कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की निर्मम हत्या ने पीछा करने और प्रताड़ित करने की एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली कहानी को उजागर किया है। अमेरिकी अधिकारियों की जांच के अनुसार, हत्या के आरोपी 22 वर्षीय भारतीय नागरिक रोहित ने कई महीनों तक शालिनी का पीछा कर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया था। यह मामला इस हद तक बढ़ गया था कि पीड़ित महिला ने अपनी सुरक्षा के लिए आरोपी के खिलाफ अदालत से एक प्रतिबंधात्मक आदेश यानी रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी हासिल कर लिया था। इसके बावजूद, आरोपी का जुनून कम नहीं हुआ और उसने तमाम कानूनी बंदिशों को दरकिनार करते हुए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद उसने खुद भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
तकनीक के जरिए जासूसी और उत्पीड़न की शुरुआत
इस प्रताड़ना की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब शालिनी ठाकुर को पहली बार यह आशंका हुई कि कोई उनके आने-जाने की गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रख रहा है। उनका यह डर तब सच साबित हुआ जब उन्हें अपनी कार के बोनट के नीचे छिपाकर रखा गया एक एप्पल एयरटैग मिला। इस खोज से स्पष्ट हो गया कि तकनीक के माध्यम से उनकी जासूसी की जा रही है। इसके बाद आरोपी की हरकतें केवल डिजिटल निगरानी तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वह शारीरिक रूप से भी शालिनी को परेशान करने लगा। आरोप है कि रोहित ने शालिनी की कार के टायरों की हवा निकाल दी और फिर उनके कार्यालय के पास पहुंचकर मदद करने का नाटक करने लगा। इस तरह, जिस व्यक्ति से शालिनी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाह रही थीं, वही बार-बार किसी न किसी बहाने उनके करीब आने के रास्ते तलाश रहा था।
घर की सुरक्षा में सेंध और कानूनी आदेशों का उल्लंघन
जैसे-जैसे आरोपी का जुनून बढ़ता गया, उसने पीड़ित महिला के निजी जीवन और घर की सुरक्षा में भी खतरनाक तरीके से सेंध लगाना शुरू कर दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार, रोहित ने किसी तरह शालिनी के अपार्टमेंट की एक डुप्लीकेट चाबी हासिल कर ली थी। इस अनधिकृत पहुंच के जरिए वह शालिनी के सोते समय भी उनके घर के भीतर दाखिल हो सकता था, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद डरावना था। इस अत्यंत संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए शालिनी ने कानूनी रास्ता अपनाया और मई 2026 में रोहित के खिलाफ एक प्रतिबंधात्मक आदेश प्राप्त किया। यह आदेश कानूनी रूप से आरोपी को पीड़ित के पास जाने से रोकता था, लेकिन इसके बावजूद जुलाई तक उसका पीछा करने का सिलसिला लगातार जारी रहा।
सैक्रामेंटो शॉपिंग सेंटर में सरेआम हत्याकांड
महीनों से जारी यह मानसिक उत्पीड़न अंततः 8 सितंबर को एक हिंसक त्रासदी में बदल गया। कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो शहर में एक शॉपिंग सेंटर के बाहर शालिनी ठाकुर अपनी कार के समीप मौजूद थीं, तभी रोहित अचानक उनके सामने आ गया। शालिनी ने वहां से बचकर भागने का पूरा प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा किया और बंदूक निकालकर उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोली लगने से जब शालिनी जमीन पर गिर गईं, तो आरोपी ने उनके सिर के बेहद करीब से एक और गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी अपनी कार से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस को उसकी भी लाश मिली, जिसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
आरोपी के अप्रवासन इतिहास पर गंभीर सवाल
इस हत्याकांड के बाद आरोपी के अमेरिका में रहने की पृष्ठभूमि को लेकर भी कई गंभीर जानकारियां सामने आई हैं। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के रिकॉर्ड से पता चला है कि आरोपी रोहित साल 2023 में एरिजोना सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। सीमा पार करते समय उसे अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल द्वारा पकड़ा भी गया था, लेकिन बाद में राष्ट्रपति बाइडेन के प्रशासन के कार्यकाल के दौरान उसे रिहा कर दिया गया। इस रिहाई के कारण वह कानूनी कार्रवाई से बचकर देश के भीतर रह रहा था और अंततः उसने इस भयानक हत्याकांड को अंजाम दे दिया।



















