उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान जिन तीन बूथों पर गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगे थे, वहां अब दोबारा मतदान कराया जाएगा। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने इन केंद्रों पर पुनर्मतदान की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट भेजी थी। इस प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से भारत निर्वाचन आयोग के पास भेज दिया गया था, जिस पर अब मुहर लग गई है। हालांकि, अभी तक नए सिरे से होने वाले मतदान की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
इन तीन बूथों पर फिर से होगी वोटिंग
प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भेजी गई सिफारिश के अनुसार, जिन तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डाले जाएंगे, उनमें खेरागढ़, फतेहाबाद और सैंया क्षेत्र के बूथ शामिल हैं। इनमें बूथ संख्या 20 खेरागढ़ तहसील परिसर के कक्ष संख्या 1 में स्थित मतदान केंद्र है, बूथ संख्या 21 सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या 1 का मतदान केंद्र है, और बूथ संख्या 26 फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या 1 का मतदान केंद्र है। इन सभी जगहों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने यह फैसला लिया है।
सपा उम्मीदवार का वायरल हुआ था वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर आकाश अग्रवाल रहे हैं, जिनका मतदान के दिन रोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। डॉक्टर आकाश अग्रवाल अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए सीधे मंडल मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों पर बूथ कैपचरिंग के गंभीर आरोप लगाए थे। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप से मुलाकात करने के बाद जब वह मीडिया के सामने आए, तो उनका दर्द छलक आया और वह फफक कर रो पड़े। मीडिया के सामने उन्होंने अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप
रोते हुए डॉक्टर आकाश अग्रवाल ने प्रशासनिक रवैये पर गहरी नाराजगी जताई थी। मीडिया के सामने उन्होंने तल्ख लहजे में कहा था कि उन्हें इस हद तक निशाना बनाया जा रहा है कि पुलिस उन पर ड्रग्स या हथियार रखने का झूठा मामला दर्ज कर सकती है और उन्हें जेल भेज सकती है। उन्होंने यह तक आरोप लगाया था कि उन्हें पाकिस्तानी साबित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें एमएलसी नहीं बनना है, बल्कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि उन्हें सनातन धर्म में नहीं रहना है और वह बौद्ध धर्म अपना लेंगे।
शिकायत के बाद हुई जांच और कार्रवाई
सपा उम्मीदवार की तरफ से की गई औपचारिक शिकायतों और उनके वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए चुनाव अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी ने कई अन्य स्थानों पर भी चुनावी प्रक्रिया में धांधली किए जाने के आरोप लगाए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो और स्थानीय अधिकारियों से मिली फीडबैक के आधार पर ही इन तीन संवेदनशील बूथों पर पुनर्मतदान का प्रस्ताव तैयार करके भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया था, जिसके आधार पर अब दोबारा चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है।
























