कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक को आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जोड़ने के लिए हार्डवेयर गैजेट्स का एक नया दौर शुरू हो रहा है। इसी सिलसिले में मेटा ने अपने म्यूज़ एआई एजेंट के लिए म्यूज़ चार्म नाम का एक छोटा पहनने योग्य उपकरण पेश किया है। अब तकनीकी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह खिलौने जैसा दिखने वाला चार्म रोजमर्रा के उपभोक्ताओं के लिए एआई को आसान और आकर्षक बना पाएगा, या फिर यह भी एआई पिन, रैबिट और फ्रेंड पेंडेंट जैसे उन असफल गैजेट्स की सूची में शामिल हो जाएगा जो बाजार में अपनी जगह नहीं बना पाए। इस गैजेट को लेकर शुरुआती प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं, लेकिन एक बात तय है कि इसका डिजाइन मौजूदा सांस्कृतिक रुझानों से पूरी तरह मेल खाता है।
जेन ज़ी का बैग चार्म्स और लटकने वाले एक्सेसरीज का बढ़ता क्रेज
पसंद अपनी जगह है, लेकिन इस उपकरण का आकार और बनावट जेन ज़ी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने की मजबूत क्षमता रखती है। लबुबु के दौर के बाद युवा पीढ़ी अपने कीचेन और बैग्स पर लटकने वाले तरह-तरह के सजावटी सामान इस्तेमाल करने की आदी हो चुकी है। यह सब उनके फैशन और तकनीक के प्रति एक व्यापक किट्सची और रेट्रो-प्रेरित बदलाव का हिस्सा है। जेन ज़ी ने लटकने वाली चीजों का एक बड़ा बाजार खड़ा कर दिया है, जिसमें लिप ग्लॉस, हैंड सैनिटाइजर, सनब्लॉक और परफ्यूम जैसी तमाम चीजों को मुख्य रूप से महिलाओं पर लक्षित बैग चार्म्स में तब्दील कर दिया गया है।
हेली बीबर के वायरल रोड लिप केस ने इस पूरे विचार को बहुत अधिक प्रभावित किया, जिसने लिप ग्लॉस को फोन केस पर चिपका दिया था। इस प्रयोग ने यह साबित कर दिया कि सौंदर्य उत्पाद केवल मेकअप का सामान नहीं बल्कि फैशनेबल एक्सेसरीज भी बन सकते हैं। इसके बाद रोड के अन्य ब्यूटी-केंद्रित बैग चार्म्स ने भी इस चलन को तेजी से आगे बढ़ाया। इस ब्रांड ने लगभग 10 उत्पादों के साथ सालाना 212 मिलियन डॉलर की शुद्ध बिक्री दर्ज की थी, और पिछले साल एल्फ ब्यूटी द्वारा 1 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर इसके अधिग्रहण की घोषणा हुई थी।
इसके बाद लबुबु का बुखार देखने को मिला, जिसमें भद्दे लेकिन प्यारे दिखने वाले रोएंदार मॉन्स्टर बैग चार्म की बिक्री में भारी उछाल आया। इसके निर्माता चीनी रिटेलर पॉप मार्ट का राजस्व 2019 की तुलना में 7 गुना बढ़कर 2024 में 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। भले ही लबुबु की मांग अब धीमी पड़ गई हो, लेकिन सजावटी बैग चार्म का चलन जस का तस बना हुआ है। विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक बैग चार्म बाजार 2030 तक 1 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। आज ये चार्म केवल खिलौने नहीं हैं, बल्कि कोच के लोकप्रिय चेरी चार्म्स जैसे आकर्षक डिजाइन भी युवाओं के पसंदीदा बने हुए हैं। लोग सदियों से कपड़ों और गहनों के जरिए अपना व्यक्तित्व दर्शाते आए हैं, और ये चार्म्स उसी आत्म-अभिव्यक्ति का नया जरिया बन चुके हैं।
तमागोची की याद और स्मार्टवॉच को कीचेन बनाने का नया तरीका
मेटा का म्यूज़ एआई भी एक कस्टमाइज़ करने योग्य चरित्र पर आधारित है। उपयोगकर्ता इसमें अपना खुद का अवतार डिजाइन कर सकते हैं, जिससे यह एआई एजेंट सीधे तौर पर व्यक्ति के अपने व्यक्तित्व की झलक पेश करता है। म्यूज़ चार्म की बनावट 90 के दशक के आखिर और 2000 के दशक के मध्य में मशहूर हुए तमागोची डिजिटल पालतू खिलौने की याद दिलाती है। लेकिन तमागोची इसका इकलौता संदर्भ नहीं है।
