बराबरी और साझेदारी का नया दौर, करवा चौथ पर पतियों के उपवास रखने की अनूठी परंपराडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बैंक की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की तैयारीपहाड़ी धाम की थाली का गौरव: बिना प्याज़-टमाटर ऐसे तैयार करें क्रीमी और सुगंधित हिमाचली चना मदराबिहार के ऐतिहासिक प्रतीकों को कबाड़ से जीवंत बना रहे भोजपुर के इंजीनियर प्रशांतअमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलचांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दामआईआईटी मद्रास ने जारी किया गेट 2027 का पूरा शेड्यूल, रोबोटिक्स समेत नए बदलावों के साथ इस दिन से शुरू होंगे आवेदनफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
आर्कटिक सुरक्षा पर त्रिपक्षीय सहमति के बाद ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने मजबूत करेगा अमेरिकाअमेरिका
23 सित॰ 2026, 12:15 am (37 दिन पहले)· 0

आर्कटिक सुरक्षा पर त्रिपक्षीय सहमति के बाद ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने मजबूत करेगा अमेरिका

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ हुए नए समझौते के तहत अमेरिकी सेना को अपने ठिकाने बढ़ाने की अनुमति मिल गई है, जबकि संप्रभुता डेनमार्क के पास ही रहेगी।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के बीच अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेतृत्व ने एक नए सुरक्षा समझौते पर दस्तखत किए हैं। इस रणनीतिक सहमति का मुख्य उद्देश्य सुदूर उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक क्षेत्र में पश्चिमी रक्षा ढांचे को मजबूत करना है। नए प्रावधानों के तहत ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना को अपने परिचालन का विस्तार करने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है, जबकि इस विशाल द्वीप पर प्रशासनिक और संप्रभु नियंत्रण पूरी तरह से डेनमार्क के अधीन ही बना रहेगा।

राजनयिक खींचतान के बीच बना सहयोग का नया ढांचा

यह नया रक्षा समझौता उस पृष्ठभूमि में सामने आया है जब वाशिंगटन और कोपेनहेगन के बीच महीनों से तीखी खींचतान चल रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाने की वकालत कर रहे थे और अपने नाटो सहयोगी डेनमार्क से इस स्वायत्त क्षेत्र को लेकर कई कड़े बयान दे रहे थे। इस नई सहमति से दोनों पक्षों के बीच पैदा हुआ राजनयिक गतिरोध काफी हद तक शांत होता दिख रहा है, क्योंकि अमेरिका ने संप्रभुता के दावे को दरकिनार करते हुए सैन्य साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है।

ये भी पढ़ें

हस्ताक्षर से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान

दस्तावेजों पर औपचारिक मुहर लगने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पहल को सभी पक्षों के लिए लाभकारी करार दिया। उन्होंने कहा, "यह यूरोप, अमेरिका और सभी के लिए बहुत बड़ी बात है। और ग्रीनलैंड के लिए यह अद्भुत होगा।" हस्ताक्षर प्रक्रिया से पहले दोनों ही देशों की सरकारों ने समझौते के तकनीकी विवरणों को काफी गोपनीय रखा था। हालांकि कुछ दिन पहले ही ग्रीनलैंड को डेनमार्क के अधीन रखते हुए सैन्य उपस्थिति मजबूत करने के प्राथमिक प्रारूप का संकेत दिया गया था।

सैन्य सुविधाओं का विस्तार और नए केंद्र

तय योजना के मुताबिक अमेरिका इस रणनीतिक द्वीप पर अपनी सैन्य क्षमताओं को बड़े पैमाने पर उन्नत करने जा रहा है। इसके तहत प्रमुख पिटुफिक स्पेस बेस की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा नर्सार्सुआक और मेस्टर्सविग जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में रक्षा संबंधी नए ढांचे तैयार करने या पहले से मौजूद प्रतिष्ठानों को पुनर्विकसित करने की रूपरेखा भी इस समझौते का अहम हिस्सा है।

आर्कटिक में बढ़ती वैश्विक प्रतिद्वंद्विता

यह पूरा कदम आर्कटिक महासागर के आसपास तेजी से बदल रहे भू-राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया गया है। वाशिंगटन विशेष रूप से इस क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों और प्रभाव को लेकर सतर्क रहा है। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क साम्राज्य के तहत एक स्वायत्त क्षेत्र की हैसियत रखता है। इस समझौते के लागू होने के बाद भी द्वीप की भौगोलिक संप्रभुता में कोई बदलाव नहीं आएगा और वह डेनमार्क का हिस्सा ही बना रहेगा।

सवाल-जवाब

अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच यह समझौता कहां हस्ताक्षरित हुआ?
यह समझौता न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के इतर हस्ताक्षरित हुआ।
क्या इस समझौते के बाद ग्रीनलैंड की संप्रभुता अमेरिका के पास चली जाएगी?
नहीं, समझौते के बावजूद ग्रीनलैंड की संप्रभुता डेनमार्क के पास ही बनी रहेगी।
समझौते के तहत अमेरिका को क्या अधिकार मिले हैं?
अमेरिका को ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति और परिचालन क्षमता बढ़ाने की मंजूरी मिली है।
इस समझौते में ग्रीनलैंड के किन ठिकानों के विस्तार की योजना है?
योजना में पिटुफिक स्पेस बेस के विस्तार के साथ-साथ नर्सार्सुआक और मेस्टर्सविग में सैन्य सुविधाओं का विकास शामिल है।
समझौते पर हस्ताक्षर से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने क्या टिप्पणी की थी?
ट्रंप ने कहा था कि यह यूरोप, अमेरिका और सभी के लिए बहुत बड़ी बात है और ग्रीनलैंड के लिए अद्भुत होगा।
आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका किन देशों की गतिविधियों को लेकर सतर्क है?
अमेरिका आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों को लेकर सुरक्षा चिंताओं में है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp