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शिक्षकों के डिजिटल क्लोन तैयार करेगा नैपस्टर, जेम्स एजुकेशन संग मिलाया हाथएआई
19 सित॰ 2026, 5:46 pm (40 दिन पहले)· 2

शिक्षकों के डिजिटल क्लोन तैयार करेगा नैपस्टर, जेम्स एजुकेशन संग मिलाया हाथ

म्यूजिक शेयरिंग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कदम रखने वाली कंपनी नैपस्टर ने संयुक्त अरब अमीरात में शिक्षकों के वर्चुअल अवतार बनाने के लिए जेम्स एजुकेशन के साथ रणनीतिक करार किया है।

कभी इंटरनेट पर संगीत साझा करने की दुनिया में तहलका मचाने वाला नैपस्टर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आधुनिक कक्षाओं का स्वरूप बदलने की तैयारी में है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में कंपनी ने प्रमुख शिक्षा समूह जेम्स एजुकेशन के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते का मुख्य मकसद स्कूली शिक्षा के लिए खास एआई एजेंट्स और शिक्षकों के डिजिटल अवतार तैयार करना है, ताकि कक्षा के भीतर और बाहर बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ाया जा सके।

पीयर टू पीयर म्यूजिक से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर

आज का नैपस्टर अपने शुरुआती दौर वाले प्लेटफॉर्म से बिल्कुल अलग रूप ले चुका है। साल 1999 में शॉन फैनिंग और सीन पार्कर ने जब इस सेवा की शुरुआत की थी, तब इसने इंटरनेट से गाने डाउनलोड करने के पुराने ढर्रे को पूरी तरह बदल दिया था। उस वक्त पूरे मनोरंजन उद्योग को अपने डिजिटल कंटेंट के वितरण, बिक्री और कानूनी नियंत्रण के तौर-तरीकों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े कई अदालती मामलों और कानूनी मुकदमों के बाद अंततः साल 2001 में इस मूल सर्विस को बंद करना पड़ा था।

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शुरुआती प्लेटफॉर्म के बंद होने के बाद नैपस्टर कई कारोबारी बदलावों से गुजरा और बाद के वर्षों में यह एक म्यूजिक स्ट्रीमिंग सेवा के रूप में संचालित होता रहा। इसके बाद फ्लोरिडा स्थित तकनीकी कंपनी इनफाइनाइट रियलिटी ने साल 2025 में 207 मिलियन डॉलर में इसका अधिग्रहण कर लिया। नए मालिकाना हक के तहत कंपनी की कारोबारी दिशा बदली गई और इसे एक संपूर्ण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म में तब्दील करने का फैसला हुआ। इसी बदलाव के तहत इस साल जनवरी के महीने में कंपनी ने अपनी पुरानी म्यूजिक स्ट्रीमिंग सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया।

दुबई में क्षेत्रीय केंद्र और नए नेतृत्व की रणनीति

अब कंपनी दुबई में अपना क्षेत्रीय केंद्र स्थापित कर रही है। ब्रिटेन की तकनीकी कंपनी लैंडवॉल्ट के पूर्व संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैमुअल ह्यूबर को पश्चिम एशिया और अफ्रीका क्षेत्र के लिए नैपस्टर का सीईओ बनाया गया है। गौरतलब है कि लैंडवॉल्ट का अधिग्रहण भी इनफाइनाइट रियलिटी ने साल 2024 में किया था।

सैमुअल ह्यूबर का कहना है कि यह ब्रांड हमेशा से उपयोगकर्ताओं को ताकत देने की सोच पर आधारित रहा है। पच्चीस साल पहले यह लड़ाई संगीत को लेकर थी कि संगीत पर आम लोगों का अधिकार होना चाहिए न कि चुनिंदा गेटकीपरों का, और आज डेटा तथा बुद्धिमत्ता को लेकर वही सिद्धांत लागू होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद दुनिया की बड़ी एआई मॉडल कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देना और शिक्षकों तथा छात्रों के सामने एक मजबूत विकल्प पेश करना है।

कक्षाओं में डिजिटल ट्विन्स और नैपस्टर लर्न की कार्यप्रणाली

जेम्स एजुकेशन के साथ मिलकर नैपस्टर कई प्रायोगिक परियोजनाओं और प्रोटोटाइप पर काम करेगा। इसके तहत शिक्षकों के डिजिटल संस्करण बनाने, खेल-आधारित अध्ययन, एआई की मदद से शिक्षण सामग्री तैयार करने और वर्चुअल क्लासरूम सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना का पहला चरण जेम्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन में शुरू होगा, जहां जेम्स ग्लोबल एजुकेशन एआई हब और जेम्स इंटेलिजेंस 360 प्लेटफॉर्म शिक्षकों, छात्रों और तकनीकी साझेदारों को मिलकर एआई एजेंट्स की कार्यक्षमता परखने का व्यावहारिक माहौल देंगे।

इस पूरी व्यवस्था को नैपस्टर लर्न नामक एआई-संचालित शिक्षण प्रणाली पर विकसित किया जाएगा। इसके जरिए शिक्षकों के डिजिटल ट्विन्स तैयार किए जाएंगे जो चौबीसों घंटे छात्रों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। यह डिजिटल अवतार किसी शिक्षक की वास्तविक अध्ययन सामग्री, व्याख्यानों, शोध पत्रों और पाठ्यक्रमों के डेटा पर प्रशिक्षित किए जाएंगे। ये ऑनलाइन माध्यम पर शिक्षक की ऐसी प्रतिकृति बन जाएंगे जिससे शिक्षक अपने समय का दायरा असीमित रूप से बढ़ा सकेंगे।

