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नेपाल में अमा डबलाम चोटी से उतरते वक्त जर्मन पर्वतारोही की खाई में गिरकर जान गईदुनिया
3 नव॰ 2026, 10:03 pm (5 मिनट पहले)· 0

नेपाल में अमा डबलाम चोटी से उतरते वक्त जर्मन पर्वतारोही की खाई में गिरकर जान गई

हिमालय की 6,814 मीटर ऊंची अमा डबलाम चोटी फतह करने के बाद कैंप-3 पर ठहरे जर्मन पर्वतारोही वोल्फगैंग वास्चिजेक की गहरी खाई में फिसलने से मौत हो गई। गाइड जब महज चंद मिनटों के लिए उधार का स्लीपिंग बैग लौटाने गया, तभी बिना क्रैम्पन ढलान पर खड़े पर्वतारोही का संतुलन बिगड़ गया।

हिमालयी देश नेपाल के सोलुखुंबु जिले में स्थित दुर्गम पर्वत अमा डबलाम से एक दुखद वाकया सामने आया है। 57 वर्षीय जर्मन नागरिक वोल्फगैंग वास्चिजेक ने 6,814 मीटर ऊंची इस हिमाच्छादित चोटी की सफल चढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन नीचे की वापसी यात्रा के दौरान कैंप-3 के पास उनका संतुलन बिगड़ गया और वह बर्फीली ढलानों से सीधे लगभग 1,500 से 1,700 मीटर नीचे जा गिरे। पर्वतारोहण अभियान के दौरान चंद पलों की असावधानी कैसे प्राणघातक साबित हो सकती है, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है। मौजूदा शरदकालीन चढ़ाई सत्र में इस पर्वत पर किसी पर्वतारोही की यह पहली जानलेवा दुर्घटना दर्ज की गई है।

शिखर छूने के बाद कैंप-3 पर रात का पड़ाव

अभियान से जुड़ी व्यवस्थाएं संभालने वाली ट्रेकिंग एजेंसी स्नोवी होराइजन के प्रबंध निदेशक बोधराज भंडारी के विवरण के अनुसार, रविवार के दिन वोल्फगैंग ने अपने नेपाली साथी सोनाम लामा के साथ चोटी के सर्वोच्च बिंदु को छुआ था। शिखर पर जीत का परचम लहराने के उपरांत दोनों सदस्य शाम के वक्त सुरक्षित रूप से कैंप-3 पर वापस उतर आए थे। अत्यधिक ऊंचाई पर ठंड और थकान से बचने के लिए दोनों ने अन्य पर्वतारोहियों से स्लीपिंग बैग और आवश्यक साजो-सामान मांगा और रात वहीं गुजारने की योजना बनाई। पूरी रात शिविर में सामान्य रूप से बीती और दोनों पर्वतारोही अगली सुबह की तैयारी में लगे हुए थे।

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महज चंद मिनटों का अलगाव और अप्रत्याशित हादसा

अगली सुबह तकरीबन 8 बजे दोनों पर्वतारोही आगे की ढलान नापने और आधार शिविर की तरफ बढ़ने के प्रबंध में व्यस्त थे। गाइड सोनाम लामा ने अपने साथी जर्मन पर्वतारोही को सुरक्षा उपकरणों के साथ उसी स्थान पर प्रतीक्षा करने का निर्देश दिया। इसके बाद लामा रात को लिया गया उधार का स्लीपिंग बैग दूसरे तंबू में वापस करने चले गए। बोधराज भंडारी ने बताया कि जब लामा पांच मिनट से भी कम अवधि में लौटे, तो वोल्फगैंग अपने स्थान से ओझल हो चुके थे। महज कुछ ही कदमों की दूरी और चंद मिनटों के भीतर साथी का गायब हो जाना गाइड के लिए बेहद स्तब्ध करने वाला क्षण था।