वास्तव में, म्यूज़ चार्म उस चलन का एक नया रूप दिखता है जो युवा पहले से ही अपनी ऐप्पल वॉच के साथ कर रहे हैं। टिकटॉक पर वायरल होने वाले वीडियो में लोग अपनी पुरानी ऐप्पल वॉच को कलाई से हटाकर कीचेन या बैग चार्म के रूप में इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। अमेज़न, वॉलमार्ट, ईबे और एटीसी जैसी ऑनलाइन दुकानों पर हजारों की संख्या में ऐप्पल वॉच कीचेन, स्ट्रैप्स, पेंडेंट्स, डोरी और बैग चार्म केस बिक रहे हैं। खासकर युवा महिलाएं इन कीचेन घड़ियों को किसी तकनीकी उपकरण के बजाय मुख्य रूप से एक फैशन एक्सेसरी के तौर पर अपना रही हैं।
रेट्रो तकनीक की वापसी और स्क्रीन की दुनिया से दूरी
यह पूरा बदलाव तकनीक में चल रहे एक बड़े रेट्रो रुझान से भी सीधे जुड़ता है। आज डिजिटल कैमरा, फ्लिप फोन, आईपॉड, सीडी, कैसेट टेप, लैंडलाइन फोन और वायर्ड ईयरबड्स जैसे पुराने उपकरणों की चुपचाप वापसी हो रही है। युवा पीढ़ी का कहना है कि सोशल मीडिया की एल्गोरिदम पर चलने वाली फीड और आत्माविहीन तकनीक उन्हें अकेलापन महसूस कराती है। यही वजह है कि वे ऐसी तकनीक पसंद कर रहे हैं जिसे वे छू सकें और महसूस कर सकें। उदाहरण के लिए, क्लिक्स जैसी स्टार्टअप कंपनी ब्लैकबेरी से प्रेरित फिजिकल कीबोर्ड वाले फोन को वापस लाने की दिशा में काम कर रही है।
जेन ज़ी के लिए ये भौतिक गैजेट्स तकनीक पर अपने नियंत्रण का अहसास कराते हैं, खासकर ऐसे समय में जब तकनीक हमारे जीवन में इस कदर घुलमिल चुकी है कि इसका उपयोग करना अब हमारी मजबूरी जैसा लगने लगा है। इस ट्रेंड में भी युवा महिलाएं सबसे आगे रही हैं। कुछ लड़कियां तो अपने खुद के छोटे पोर्टेबल कंप्यूटर यानी साइबरडेक्स तैयार कर रही हैं, जिन्हें वे क्लैमशेल पर्स या कस्टम केस में फिट करके मोतियों, फूलों और स्टिकर्स से सजाती हैं ताकि वे पूरी तरह व्यक्तिगत लग सकें।
प्राइवेसी से जुड़े पुराने विवाद और मेटा के सामने चुनौतियां
इन तमाम रुझानों के बीच यह सवाल अभी भी कायम है कि क्या म्यूज़ चार्म बाजार में सफल हो पाएगा। तकनीक को फैशन एक्सेसरी के रूप में पेश करने की कोशिश के बावजूद मेटा के सामने उपभोक्ता भरोसे की बहुत बड़ी चुनौती है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने उपभोक्ता विश्वास को इतनी ठेस पहुंचाई है कि उसकी भरपाई करना आसान नहीं दिखता।
मेटा को बिना सहमति के उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी सार्वजनिक करने के आरोपों पर एफटीसी के साथ समझौता करना पड़ा था और भारी जुर्माना भी भरना पड़ा था। इसके अलावा 2019 के समझौते के बाद जारी प्राइवेसी आदेश के उल्लंघन को लेकर 2023 में एफटीसी ने कंपनी पर फिर से कार्रवाई की थी। नाबालिगों को होने वाले नुकसान को लेकर मेटा के अधिकारियों को अमेरिकी संसद के सामने पेश होना पड़ा है। 29 राज्यों द्वारा बच्चों पर सोशल मीडिया के बुरे प्रभावों को लेकर दायर मुकदमे में मेटा ने 1.8 बिलियन डॉलर का समझौता किया, जबकि न्यू मैक्सिको के एक ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने मेटा को 942 मिलियन डॉलर का भुगतान करने और सुरक्षा नियमों को बदलने का आदेश दिया था। इसके अलावा कैम्ब्रिज एनालिटिका से लेकर फ्रांसिस हॉगेन जैसे विसलब्लोअर्स ने कंपनी की लापरवाहियों को बार-बार उजागर किया है।
डेटा सुरक्षा को लेकर इस तरह के पुराने रिकॉर्ड के कारण मेटा के लिए उपभोक्ताओं की पहली पसंद वाला एआई बनना आसान नहीं होगा। हालांकि मेटा का अंतिम लक्ष्य हमेशा से अत्यधिक लक्षित विज्ञापन रहा है। मेटा ने कहा है कि वह लेन-देन पर एक छोटा शुल्क लेकर म्यूज़ से कमाई करेगी। ऐसे में अगर मुफ्त एआई के बदले केवल यही शर्त है, तो देखना होगा कि क्या आम उपभोक्ता इन जोखिमों के बावजूद इस नए गैजेट को गले लगाते हैं या नहीं।

















