त्योहारों का दौर शुरू होने के साथ ही मांसाहारी भोजन पसंद करने वालों के पास ऐसे गिने-चुने दिन बचते हैं जब मटन का आनंद लिया जा सकता है। बाहर किसी भी होटल या रेस्तरां में कितना भी खाना खा लें, लेकिन घर पर बने ताजा और शुद्ध पकवान की तुलना किसी से नहीं हो सकती। घर की रसोई में सही मसालों के सही मेल से तैयार किया गया देसी मटन न सिर्फ लाजवाब स्वाद देता है बल्कि इसे बनाना भी काफी सीधा और आसान है। पारंपरिक मिथिला शैली में तैयार होने वाले इस खास देसी मटन को पकने में लगभग एक घंटे का वक्त लगता है, लेकिन इसका अंतिम स्वाद हर किसी को उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देता है।
साबुत मसालों के ताजे पेस्ट का जादू
मिथिला के मशहूर फूड एक्सपर्ट केशव के अनुसार, इस खास क्षेत्रीय रेसिपी का सबसे बड़ा राज इसमें इस्तेमाल होने वाले खड़े मसालों में छिपा है। आम तौर पर लोग खड़े मसालों को तेल में साबुत ही तड़का लगाने के लिए डाल देते हैं, मगर मिथिलांचल की तकनीक इससे बिल्कुल अलग है। यहाँ जीरा, तेजपत्ता, जायफल, लौंग, छोटी इलायची और बड़ी इलायची जैसे तमाम साबुत मसालों को पहले सिलबट्टे या मिक्सी में महीन पीसकर पेस्ट का रूप दिया जाता है। खड़े मसालों का यह ताजा पिसा हुआ पेस्ट जब पकते हुए मीट के साथ मिलता है, तो वह तरी और ग्रेवी के रंग, सुगंध और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।
तैयारी और पकाने की सही विधि
चिकन की तुलना में बकरे का गोश्त काफी सख्त होता है, इसलिए इसे पकने में थोड़ा अधिक समय लगता है और इसमें करीब एक घंटा लग जाता है। इस पारंपरिक व्यंजन के लिए प्याज, लहसुन और रोजमर्रा के घरेलू मसाले जैसे हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाले की जरूरत होती है। पकाने की शुरुआत कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करके की जाती है। सबसे पहले गर्म तेल में जीरा और तेजपत्ता डालकर तड़का लगाया जाता है। इसके बाद कटी हुई प्याज डालकर उसे हल्का भूना जाता है। जब प्याज थोड़ी भुन जाए, तब इसमें ताजा धुला मटन डाला जाता है और धीमी आंच पर भाप में पकने दिया जाता है।
धीमी आंच, भाप और कुकर का विकल्प
देसी मटन का बेहतरीन स्वाद पाने के लिए इसे हमेशा धीमी आंच पर पकाना चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया में अलग से अतिरिक्त पानी डालने की आवश्यकता सामान्य तौर पर नहीं पड़ती है, क्योंकि प्याज और मटन से पकने के दौरान खुद ही पर्याप्त पानी छूटता है। उसी नमी में मटन अच्छी तरह से भुनता और गलता रहता है। मटन को जितना अधिक और तसल्ली से भूना जाएगा, उसका स्वाद उतना ही गहरा और समृद्ध होगा। यदि समय कम हो और इसे जल्दी तैयार करना हो, तो मटन और मसालों के अच्छी तरह भुन जाने के बाद मिश्रण को प्रेशर कुकर में डालकर तीन से चार सीटी लगाई जा सकती हैं। इसे तैयार होने के तुरंत बाद गरमागरम परोसने पर इसका असली पारंपरिक स्वाद मिलता है।



















