कंज्यूमर वॉयस एआई बाजार में विभिन्न एप्लिकेशन अब एक दूसरे की मुख्य क्षमताओं को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ रहे हैं। अपनी लोकप्रिय मीटिंग नोटटेकिंग सेवा के लिए पहचाने जाने वाले स्टार्टअप ग्रेनोला ने सिस्टम-वाइड डिक्टेशन फीचर पेश किया है। यह कदम तब सामने आया है जब डिक्टेशन क्षेत्र में स्थापित विस्पर ने कुछ महीने पहले अपना स्वयं का मीटिंग नोटटेकर लॉन्च किया था। इस नए जुड़ाव के साथ दोनों स्टार्टअप्स के बीच सीधी प्रतिद्वंद्विता शुरू हो गई है।
मैक पर सिस्टम-वाइड वॉयस टाइपिंग की सुविधा
ग्रेनोला का नया डिक्टेशन टूल वर्तमान में मैक ऑपरेटिंग सिस्टम पर सक्रिय किया गया है। उपयोगकर्ता केवल "Fn" की दबाकर बोलना शुरू कर सकते हैं। इसके बाद यह सॉफ्टवेयर यूजर की आवाज को प्रोसेस करता है, उसे साफ-सुथरा रूप देता है और उचित फॉर्मेटिंग के साथ टेक्स्ट में बदल देता है। यह डिक्टेशन किसी एक विंडो तक सीमित नहीं है, बल्कि कंप्यूटर के तमाम एप्लिकेशन्स में काम करता है। इसके माध्यम से लोग त्वरित नोट्स लिख सकते हैं, एआई प्रॉम्प्ट दे सकते हैं और विभिन्न मैसेजिंग या ईमेल प्लेटफॉर्म पर जवाब भेज सकते हैं।
सभी योजनाओं पर बिना किसी सीमा के उपलब्ध
स्टार्टअप ने स्पष्ट किया है कि यह वॉयस टाइपिंग सुविधा उसके सभी प्लान्स के उपयोगकर्ताओं के लिए बिना किसी शब्द सीमा या अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई गई है। कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि आने वाले समय में इस डिक्टेशन टूल को आईओएस और विंडोज प्लेटफॉर्म पर भी जारी किया जाएगा। इससे डेस्कटॉप के साथ-साथ मोबाइल उपयोगकर्ताओं को भी हर जगह बोलने भर से टाइप करने की सुविधा मिलेगी।
बाजार में मूल्यांकन और रणनीतिक अंतर
निवेश बाजार में इन दोनों कंपनियों की हैसियत काफी मजबूत है। ग्रेनोला का मौजूदा मूल्यांकन 1.5 बिलियन डॉलर है, जबकि विस्पर की वैल्यूएशन 2 बिलियन डॉलर आंकी गई है। दोनों की तकनीकी प्राथमिकताओं में भी अंतर देखा जा सकता है। ग्रेनोला मुख्य रूप से बैठकों से जुड़े ऑटोमेशन और नोट तैयार करने की प्रक्रिया पर केंद्रित है। इसके विपरीत, विस्पर अपनी खुद की रिसर्च लैब के माध्यम से विशेष एआई मॉडल्स विकसित करने और मानव-कंप्यूटर इंटरफेस के नए तौर-तरीकों की खोज में जुटा हुआ है।
एकल उद्देश्य से मल्टी-फीचर एआई टूल्स की ओर बदलाव
वॉयस सॉफ्टवेयर उद्योग में यह एकीकरण केवल दो कंपनियों तक सीमित नहीं है। अन्य प्रमुख वॉयस स्टार्टअप्स जैसे फायरफ्लाइज, स्पीचीफाई और मोनोलॉग भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ये सभी सेवाएं अब मीटिंग ट्रांसक्रिप्शन और डिक्टेशन दोनों को एक ही जगह उपलब्ध करा रही हैं। पहले कंपनियां केवल एक खास कार्य को बेहतर ढंग से करने पर ध्यान केंद्रित करती थीं। अब यह पूरा सेक्टर इस बात पर केंद्रित हो गया है कि उपयोगकर्ता की बातचीत और आवाज का अधिकतम उपयोग कैसे किया जाए।





















