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अल्बर्टा में सैन्य अभ्यास के दौरान भड़की भयानक आग, चार कनाडाई सैनिकों की मौत और उन्नीस गंभीरअमेरिका
20 अक्तू॰ 2026, 5:35 am (2 घंटे पहले)· 0

अल्बर्टा में सैन्य अभ्यास के दौरान भड़की भयानक आग, चार कनाडाई सैनिकों की मौत और उन्नीस गंभीर

कनाडा के अल्बर्टा स्थित सैन्य अड्डे पर प्रशिक्षण के दौरान महज 36 सेकंड में फैली आग ने सैनिकों को घेर लिया, जिसमें चार जवानों की जान चली गई और 39 अन्य झुलस गए।

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक नियमित सैन्य प्रशिक्षण सत्र अप्रत्याशित त्रासदी में बदल गया, जब एक सैन्य अड्डे पर लगी भीषण आग ने युद्धाभ्यास कर रहे सैनिकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस विनाशकारी घटना में चार सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 39 अन्य जवान गंभीर रूप से झुलस गए। अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से 19 सैनिकों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस भयावह लपटों के भड़कने से पहले सैन्य नेतृत्व को दूर घास में सुलग रही आग की जानकारी मिल चुकी थी, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में मानकर अभ्यास जारी रखने का फैसला लिया गया था।

हवा के अचानक बदलाव से 36 सेकंड में सैनिकों तक पहुंची लपटें

सैन्य अधिकारियों ने बताया कि बेस पर मौजूद निगरानी दल को आग लगने की शुरुआती सूचना घटना से कई घंटे पहले मिल गई थी। उस समय मौजूद आकलन में यह माना गया था कि लपटों पर पर्याप्त नियंत्रण पा लिया गया है और उससे युद्धाभ्यास क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है। इसी भरोसे के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोका नहीं गया। हालांकि, कुछ ही पलों में मौसम और हवा की दिशा में ऐसा अचानक और तीव्र बदलाव आया कि आग तेजी से फैलते हुए सीधे जवानों की टुकड़ी की ओर बढ़ गई।

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एडमंटन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मेजर जनरल वेड रटलैंड ने बताया कि जब हवा की दिशा बदली, तब आग का मुख्य घेरा सैनिकों से लगभग एक किलोमीटर दूर था। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल 36 सेकंड के भीतर आग की लपटों का एक किलोमीटर की दूरी तय कर लेना बेहद असामान्य और चौंकाने वाली बात है। बेस पर मौजूद एक फील्ड कमांडर के विवरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सैनिकों को शुरुआत में अपने आस-पास कोई खतरा या धुआं तक दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन एक मिनट से भी कम समय में आग उनके ठीक सामने आ गई और जवानों को सुरक्षित निकलने का कोई मौका नहीं मिला।

लातविया मिशन और आपातकालीन तैनाती की चल रही थी तैयारी

यह भीषण हादसा शनिवार को उस वक्त हुआ, जब 'प्रिंसेस पेट्रीसियास कनैडियन लाइट इन्फैंट्री' की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी के जवान अत्यधिक सघन और उच्च स्तरीय युद्धाभ्यास में जुटे हुए थे। इस पूरे अभ्यास में लगभग 84 सैनिक शामिल थे, जिन्हें दो अलग-अलग कार्य समूहों में विभाजित किया गया था। इनमें से एक दस्ता ग्रेनेड दागने के विशेष अभ्यास क्षेत्र में अपनी ड्रिल पूरी कर रहा था, जबकि दूसरा दस्ता काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों पर जमीनी हमले का अभ्यास कर रहा था। आग इसी दूसरे समूह के अभ्यास क्षेत्र में फैली, जहां सैनिक पूरी तरह अभ्यास में व्यस्त थे।

