जालंधर में चल रहे मेंस एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट में पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए जापान को 4-1 से पराजित कर दिया। इस धमाकेदार मुकाबले में भारतीय फॉरवर्ड अभिषेक नैन ने दो बेहतरीन मैदानी गोल दागे, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह और विष्णुकांत सिंह ने भी एक-एक गोल करके मेजबान टीम की जीत पर मुहर लगाई। टूर्नामेंट में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है, जिसकी बदौलत टीम कुल 9 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज हो गई है।
मेजबान भारत ने इस प्रतियोगिता का आगाज बेहद आक्रामक अंदाज में किया था। अपने पहले मैच में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 13-0 के बड़े अंतर से रौंदा था, जबकि दूसरे मुकाबले में चीन को 5-2 से मात दी थी। वहीं दूसरी तरफ, जापानी टीम भी इस मैच से पहले शानदार फॉर्म में थी। जापान ने अपने पहले मैच में दक्षिण कोरिया को कड़े संघर्ष के बाद 3-2 से और दूसरे मैच में बांग्लादेश को 1-0 से हराया था। ऐसे में दोनों अजेय टीमों के बीच एक रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली।
धीमी शुरुआत के बाद संभली भारतीय टीम
मैच के शुरुआती पलों में भारतीय टीम थोड़ी सुस्त नजर आई और जापानी खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। खेल के दूसरे ही मिनट में जापान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। हालांकि, जापानी खिलाड़ी केन नागायोशी का यह प्रयास सीधे लक्ष्य से बाहर निकल गया और भारत पर मंडरा रहा खतरा टल गया।
शुरुआती क्वार्टर में भारतीय मिडफील्ड और फॉरवर्ड पंक्ति के बीच तालमेल की कमी स्पष्ट तौर पर देखी गई। स्टार खिलाड़ी मनदीप सिंह की अनुपस्थिति के कारण फॉरवर्ड लाइन अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पा रही थी। ऐसे कठिन समय में उपकप्तान हार्दिक सिंह ने पूरे खेल की कमान संभाली और गेंद को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई, हालांकि शुरुआती मिनटों में उन्हें साथी खिलाड़ियों से बहुत अधिक समर्थन नहीं मिल सका। यही वजह रही कि मेजबान टीम शुरुआती चरण में गोल करने के स्पष्ट अवसर नहीं बना पा रही थी।
अभिषेक के 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में यादगार गोल
शुरुआती झिझक के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने धीरे-धीरे अपनी खोई हुई लय हासिल कर ली। 11वें मिनट में भारत ने एक सुनियोजित मूव बनाया, जिसने घरेलू दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उपकप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार सूझबूझ का परिचय देते हुए गेंद को जापान के डी-सर्किल के बाएं कोने में मौजूद सुखजीत सिंह की ओर बढ़ाया। सुखजीत ने बिना देर किए गेंद अभिषेक नैन की ओर पास की।
अपने करियर का 150वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे अभिषेक ने इस बेहतरीन पास को बड़ी ही चतुराई से जापानी गोलपोस्ट में भेजकर भारत को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस झटके के बाद जापान ने वापसी की पुरजोर कोशिश की और मैच का दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन इस बार भी उनका शॉट निशाने से चूक गया और गेंद बाहर चली गई।
पहले क्वार्टर के आखिरी पलों में बराबरी
पहले क्वार्टर के समाप्त होने में जब महज नौ सेकेंड का समय बाकी रह गया था, तब जापान ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल करके भारतीय रक्षापंक्ति को भारी दबाव में ला दिया। दूसरे पेनल्टी कॉर्नर के दौरान गेंद भारतीय डिफेंडर संजय के शरीर से टकरा गई, जिसके परिणामस्वरूप अंपायर ने जापान को पेनल्टी स्ट्रोक दे दिया। जापानी खिलाड़ी शोता यामादा ने इस स्वर्णिम मौके का पूरा फायदा उठाया और 15वें मिनट में भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाते हुए गेंद को जाल में डालकर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
दूसरे क्वार्टर में जापानी टीम ने गजब का रक्षात्मक अनुशासन दिखाया। उनकी मजबूत मैन-टू-मैन मार्किंग रणनीति ने भारतीय स्ट्राइकरों को खुलकर खेलने या खाली जगह तलाशने का कोई मौका नहीं दिया। जापान के इस कड़े पहरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे पहले हाफ के दौरान भारतीय टीम एक भी पेनल्टी कॉर्नर अर्जित नहीं कर सकी। मध्यांतर की सीटी बजने तक दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर रहीं।
अंतिम क्वार्टर में भारत का तूफानी आक्रमण
तीसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों के बीच जोरदार संघर्ष जारी रहा। दूसरे हाफ के शुरू होने के तीसरे मिनट में हार्दिक सिंह ने सुखजीत सिंह के लिए एक बार फिर शानदार मौका तैयार किया, लेकिन सर्कल के भीतर से उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से उड़ गया। इसके बाद 36वें मिनट में जापान को अपना चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे जापानी कप्तान राइकी फुजीशिमा ने गोलपोस्ट के ऊपर उछाल दिया। कुछ ही देर बाद अमित रोहिदास के बेहतरीन पास पर शिलानंद लाकड़ा ने रिवर्स हिट लगाया, लेकिन जापानी गोलकीपर ताकुमी कितागावा ने फुर्ती दिखाते हुए इस खतरे को टाल दिया।
तीन क्वार्टर तक स्कोर 1-1 रहने के बाद भारतीय टीम ने अंतिम 15 मिनट में पूरी ताकत झोंक दी। 46वें मिनट में भारत को मुकाबले का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे 47वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपने अचूक लो-फ्लिक से सीधे गोल में बदलकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर था और फॉरवर्ड पंक्ति ने जापानी खेमे पर लगातार हमले बोले।
खेल के 51वें मिनट में अभिषेक नैन ने एक और शानदार मैदानी गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया। मैच समाप्त होने से ठीक चार मिनट पहले, यानी 56वें मिनट में, कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक सधा हुआ पास विष्णुकांत सिंह की ओर बढ़ाया, जिस पर विष्णुकांत ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में दागकर भारत की 4-1 से एकतरफा जीत तय कर दी।
आगामी मुकाबलों का कार्यक्रम
जीत की यह हैट्रिक पूरी करने के बाद एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को मलेशिया की टीम से होगा। हाल ही में आइची-नागोया में संपन्न एशियाई खेलों के दौरान भारत ने मलेशिया को 5-1 के अंतर से पराजित किया था। दूसरी ओर, जापान की टीम अपने अगले लीग मैच में चीन के खिलाफ मैदान में उतरेगी।


















