है। गूगल की प्रोडक्ट मैनेजर गोज़डे ओज़नूर ने एक प्रेस ब्रीफिंग में विस्तार से बताया कि भारत में जेमिनी, जीमेल और गूगल फोटोज का एक साथ इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं का ओवरलैप बहुत बड़ा है। विभिन्न गूगल टूल्स पर भारतीय उपभोक्ताओं की सक्रिय उपस्थिति ने इसे इस नए एआई प्रयोग के लिए सबसे उपयुक्त और स्वाभाविक बाजार बना दिया।

डाउनलोड के आंकड़े और अन्य एआई ऐप से तुलना

मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टॉवर के अनुमानों के मुताबिक, जून में अपनी शुरुआत के बाद से ड्रीमबीन्स ने अमेरिका में करीब 55,000 डाउनलोड दर्ज किए हैं। इनमें से लगभग 63 प्रतिशत डाउनलोड अकेले सितंबर के महीने में हुए, जब गूगल ने 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी पात्र अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए इस ऐप के दरवाजे खोले थे। हालांकि, इसके बाद अक्टूबर में डाउनलोड की गति में तेज गिरावट देखी गई और यह महीने-दर-महीने 84 प्रतिशत घटकर लगभग 5,500 पर आ गया।

सभी पात्र अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप खुलने के शुरुआती 30 दिनों के भीतर ड्रीमबीन्स ने लगभग 29,000 डाउनलोड जुटाए थे। इसकी तुलना यदि अन्य स्वतंत्र लोकप्रिय एआई उपकरणों के शुरुआती 30 दिनों से करें, तो मेटा के म्यूज ने 74 लाख, चैटजीपीटी ने 28 लाख, ग्रॉक बॉट ने 3,62,000 और क्लाउड ने 1,55,000 डाउनलोड दर्ज किए थे। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि चैटजीपीटी जैसे सामान्य उपयोग वाले चैटबॉट्स के विपरीत ड्रीमबीन्स केवल निजी कहानियों और रचनात्मक विजुअल्स पर ध्यान केंद्रित करता है, न कि उपयोगकर्ताओं के व्यापक सवालों के जवाब देने पर।

भाषा चयन की सीमा और हिंग्लिश का अभाव

ड्रीमबीन्स भारत में व्यापक रूप से बोली जाने वाली कई भाषाओं का समर्थन करता है, लेकिन वर्तमान में उपयोगकर्ता अपनी तैयार होने वाली कहानियों के लिए एक बार में केवल एक ही भाषा का चयन कर सकते हैं। ओज़नूर ने ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि ऐप गूगल की विभिन्न सेवाओं से कई भाषाओं में मौजूद जानकारी का विश्लेषण तो कर सकता है, लेकिन यह वर्तमान में ऐसी कहानियाँ नहीं बना सकता जिनमें भाषाओं का मिश्रण हो। भारतीय संदर्भ में यह एक बड़ी सीमा साबित हो सकती है, क्योंकि यहाँ के लोग आम बोलचाल और डिजिटल संवाद में अक्सर हिंदी और अंग्रेजी का एक साथ इस्तेमाल करते हैं, जिसे हिंग्लिश के रूप में जाना जाता है।

गोपनीयता, संवेदनशील डेटा और नियंत्रण के विकल्प

उपयोगकर्ता के पूरे गूगल खाते और उसकी निजी बातचीत पर निर्भरता के कारण ड्रीमबीन्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर भी स्वाभाविक सवाल खड़े हो रहे हैं। यह ऐप अपनी कहानियों को वैयक्तिकृत करने के लिए गूगल की पर्सनल इंटेलिजेंस तकनीक का सहारा लेता है। जुड़े हुए गूगल टूल्स में उपयोगकर्ताओं की बेहद निजी, संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हो सकती है, जिसे कई लोग केवल सचित्र कहानियाँ पाने के लिए एआई के साथ साझा करने में झिझक सकते हैं।

