अमेरिकी खाड़ी तटवर्ती क्षेत्रों पर चक्रवाती तूफान इसायस का गंभीर संकट गहराने लगा है. समुद्र के ऊपर तेजी से मजबूत होता यह चक्रवात अब कैटेगरी 2 के तूफान में तब्दील हो चुका है. बादलों के चक्राकार घेरे के बीच चक्रवात की आंख स्पष्ट होने लगी है, जिसके चारों ओर लगातार तेज आकाशीय बिजली कड़क रही है. वातावरण में बन रही यह विशेष संरचना इस बात की पुष्टि करती है कि चक्रवात का आंतरिक तंत्र बेहद सुव्यवस्थित और आक्रामक रूप ले चुका है. इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में 165 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने, समुद्र में 7 फीट तक ऊंची लहरें उठने और मूसलाधार बारिश होने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है, जिसके चलते कई बस्तियों को फौरन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं.
चक्रवात के केंद्र में विकसित हुई आंख और आईवॉल की संरचना
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, किसी भी बड़े चक्रवात के ठीक केंद्र में बनने वाला अपेक्षाकृत शांत दायरा उसकी आंख कहलाता है. हालांकि, इस शांत केंद्र के ठीक बाहर बादलों और प्रचंड हवाओं की एक बेहद खतरनाक दीवार होती है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में आईवॉल कहा जाता है. तूफान की सबसे विनाशकारी ताकत और सबसे तीव्र हवाएं इसी आईवॉल वाले क्षेत्र में केंद्रित रहती हैं. इसायस के केंद्र में आंख उभरने के साथ-साथ बादलों में हो रही भीषण गर्जना और बिजली की चमक इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वायुमंडलीय हलचल चरम पर पहुंच चुकी है. यद्यपि केवल आंख का दिखाई देना यह पूरी तरह तय नहीं करता कि आगे चलकर तूफान की शक्ति में कितना इजाफा होगा, फिर भी यह उसके अधिक सुगठित और खतरनाक होने की पुष्टि करता है.
विनाशकारी हवाएं, ज्वार का उभार और बवंडर की आशंका
इस चक्रवात से उत्पन्न संकट केवल तेज हवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक साथ कई प्राकृतिक आपदाओं का रूप लेकर तटीय भूभाग की ओर बढ़ रहा है. इसायस के प्रभाव क्षेत्र में हवाओं का वेग 165 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज किया गया है. इतनी तीव्र गति की हवाओं से बड़े पेड़ों के उखड़ने, पक्के और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली के खंभे और संचार तंत्र ध्वस्त होने की पूरी आशंका बनी हुई है.
इसके साथ ही, अलबामा और मिसिसिपी के कई तटीय हिस्सों में समुद्र का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ने की चेतावनी दी गई है. तूफानी लहरों और सामान्य समुद्री ज्वार के एक साथ मिलने से तटीय इलाकों में पानी का स्तर 5 से 7 फीट तक ऊपर उठ सकता है, जिससे निचले इलाकों के जलमग्न होने का खतरा है. इसके अलावा, तटीय भागों में 15 इंच यानी लगभग 38 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे कई इलाके अचानक बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. मौसम विभाग ने यह भी आगाह किया है कि शुक्रवार रात से शनिवार के दौरान अलबामा, फ्लोरिडा पैनहैंडल और दक्षिण-पश्चिमी जॉर्जिया में कई स्थानों पर घातक बवंडर भी बन सकते हैं. ऐसे हालात में बुनियादी बिजली आपूर्ति लंबे समय तक ठप रह सकती है.
तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव कार्य और खाली कराने के आदेश
चक्रवात इसायस के तट से टकराने की आशंका को देखते हुए फ्लोरिडा, अलबामा और मिसिसिपी के पूरे तटीय क्षेत्र में आपातकालीन प्रबंध युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं. अलबामा के गवर्नर के ने गैर-निवासियों को निर्देश दिया है कि वे गल्फ शोर्स, ऑरेंज बीच और डॉफिन आइलैंड को अविलंब खाली कर दें. इसी प्रकार फ्लोरिडा के भी कई संवेदनशील इलाकों में अनिवार्य निकासी आदेश लागू कर दिए गए हैं.
आपदा के मद्देनजर स्थानीय स्कूलों में नियमित कक्षाएं बंद कर दी गई हैं. नागरिक अपने वाहनों के लिए पेट्रोल और रोजमर्रा के आवश्यक खाद्य पदार्थों का भंडारण करने में जुटे हैं, जबकि तटीय मछुआरे अपनी नौकाओं को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाकर रस्सियों से बांध रहे हैं. राहत और बचाव अभियानों को संभालने के लिए फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने जानकारी दी है कि शुक्रवार तक लगभग 5,000 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी.
रात के समय जमीन से टकराने पर बढ़ सकती हैं चुनौतियां
मौसम संबंधी पूर्वानुमानों में कहा गया है कि चक्रवात इसायस शुक्रवार की देर रात या शनिवार के शुरुआती घंटों में अमेरिकी खाड़ी तट पर दस्तक दे सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जमीन से टकराते वक्त घर्षण के कारण तूफान की गति में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन इसका विनाशकारी प्रभाव केवल उस बिंदु तक सीमित नहीं रहेगा जहां यह तट को स्पर्श करेगा, बल्कि इसका दायरा कई सौ किलोमीटर दूर तक फैलेगा.



