क्रैम्पन न पहनना और बर्फीली ढलान पर फिसलन

संदेह गहराते ही गाइड ने तत्काल वायरलेस संदेशों के माध्यम से आधार शिविर तथा आपातकालीन बचाव कर्मियों को सतर्क किया। शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि ढलान पर खड़े होते समय वास्चिजेक के जूतों में बर्फ पर मजबूत पकड़ बनाने वाले धातु के नुकीले कांटेदार उपकरण यानी क्रैम्पन मौजूद नहीं थे। अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कांच जैसी सख्त नीली बर्फ पर साधारण तलवों के सहारे टिके रहना लगभग असंभव होता है। माना जा रहा है कि एक पल के लिए भी पैर डगमगाने से वह संभल नहीं सके और शिविर से सीधी खड़ी खाई की ओर फिसलते चले गए।

हेलिकॉप्टर से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर मिला पार्थिव शरीर

रियल हिमालय नामक अभियान संचालक कंपनी के प्रमुख गोकुल थापा ने जानकारी दी कि वोल्फगैंग को जीवित अवस्था में अंतिम बार कैंप-3 की परिधि में देखा गया था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही खोजी अभियान प्रारंभ किया गया, जिसमें बचाव दल ने हेलिकॉप्टर का सहारा लिया। तलाश के दौरान कैंप-3 से लगभग दो किलोमीटर नीचे, 4,500 मीटर की ऊंचाई पर बिखरी चट्टानों के बीच उनका पार्थिव शरीर बरामद हुआ। यह कैंप-3 से करीब 1,700 मीटर का सीधा फ्री-फॉल था। आवश्यक प्रक्रियाओं के उपरांत शव को एयरलिफ्ट कर काठमांडू स्थित अस्पताल में शव-परीक्षण के लिए पहुंचा दिया गया है।

हिमालयी चोटियों पर तकनीकी जोखिम और सुरक्षा

एवरेस्ट पर्वतमाला के समीप सोलुखुंबु इलाके में स्थित अमा डबलाम अपनी तकनीकी जटिलता और खड़ी चट्टानों के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में पहचानी जाती है। सितंबर से नवंबर तक चलने वाले मौजूदा पतझड़ सीजन में नेपाल के पर्यटन विभाग ने 300 से अधिक देशी-विदेशी पर्वतारोहियों को इस चोटी के आरोहण हेतु परमिट जारी किए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस समय जोखिम लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में पश्चिमी नेपाल के दुर्गम हिस्से में आए भयंकर बर्फीले तूफान के नीचे दबने से दो जापानी पर्वतारोहियों की भी मौत हो चुकी है, जबकि सीमा पार पाकिस्तान के पहाड़ों पर भी 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई थी। यह पूरी घटना स्पष्ट करती है कि 6,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा बन जाती है।

सवाल-जवाब

हादसे का शिकार हुए पर्वतारोही की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान 57 वर्षीय जर्मन पर्वतारोही वोल्फगैंग वास्चिजेक के रूप में हुई है, जो चोटी फतह करने के बाद लौट रहे थे।
दुर्घटना किस पर्वत पर और किस ऊंचाई पर हुई?
यह हादसा नेपाल के 6,814 मीटर ऊंचे अमा डबलाम पर्वत पर कैंप-3 के निकटवर्ती इलाके में पेश आया।
पर्वतारोही के गिरने का मुख्य कारण क्या सामने आया है?
जांच के अनुसार वोल्फगैंग जूतों में क्रैम्पन पहने बिना बर्फीली ढलान पर खड़े थे, जिससे पैर फिसलने पर वह करीब 1,700 मीटर गहरी खाई में जा गिरे।
गाइड घटना के समय कहां था?
गाइड सोनाम लामा पास के टेंट में उधार लिया गया स्लीपिंग बैग लौटाने गए थे और पांच मिनट के भीतर लौटने पर वोल्फगैंग गायब मिले।
शव को किस स्थान से और कैसे बरामद किया गया?
बचाव दल ने हेलिकॉप्टर की मदद से कैंप-3 से लगभग दो किलोमीटर नीचे, 4,500 मीटर की ऊंचाई पर चट्टानों के बीच से शव बरामद किया।
मौजूदा ऑटम सीजन में अमा डबलाम के लिए कितने परमिट जारी किए गए हैं?
नेपाल में सितंबर से नवंबर के मौजूदा ऑटम सीजन के दौरान 300 से अधिक पर्वतारोहियों को इस चोटी पर चढ़ाई की अनुमति दी गई है।
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