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वॉशिंगटन में प्रमिला जयपाल की एकतरफा जीत, 88 फीसदी वोटों के साथ छठी बार बनीं अमेरिकी प्रतिनिधिअमेरिका
5 नव॰ 2026, 8:54 am (4 मिनट पहले)· 0

वॉशिंगटन में प्रमिला जयपाल की एकतरफा जीत, 88 फीसदी वोटों के साथ छठी बार बनीं अमेरिकी प्रतिनिधि

डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल ने वॉशिंगटन के 7वें जिले में रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी नीरव शेठ को मात देकर छठी बार जीत दर्ज की है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता प्रमिला जयपाल ने भारी मतों से अपनी सीट बरकरार रखी है। वॉशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले के इस मुकाबले में उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन प्रत्याशी नीरव शेठ को बहुत बड़े फासले से शिकस्त दी। जब चुनावी नतीजे की घोषणा की गई, उस समय तक करीब 54 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो पाई थी। उस चरण तक प्रमिला जयपाल के पक्ष में लगभग 88 फीसदी वोट दर्ज हो चुके थे, जबकि नीरव शेठ केवल 12 प्रतिशत वोटों पर सिमट कर रह गए थे। इस शानदार चुनावी जीत के साथ ही प्रमिला जयपाल अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन में अपना लगातार छठा कार्यकाल पूरा करने के लिए तैयार हैं।

सदन में प्रमिला जयपाल की स्थिति और विधायी भूमिका

इस ताजा चुनावी जीत के बाद प्रमिला जयपाल उस अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कदम रखेंगी, जिसकी कमान अब डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों में आ गई है। विधायी कार्यों में उनका कद काफी मजबूत माना जाता है, क्योंकि वह न्यायिक समिति से जुड़ी आव्रजन उपसमिति में वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके अलावा वह विदेश मामलों की समिति के तहत आने वाली दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति तथा बजट समिति में भी सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल हैं। पहले वह कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल चुकी हैं और वर्तमान में उस कॉकस की मानद अध्यक्ष पद पर आसीन हैं। साथ ही कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस की आव्रजन टास्क फोर्स की अध्यक्षता भी उन्हीं के पास है।

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भारत में बीता बचपन और छात्र जीवन का सफर

प्रमिला जयपाल का जीवन कई देशों के सामाजिक अनुभवों से गुजरा है। उनका जन्म भारत में हुआ था और शुरुआती बचपन भारत, इंडोनेशिया तथा सिंगापुर जैसे देशों में बीता। जब वह महज 16 वर्ष की थीं, तब उच्च शिक्षा हासिल करने के उद्देश्य से वह अकेले अमेरिका पहुंचीं और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के उपरांत उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। प्रमिला जयपाल अमेरिकी कांग्रेस के इतिहास की पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला सदस्य हैं। इसके साथ ही वह अमेरिकी संसद की एकमात्र ऐसी सदस्य भी हैं, जिनके पास अपने शुरुआती दौर में स्टूडेंट वीजा और एच-1बी वर्क वीजा दोनों रहने का सीधा अनुभव रहा है।

साल 2023 में दिए गए अपने एक आधिकारिक बयान में उन्होंने अपनी जड़ों का उल्लेख करते हुए भारत को अपना जन्मस्थान बताया था, जहां उनके माता-पिता आज भी निवास करते हैं। उस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह करीब तीन दशकों तक भारत की नागरिक रही हैं। अपने इसी व्यक्तिगत सफर के आधार पर वह कानूनी प्रवासियों और विदेशी छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद में लगातार उठाती रही हैं।

प्रवासी नीतियों और आर्थिक फैसलों पर कड़ा रुख

प्रमिला जयपाल ने ट्रंप प्रशासन की उन नीतियों का लगातार कड़ा विरोध किया है जो कानूनी आव्रजन पर पाबंदियां लगाने की वकालत करती हैं। उन्होंने एच-1बी वीजा फीस को एक लाख डॉलर तक बढ़ाने के प्रस्तावों की तीखी निंदा की थी। दिसंबर 2025 में हुई एक महत्वपूर्ण संसदीय सुनवाई में उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा था कि प्रशासन कानूनी आव्रजन के रास्तों को बंद कर रहा है और यह कदम भेदभाव वाली पुरानी नीतियों की याद दिलाता है।

उसी सुनवाई के दौरान उन्होंने भारतीय मूल के नागरिकों के खिलाफ बढ़ने वाली नफरती घटनाओं पर गंभीर चिंता जाहिर की थी। साथ ही उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले टैरिफ की भी आलोचना की थी। उनका स्पष्ट रुख था कि इस तरह के शुल्कों से भारत की अर्थव्यवस्था को सीधा नुकसान होता है और इसके साथ ही अमेरिकी व्यापारियों तथा आम उपभोक्ताओं पर भी महंगाई और कारोबारी दिक्कतों का असर पड़ता है।

उपराष्ट्रपति की टिप्पणी और चुनावी पृष्ठभूमि

इस चुनाव परिणाम के साथ अमेरिकी राजनीति में आए बदलावों पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मध्यावधि चुनाव में अपनी रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के पीछे ईरान युद्ध को प्रमुख कारण बताया। अपनी इस टिप्पणी के दौरान उपराष्ट्रपति ने इजरायल के विषय का भी उल्लेख किया। प्रमिला जयपाल की यह बड़ी जीत ऐसे समय में दर्ज हुई है जब सदन के भीतर आव्रजन सुधारों और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर राजनीतिक दलों में तीखी बहस चल रही है।

सवाल-जवाब

प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कौन सा कार्यकाल जीता है?
प्रमिला जयपाल ने वॉशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले से अपना छठा कार्यकाल जीता है।
चुनाव परिणाम की घोषणा के समय मतगणना के क्या आंकड़े थे?
उस समय तक 54 प्रतिशत वोटों की गिनती हुई थी, जिसमें प्रमिला जयपाल को लगभग 88 फीसदी और नीरव शेठ को 12 प्रतिशत वोट मिले थे।
प्रमिला जयपाल के पास अमेरिकी वीजा से जुड़ा कौन सा अनूठा रिकॉर्ड है?
वह अमेरिकी संसद की एकमात्र ऐसी सदस्य हैं जिनके पास पूर्व में स्टूडेंट वीजा और एच-1बी वर्क वीजा दोनों रहने का अनुभव रहा है।
प्रमिला जयपाल ने किस विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की?
उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में अपनी प्रारंभिक उच्च शिक्षा ली और बाद में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए पूरा किया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पार्टी की हार का क्या कारण बताया?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मध्यावधि चुनाव में अपनी पार्टी के नुकसान के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया और इजरायल का भी उल्लेख किया।
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