अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद वाशिंगटन में सत्ता के शीर्ष गलियारों में आंतरिक घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाली सरकार के भीतर नेताओं के बीच दूरियां और आरोप-प्रत्यारोप खुलकर सामने आने लगे हैं। व्हाइट हाउस के भीतर शांति की जगह अब चुनावी विफलता के कारणों को लेकर तीखी बहस छिड़ चुकी है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने विवादास्पद सैन्य फैसलों से पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर प्रतिनिधि सभा में महाभियोग की कार्रवाई का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। चुनावी नतीजे आने के तुरंत बाद इस राजनीतिक कुनबे में पड़ी दरारें अब खुलकर सतह पर आ गई हैं।
उत्तराधिकार की जंग और 2028 की उम्मीदवारी पर संशय
व्हाइट हाउस में 4 नवंबर को पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के 2028 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान को लेकर अनिश्चितता भरे संकेत दिए। भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर पूछे गए सवालों के जवाब में ट्रंप ने कहा कि देखना होगा आगे क्या मोड़ आता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उम्मीदवारी की दौड़ में कौन शामिल होगा, हो सकता है कि कई दावेदार मैदान में उतरें, शायद कोई भी न उतरे या फिर वेंस भी इस दौड़ का हिस्सा न बनें। ट्रंप के इस रुख से साफ है कि चुनावी झटके के बाद उनके राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर पार्टी के भीतर नई बहस शुरू हो चुकी है। अब तक वेंस को ट्रंप के सबसे स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मध्यावधि नतीजों ने समीकरणों को अचानक बदल दिया है।
ईरान युद्ध पर जेडी वेंस का बचाव और विदेश नीति से दूरी
चुनावी नुकसान का असर साफ दिखने के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना बचाव करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने लंबे संदेश में उन्होंने पार्टी की पराजय के लिए सीधे तौर पर ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को जिम्मेदार ठहराया। वेंस ने लिखा कि हार की असल वजह युद्ध ही है और राष्ट्रपति ने खुद बीती रात इस बात को स्वीकार किया था। फरवरी के महीने में शुरू हुए अमेरिका, इजरायल और ईरान के त्रिकोणीय सैन्य टकराव ने अमेरिकी मतदाताओं के रुख पर बेहद नकारात्मक प्रभाव डाला था। इस युद्ध की वजह से बढ़ी हुई महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों की आसमान छूती कीमतों ने रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी अभियान को गहरा झटका दिया। वेंस की इस सार्वजनिक प्रतिक्रिया को ट्रंप प्रशासन की सबसे विवादित विदेश नीति से खुद को सुरक्षित दूरी पर रखने की सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर महाभियोग का गहराता संकट
चुनावी हार के बाद रिपब्लिकन खेमे में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लेकर असंतोष चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के कई सांसद और रणनीतिकार अब सीधे तौर पर हेगसेथ पर निशाना साध रहे हैं। उनका दावा है कि हेगसेथ ने ही राष्ट्रपति ट्रंप को बिना किसी ठोस रणनीति या राजनीतिक नतीजों के आकलन के ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रेरित किया था। न तो इस सैन्य अभियान से सुरक्षित बाहर निकलने की कोई स्पष्ट योजना बनाई गई थी और न ही इसके घरेलू राजनीतिक नुकसान से निपटने की तैयारी थी।
इसी असंतोष के चलते निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अगले सप्ताह रक्षा मंत्री हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किए जाने की पूरी तैयारी है। केंटकी राज्य से रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने स्पष्ट किया है कि वे सदन में इस प्रस्ताव पर मतदान करवाएंगे। सदन के भीतर के हालात को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि यह प्रस्ताव पारित हो सकता है। मौजूदा परिस्थितियों में रिपब्लिकन सांसदों के पास राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के अभी दो साल बचे हैं, इसलिए कोई भी सीधा हमला ट्रंप पर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। हालांकि, हेगसेथ के प्रति पार्टी के सांसदों में इस तरह की कोई वफादारी नहीं बची है। पेंटागन में अपने बेहद आक्रामक कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले हेगसेथ के संबंध अमेरिकी संसद में पहले से ही सीमित रहे हैं, जिसके कारण अब चुनावी पराजय का पूरा दोष उन पर मढ़ने की तैयारी दिखाई दे रही है।


