इन चिंताओं के समाधान के रूप में ओज़नूर ने बताया कि उपयोगकर्ताओं को इस बात का पूरा नियंत्रण दिया गया है कि वे किन गूगल सेवाओं को ड्रीमबीन्स से जोड़ना चाहते हैं और वे किसी भी समय उन्हें डिस्कनेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, ऐप के भीतर से ही ड्रीमबीन्स डेटा को पूरी तरह हटाने का विकल्प भी मौजूद है। ओज़नूर ने यह भी दावा किया कि यदि कोई जानकारी मूल कनेक्टेड गूगल सर्विस से हटा दी जाती है, तो वह ड्रीमबीन्स के पर्सनलाइजेशन सिस्टम से भी अपने आप हमेशा के लिए मिट जाती है।

अप्रिय यादों का जोखिम और भविष्य की रूपरेखा

बिना उपयोगकर्ता के कहे अपने आप कहानियाँ बनाने की प्रक्रिया में कभी-कभी पुरानी अप्रिय यादें सामने आने का खतरा भी बना रहता है। ओज़नूर ने इस बात को स्वीकार किया कि ड्रीमबीन्स ऐसी कहानियाँ भी बना सकता है जिनमें दिवंगत व्यक्तियों का जिक्र हो। उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ता ऐप को कुछ विशिष्ट विषयों या प्रसंगों से बचने का निर्देश दे सकते हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे गूगल फोटोज में नियंत्रण दिए गए हैं ताकि कुछ खास यादों को स्क्रीन पर आने से रोका जा सके। उपयोगकर्ता चाहें तो ऐप को व्यावसायिक और काम से जुड़ी जानकारियों से दूर रहने का निर्देश भी दे सकते हैं।

ओज़नूर ने आगे बताया कि ड्रीमबीन्स केवल निजी जीमेल खाताधारकों के लिए उपलब्ध है और यह एंटरप्राइज या कॉर्पोरेट उपयोगकर्ताओं के लिए नहीं है। साथ ही, बनाई गई कहानियाँ केवल उसी खाताधारक को दिखाई देती हैं। भविष्य के कदमों पर बात करते हुए उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि गूगल अब ड्रीमबीन्स को केवल व्यक्तिगत कहानियों और सुझावों तक सीमित रखने के बजाय अधिक क्रियाशील बनाने के तरीकों पर काम कर रहा है, ताकि उपयोगकर्ता ऐप के सुझावों पर सीधे कदम उठा सकें।

सवाल-जवाब

गूगल ड्रीमबीन्स क्या है और यह कैसे काम करता है?
ड्रीमबीन्स गूगल का एक प्रायोगिक एआई ऐप है जो बिना किसी प्रॉम्प्ट के उपयोगकर्ता के जुड़े हुए जीमेल, कैलेंडर, फोटोज, सर्च और यूट्यूब डेटा के आधार पर सचित्र कहानियाँ तैयार करता है।
भारत में ड्रीमबीन्स किन भाषाओं और ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर उपलब्ध है?
यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है और इसमें अंग्रेजी के अलावा हिंदी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, बंगाली सहित कुल 13 भारतीय भाषाओं का समर्थन दिया गया है।
क्या ड्रीमबीन्स हिंग्लिश में कहानियाँ बना सकता है?
नहीं, वर्तमान में उपयोगकर्ता केवल एक बार में एक ही भाषा चुन सकते हैं और यह ऐप भाषाओं को मिलाकर यानी हिंग्लिश में कहानियाँ नहीं बना सकता।
क्या उपयोगकर्ता अपनी संवेदनशील जानकारी और डेटा को नियंत्रित कर सकते हैं?
हाँ, उपयोगकर्ता चुन सकते हैं कि वे किन गूगल सेवाओं को ऐप से जोड़ना चाहते हैं, उन्हें कभी भी डिस्कनेक्ट कर सकते हैं और ऐप के भीतर से अपना डेटा डिलीट भी कर सकते हैं।
अमेरिका में ड्रीमबीन्स के डाउनलोड के क्या आंकड़े रहे हैं?
जून में लॉन्च के बाद से अमेरिका में इसे करीब 55,000 बार डाउनलोड किया गया, जिसमें सितंबर में सभी वयस्कों के लिए खुलने पर 63 प्रतिशत डाउनलोड हुए और अक्टूबर में डाउनलोड 84 प्रतिशत घटकर लगभग 5,500 रह गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp