ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक व्यापक खाका पेश किया है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने पांच प्रमुख पहलों की घोषणा की, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल अर्थव्यवस्था, विशेष आर्थिक क्षेत्रों और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य ब्रिक्स देशों को भविष्य की तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स में साझा सहयोग
चीन ने ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए एक विशेष AI ओपन-सोर्स जोन की स्थापना का सुझाव दिया है। इस पहल के तहत लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के साझा निर्माण, शोध और अनुप्रयोग पर जोर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स देशों के बीच एक खुला और समावेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे सदस्य देश एक-दूसरे के अनुभव और संसाधनों का लाभ उठाकर इस आधुनिक तकनीक में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकेंगे।
व्यापार और विशेष आर्थिक क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण
व्यापारिक और निवेश संबंधों को सहज बनाने के लिए चीन ने सदस्य देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) के बीच सीधी साझेदारी स्थापित करने की योजना सामने रखी है। नीतियों में बेहतर तालमेल बिठाने के लिए एक स्मार्ट पोर्टल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, खुले विकास को बढ़ावा देने वाले उच्च स्तरीय मंच तैयार किए जाएंगे। आर्थिक जुड़ाव को और गहरा करने के लिए चीन अगले वर्ष 'ब्रिक्स सर्विसेज ट्रेड फोरम' की मेजबानी करने की योजना बना रहा है, जिससे सेवा क्षेत्र में व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
डिजिटल उद्योग और स्मार्ट फैक्ट्रियों की स्थापना
औद्योगिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए चीन ने 'ब्रिक्स डिजिटल इंडस्ट्री क्लाउड प्लेटफॉर्म' स्थापित करने का आह्वान किया है। इस मंच के माध्यम से डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और विभिन्न उद्योगों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलेगा। पारंपरिक विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक रूप देने के उद्देश्य से चीन ब्रिक्स देशों में स्मार्ट फैक्ट्रियां लगाने में सहयोग देने के लिए तैयार है। इसके तहत तकनीकी मानकों और नियामक ढांचों को मिलकर तय किया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इंजीनियरों का विकास और प्रतिभा गठबंधन
तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए चीन ने 'ब्रिक्स इंजीनियर्स डेवलपमेंट अलायंस' के गठन का प्रस्ताव दिया है। इस पहल के अंतर्गत सदस्य देशों के इंजीनियरों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, उनकी पेशेवर योग्यता और क्षमताओं के मानकों को आपस में मान्यता दी जाएगी। इस कदम से ब्रिक्स समूह को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।



















