आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप एंथ्रोपिक को एक बड़ा कानूनी झटका देते हुए वाशिंगटन, डीसी की एक संघीय अपील अदालत ने रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) द्वारा कंपनी को 'सप्लाई चैन रिस्क' घोषित करने के निर्णय को बरकरार रखा है। 2-1 के बहुमत से आए इस फैसले के बाद अमेरिकी सेना और अन्य संघीय एजेंसियों से एंथ्रोपिक के क्लॉड एआई मॉडल को पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह विवाद एंथ्रोपिक के उस रुख से उत्पन्न हुआ था, जिसके तहत उसने अपने एआई मॉडल का उपयोग स्वायत्त हथियारों के संचालन या घरेलू निगरानी में किए जाने पर रोक लगाई थी। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना था।
तकनीकी पाबंदियों को लेकर अदालत का कड़ा रुख
डीसी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स की दो जजों की बहुमत पीठ ने अपने फैसले में लिखा कि रक्षा मंत्रालय के पास क्लॉड एआई को सरकारी सूचना तंत्र में शामिल करने से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों का पर्याप्त आधार था। जजों ने कहा कि एंथ्रोपिक ने खुद स्वीकार किया है कि वह क्लॉड मॉडल के भीतर ऐसी तकनीकी पाबंदियां लगाता है, जो उसे उन कार्यों को करने से रोकती हैं जिन्हें कंपनी उचित नहीं मानती। अदालत ने एंथ्रोपिक की उन दलीलों को भी खारिज कर दिया जिनमें उसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उचित कानूनी प्रक्रिया (ड्यू प्रोसेस) के अधिकारों के उल्लंघन की बात कही थी। जजों ने स्पष्ट किया कि सरकार ने एंथ्रोपिक को एआई नियमों का समर्थन करने के कारण बाहर नहीं किया, बल्कि अनुबंध की एक अनिवार्य शर्त को मानने से कंपनी के इनकार के कारण यह कदम उठाया गया।
फैसले के बाद एंथ्रोपिक की प्रवक्ता डैनिएल कोहेन ने कहा कि कंपनी अपने रुख पर पूरी तरह कायम है और आगे के कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। इन विकल्पों में डीसी सर्किट कोर्ट की पूर्ण पीठ के समक्ष अपील करना या अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना शामिल हो सकता है। इससे पहले अप्रैल में इसी तीन जजों की पीठ ने एंथ्रोपिक को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि कंपनी आपातकालीन रोक के लिए तय कठोर मानकों को पूरा करने में असमर्थ रही थी। सुनवाई के दौरान जजों के बीच विभाजन दिखाई दिया था, जिसके बाद अंतिम निर्णय 2-1 से सामने आया।
सैन फ्रांसिस्को और वाशिंगटन की अदालतों में उलझा कानूनी मामला
एंथ्रोपिक के खिलाफ यह प्रतिबंध दो अलग-अलग सप्लाई चैन कानूनों के तहत लगाए गए थे, जिसके कारण कंपनी को दो अलग-अलग अदालतों में समानांतर याचिकाएं दायर करनी पड़ीं। जहां वाशिंगटन अपील अदालत के इस फैसले से एक प्रतिबंध अनिश्चित काल के लिए प्रभावी रहेगा, वहीं सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय अदालत ने मार्च में दूसरे प्रतिबंध को रद्द कर दिया था और पिछले महीने अपने आदेश की पुष्टि की थी। दोनों ही फैसलों के खिलाफ अपीलों का यह सिलिसिला आने वाले कई सालों तक खिंच सकता है।
वाशिंगटन अदालत के नए फैसले से पेंटागन और ट्रंप प्रशासन के लिए इस महीने के अंत तक अपनी प्रणालियों से क्लॉड एआई को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। सरकारी ब्लैकलिस्टिंग के बाद एंथ्रोपिक को शुरुआती दौर में अपने राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था, क्योंकि कई व्यावसायिक ग्राहक सरकारी कार्रवाई से आशंकित थे। हालांकि, एंथ्रोपिक ने हाल के महीनों में अपनी बिक्री बढ़ने की बात कही है और वह इस साल के अंत तक संभावित आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में लगी हुई है।
प्रतिद्वंद्वी एआई कंपनियों को मिला मौका
पेंटागन अब अपनी डिजिटल प्रणालियों में क्लॉड के विकल्प के तौर पर स्पेसएक्स के ग्रॉक, गूगल के जेमिनी और ओपनएआई के जीपीटी मॉडल को शामिल कर रहा है। इन सौदों को लेकर गूगल और ओपनएआई के भीतर कर्मचारियों के विरोध की आवाजें भी उठी हैं। कर्मचारियों का तर्क था कि जिस सैन्य उपयोग से एंथ्रोपिक ने नैतिक आधार पर मना किया, उसी के लिए उनकी कंपनियां तैयार हो गईं। हालांकि, गूगल और ओपनएआई के प्रबंधन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार को तकनीकी सहायता प्रदान करना बेहद आवश्यक है।


















