हाल ही में बर्लिन में आयोजित एनविया के जीटीसी सम्मेलन के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसेन हुआंग कुछ छोटे और बेहद प्यारे माइक्रोडक रोबोट्स के साथ खेलते हुए नजर आए। इस वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सम्मेलन के मुख्य भाषण के दौरान इन रोबोट्स ने अपने छोटे पैरों से चलते हुए, आवाज के इशारे पर बैठते हुए, जमीन पर गिरकर झपकी लेने का नाटक करते हुए और कलाबाजी दिखाते हुए सभी को आकर्षित किया। ये रोबोट्स देखने में इतने मनमोहक हैं कि अगले ही दिन तक इनके प्री-ऑर्डर का आंकड़ा 20,000 यूनिट्स के पार पहुंच गया, जिसकी जानकारी हगिंग फेस के क्लेम डेलैंग्यू ने अपने एक्स अकाउंट पर दी।
क्रिसमस सीजन का सबसे लोकप्रिय तोहफा बनने की राह पर
इन माइक्रोडक रोबोट्स की डिलीवरी क्रिसमस से ठीक पहले किए जाने की उम्मीद है, जिसका सीधा मतलब यह है कि ये रोबोट्स इस त्योहारी सीजन के दौरान सबसे लोकप्रिय और हॉट टॉय बनने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। क्लेम डेलैंग्यू का मानना है कि यह इस साल का सबसे ज्यादा बिकने वाला रोबोट साबित हो सकता है और हैरानी की बात यह है कि यह सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़ों के बीच भी उतना ही लोकप्रिय हो रहा है। इसके प्रचार के लिए जारी किए गए वीडियो में वयस्कों को भी इनके साथ खेलते हुए देखा जा सकता है, जो इस बात का सबूत है कि इनका आकर्षण सभी उम्र के लोगों पर है।
पोलेन रोबोटिक्स और एनविया का नया सफर
माइक्रोडक असल में ओपन सोर्स डिवाइस हैं जिन्हें पोलेन रोबोटिक्स द्वारा तैयार किया गया है। इस कंपनी का अधिग्रहण साल 2025 में हगिंग फेस द्वारा किया गया था, और चूंकि जीपीयू की दिग्गज कंपनी एनविया ने सितंबर महीने में हगिंग फेस को खरीद लिया था, इसलिए अब ये रोबोट्स तकनीकी रूप से एनविया परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। हगिंग फेस के इतिहास में यह दूसरा रोबोट है, जिसे बाजार में उतारा गया है। इससे पहले कंपनी रीची मिनी नाम का रोबोट पेश कर चुकी है, जिसे काफी पसंद किया गया था।
प्रशिक्षण तकनीक और सिमुलेशन का कमाल
इन माइक्रोडक रोबोट्स को तैयार करने में एनविया के तकनीकी स्टैक का इस्तेमाल किया गया है। सिमुलेशन प्रक्रिया के जरिए इन्हें चलना, बैठना और खड़े होना जैसे बुनियादी ट्रिक्स सिखाए गए थे, और इसी तकनीक के साथ इन्हें ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है। पोलेन रोबोटिक्स का कहना है कि रोबोट के मालिक चाहें तो इन्हें नए ट्रिक्स का अभ्यास करा सकते हैं और फिर उन नए तरीकों को पूरी कम्युनिटी के साथ साझा भी कर सकते हैं, जिससे यह ओपन सोर्स इकोसिस्टम और मजबूत होता है।



