छात्र स्कूल के समय के बाद भी इन वर्चुअल शिक्षकों से संवाद कर सकेंगे, अपने सवाल पूछ सकेंगे, कठिन अवधारणाओं को दोहरा सकेंगे और अपनी गति से पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर, शिक्षकों को इस बात की विस्तृत जानकारी मिलेगी कि छात्र किस तरह के सवाल पूछ रहे हैं और उन्हें किन विषयों में अतिरिक्त मदद की जरूरत है। कंपनी आवाज और वीडियो के माध्यम से इस संवाद को पूरी तरह प्राकृतिक बनाने पर काम कर रही है ताकि एआई किसी मशीन या टूल के बजाय एक सहयोगी की तरह काम करे।

शिक्षकों की चिंताएं, नौकरियों का सवाल और डेटा सुरक्षा

शिक्षा के क्षेत्र में एआई अवतारों की बढ़ती भूमिका ने कई शिक्षकों के मन में नौकरियों को लेकर चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। हालांकि सैमुअल ह्यूबर का तर्क है कि एआई का इस्तेमाल इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उनका मानना है कि शिक्षकों, प्रोफेसरों और छात्रों के लिए एआई का सही इस्तेमाल सीखना बेहद जरूरी है, ठीक उसी तरह जैसे पहले टाइपराइटर की जगह वर्ड प्रोसेसर का इस्तेमाल करके काम की गति तेज की गई थी।

ह्यूबर के अनुसार, एआई अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचा है जहां वह इंसानों की पूरी तरह जगह ले सके, इसलिए इंसानी जुड़ाव और वास्तविक कक्षा के संवाद को बरकरार रखते हुए इसका लाभ उठाया जाना चाहिए। कोई भी शिक्षक अगर चाहे भी तो एक साथ दो सौ बच्चों से अलग-अलग व्यक्तिगत चर्चा नहीं कर सकता क्योंकि समय सीमित होता है, लेकिन डिजिटल अवतार इस कमी को पूरा कर सकते हैं। डेटा प्राइवेसी के मुद्दे पर उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों का डेटा देश की सीमाओं के भीतर ही रहेगा, आवश्यकता पड़ने पर इसे संबंधित संस्थान के अपने सर्वर पर भी रखा जा सकता है, और नैपस्टर अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करता।

खाड़ी देशों में बुनियादी ढांचा और विस्तार की योजनाएं

नैपस्टर का पश्चिम एशिया में विस्तार संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी प्राथमिकताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मई के महीने में यूएई कैबिनेट ने सभी मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों में एजेंटिक एआई लागू करने के लिए एक संघीय ढांचे को मंजूरी दी थी, जिसका लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर 50 प्रतिशत सरकारी सेवाओं और कामकाज को एजेंटिक एआई मॉडल पर स्थानांतरित करना है।

स्थानीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नैपस्टर ने शेख अहमद बिन माना बिन खलीफा सईद अल मकतूम के नेतृत्व वाले दुबई के वेंचर प्लेटफॉर्म कमेहा वेंचर्स के साथ साझेदारी की है। कमेहा कंपनी को क्षेत्रीय विकास और संस्थागत तालमेल में मदद करेगा, जहां स्थानीय सांस्कृतिक बारीकियों के अनुरूप डिजिटल उत्पादों को ढालना मुख्य प्राथमिकता है। इसके अलावा कंपनी ने स्थानीय एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश किया है। यूएई में स्थानीय डेटा होस्टिंग और एआई मॉडल चलाने के लिए जी42 के साथ साझेदारी की गई है, जबकि सऊदी अरब में लेनोवो और डेटा सेंटर ऑपरेटर देतासाद के साथ मिलकर देश के भीतर बुनियादी ढांचा स्थापित किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर कंपनी अपनी मौजूदा 20 सदस्यों की टीम को वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 500 कर्मचारियों तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है।

सवाल-जवाब

नैपस्टर और जेम्स एजुकेशन के बीच क्या समझौता हुआ है?
दोनों संस्थानों ने दुबई में शिक्षकों के डिजिटल अवतार और एआई एजेंट्स तैयार करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है।
शिक्षकों के डिजिटल ट्विन कैसे काम करेंगे?
यह डिजिटल अवतार शिक्षक के ही नोट्स, रिसर्च पेपर और लेक्चर पर प्रशिक्षित होंगे और चौबीसों घंटे छात्रों के सवालों के जवाब देंगे।
नैपस्टर को एआई कंपनी में कब और कैसे बदला गया?
साल 2025 में इनफाइनाइट रियलिटी ने इसे 207 मिलियन डॉलर में खरीदा, जिसके बाद जनवरी में म्यूजिक सेवा बंद कर इसे एआई प्लेटफॉर्म बनाया गया।
क्या छात्रों का डेटा निजी और सुरक्षित रहेगा?
कंपनी के अनुसार छात्रों का डेटा देश के भीतर ही रहेगा और इसका इस्तेमाल एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाएगा।
दुबई और खाड़ी क्षेत्र में नैपस्टर के नेतृत्व की कमान किसके पास है?
लैंडवॉल्ट के पूर्व संस्थापक और सीईओ सैमुअल ह्यूबर मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के लिए नैपस्टर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
मध्य पूर्व में नैपस्टर की टीम विस्तार की क्या योजना है?
कंपनी अपनी मौजूदा लगभग 20 लोगों की क्षेत्रीय टीम को साल 2030 तक बढ़ाकर 500 कर्मचारियों तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
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