सैन्य जांच दल फिलहाल इस बात की विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं कि खुले मैदान की सूखी घास में आग सबसे पहले किस वजह से भड़की। मेजर जनरल वेड रटलैंड ने रेखांकित किया कि यह बटालियन किसी भी अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय आपात स्थिति में त्वरित तैनाती के लिए खुद को तैयार कर रही थी। इसके अतिरिक्त, इन सैनिकों को आगामी वसंत ऋतु में लातविया में तैनात कनाडाई सैन्य टुकड़ियों की सहायता और मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण विदेशी मिशन पर भी भेजा जाना था, जिसके लिए यह कड़ा अभ्यास आयोजित किया जा रहा था।

घायलों में 19 की हालत नाजुक, चार बड़े अस्पतालों में भर्ती

अल्बर्टा प्रांत की प्रमुख डेनियल स्मिथ ने बताया कि आग से झुलसे सभी 39 सैनिकों को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी जा रही है। एक्यूट केयर अल्बर्टा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सायह जेल्के ने स्वास्थ्य बुलेटिन साझा करते हुए पुष्टि की कि कुल घायलों में से 19 जवानों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, आठ सैनिक स्थिर अवस्था में हैं, जबकि 12 अन्य जवानों को सामान्य चोटों के लिए जरूरी उपचार दिया जा रहा है। डेनियल स्मिथ ने आगाह किया कि कुछ सैनिक आग की सीधी चपेट में आने से बहुत गहरे तरीके से झुलसे हैं, जिसके कारण उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में कई हफ्तों या महीनों तक गहन आईसीयू निगरानी और लंबे उपचार की आवश्यकता होगी।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, वेनराइट सैन्य क्षेत्र से घायलों को एयरलिफ्ट और एंबुलेंस के जरिए प्रांत के चार प्रमुख अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। इनमें एडमंटन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल और रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल, कैलगरी का फुटहिल्स मेडिकल सेंटर तथा रेड डियर रीजनल अस्पताल शामिल हैं। इन चिकित्सा केंद्रों में विशेषज्ञों की टीमें झुलसे हुए जवानों की जान बचाने में जुटी हुई हैं।

शांतिकाल की सबसे बड़ी त्रासदियों में शामिल, राष्ट्रीय ध्वज झुके

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे देश की धरती पर शांतिकाल के दौरान सेना के साथ घटित सबसे गंभीर और हृदयविदारक त्रासदियों में से एक करार दिया। प्रधानमंत्री ने दिवंगत जवानों के सम्मान में देशभर की सभी संघीय सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का औपचारिक निर्देश जारी किया है। मार्क कार्नी ने कहा कि सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को व्यक्तिगत रूप से सूचना दे दी गई है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस घटना से प्रभावित सैनिकों में नियमित कनाडाई सेना के जवानों के साथ-साथ रिजर्व बल और देश के विभिन्न सैन्य केंद्रों से अभ्यास के लिए पहुंचे जवान भी शामिल हैं।

सवाल-जवाब

कनाडा के अल्बर्टा में सैन्य अभ्यास के दौरान क्या हुआ?
सैन्य अड्डे पर प्रशिक्षण के दौरान अचानक तेजी से फैली आग ने सैनिकों को घेर लिया, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई और 39 घायल हो गए।
हादसे के समय कितने सैनिक अभ्यास में हिस्सा ले रहे थे?
प्रिंसेस पेट्रीसियास कनैडियन लाइट इन्फैंट्री की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी के लगभग 84 सैनिक दो समूहों में युद्धाभ्यास कर रहे थे।
आग इतनी तेजी से सैनिकों तक कैसे पहुंच गई?
मेजर जनरल वेड रटलैंड के अनुसार हवा का रुख बदलने के बाद आग ने महज 36 सेकंड में एक किलोमीटर की दूरी तय कर ली।
घायल सैनिकों की स्थिति कैसी है और उन्हें कहां भर्ती कराया गया है?
कुल 39 घायलों में से 19 की हालत गंभीर है और उन्हें एडमंटन, कैलगरी और रेड डियर के चार प्रमुख अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह सैन्य दल किस मिशन के लिए तैयारी कर रहा था?
यह टुकड़ी त्वरित संकट तैनाती के अलावा अगले वसंत में लातविया में तैनात कनाडाई सैनिकों की मदद के लिए जाने वाले मिशन की तैयारी कर रही थी।
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