अमेरिकी प्रशासन के गलियारों में इस समय 35 वर्षीय नताली हार्प की भूमिका और राष्ट्रपति के साथ उनकी नजदीकी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन चुकी है। कैलिफोर्निया की रहने वाली नताली इस समय व्हाइट हाउस के भीतर राष्ट्रपति के स्पेशल और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। हालांकि, सरकारी जिम्मेदारियों से परे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हर कदम पर उनके साथ साये की तरह डटे रहने की वजह से वे लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।
फॉक्स न्यूज के इंटरव्यू से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
नताली हार्प का राष्ट्रपति के साथ जुड़ाव साल 2019 में पहली बार दुनिया के सामने आया था। उस दौरान नताली ने फॉक्स न्यूज चैनल पर दिए एक चर्चित साक्षात्कार में अपनी निजी कहानी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि किस तरह तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किए गए एक विशेष कानून के माध्यम से उन्हें बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से मुकाबला करने में मदद मिली थी। इस साक्षात्कार ने राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया और वे उनके साहस से काफी प्रभावित हुए। इसके बाद साल 2020 में आयोजित हुए रिपब्लिकन कन्वेंशन के मुख्य मंच पर नताली को भाषण देने का अवसर दिया गया। धीरे-धीरे यह प्रशासनिक निकटता मजबूत होती चली गई और साल 2022 में नताली को आधिकारिक रूप से उनकी स्थायी टीम का प्रमुख सदस्य बना लिया गया।
व्हाइट हाउस में 'ह्यूमन प्रिंटर' की अनोखी पहचान
ट्रंप के प्रति नताली की निष्ठा और समर्पण की कहानियां अक्सर चर्चा में रहती हैं। बायोग्राफर माइकल वोल्फ के अनुसार, एक बार न्यू जर्सी में ठहरने की जगह न मिलने पर नताली ने बेझिझक महिलाओं के लॉकर रूम में ही अपना बिस्तर लगा लिया था। इसके अलावा, एक अदालती सुनवाई के समय जब गाड़ियों के काफिले में जगह नहीं बची, तो वे बिना झिझक एक SUV की डिग्गी में सवार हो गईं। कार्यस्थल पर वे हमेशा अपने साथ एक पोर्टेबल प्रिंटर लेकर चलती हैं। पूरे दिन वे राष्ट्रपति की पसंदीदा खबरें, इंटरनेट पोस्ट और जरूरी लेख प्रिंट करके उन्हें सौंपती रहती हैं। इसी अनूठी कार्यशैली के कारण सहकर्मी उन्हें 'ह्यूमन प्रिंटर' कहकर बुलाते हैं। इसके अलावा, उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी खबरों में यह भी उल्लेख मिलता है कि वे राष्ट्रपति के व्यक्तिगत कक्ष में विशेष संदेश छोड़ती थीं, जिनमें लिखा रहता था कि उनके लिए राष्ट्रपति ही सबसे अधिक मायने रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दौरों पर विशेष उपस्थिति और सुरक्षात्मक भूमिका
तुर्की में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान जब ईरान की ओर से सुरक्षा संबंधी खतरों की आशंका जताई गई थी, तब सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति का विमान बदला गया था। उस आपात स्थिति में यात्रा करने वाले बेहद सीमित और भरोसेमंद सहयोगियों के समूह में नताली हार्प का नाम भी शामिल था। वरिष्ठ पत्रकार मैगी हैबरमैन ने 80 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप के जीवन में नताली की मौजूदगी का विश्लेषण करते हुए उन्हें राष्ट्रपति के लिए एक तरह का 'सिक्योरिटी ब्लैंकेट' करार दिया है, जो हर विषम परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहती हैं।
पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव और मेलानिया की दूरी
राष्ट्रपति और उनकी सहायक की इस अटूट नजदीकी के कारण राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तंज कसे जाने लगे हैं, जहां कुछ लोग उन्हें 'मेलानिया की सौतन' कहकर संबोधित करने लगे हैं। बायोग्राफर माइकल वोल्फ के दावों के मुताबिक, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और नताली के बीच गंभीर शक्ति संघर्ष चल रहा है। स्थिति यह है कि मेलानिया, नताली के साथ एक ही परिसर में रहने या एक ही तस्वीर में साथ दिखने से परहेज करती हैं। नताली की 24 घंटे मौजूदगी की वजह से ही मेलानिया चुनावी रैलियों से लेकर व्हाइट हाउस के औपचारिक कार्यक्रमों तक से लगातार दूरी बनाए हुए हैं। साल 2025 में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के बाद से मेलानिया गिने-चुने अवसरों पर ही सार्वजनिक रूप से नजर आई हैं, जबकि साल 2026 में उनकी उपस्थिति न के बराबर रही है।
बाप-बेटी के रिश्ते का दावा और अंदरूनी खींचतान
हालांकि ट्रंप के करीबी सहयोगियों और सलाहकारों का कहना है कि नताली और राष्ट्रपति के बीच एक पवित्र 'बाप-बेटी' जैसा संबंध है। इसके विपरीत, नताली के अपने सगे भाई प्रेस्टन हार्प ने इस तरह के रवैये को अनुचित बताया था। प्रेस्टन का मानना था कि उनकी बहन एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी की जगह किसी प्रशंसक क्लब की तरह व्यवहार करती हैं। कारण चाहे जो भी हो, नताली हार्प की निरंतर मौजूदगी ने इस समय राष्ट्रपति के व्यक्तिगत जीवन और प्रशासनिक वातावरण में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।



















