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सीआईए के गुप्त दस्तावेजों से बड़ा खुलासा, 9/11 हमलों से सालों पहले ओसामा बिन लादेन की हिट लिस्ट में था भारतअमेरिका
13 सित॰ 2026, 1:58 pm (45 दिन पहले)· 1

सीआईए के गुप्त दस्तावेजों से बड़ा खुलासा, 9/11 हमलों से सालों पहले ओसामा बिन लादेन की हिट लिस्ट में था भारत

अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा सार्वजनिक किए गए 70 से ज्यादा प्रेसिडेंशियल दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि अगस्त 1998 में ही ओसामा बिन लादेन ने भारत को संभावित हमलों के निशाने के रूप में चिन्हित किया था।

11 सितंबर 2001 के भयानक आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने 70 से ज्यादा अति-संवेदनशील प्रेसिडेंशियल दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। 100 से अधिक पन्नों की इन डीक्लासिफाइड फाइलों ने आतंकवाद के इतिहास से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्यों से पर्दा उठाया है। इन खुलासों में सबसे प्रमुख बिंदु यह सामने आया है कि 9/11 के हमलों से कई साल पहले ही ओसामा बिन लादेन के आतंकी नेटवर्क की नजर भारत पर भी बनी हुई थी।

1998 की खुफिया रिपोर्ट में भारत को बताया गया था संभावित निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए 28 अगस्त 1998 को तैयार की गई एक विशेष खुफिया रिपोर्ट में भारत का नाम उन देशों की सूची में शामिल था, जिन्हें ओसामा बिन लादेन और उसका संगठन अल-कायदा हमले के लिए चुन सकते थे। 'बिन लादेन टेररिस्ट नेटवर्क स्टिल ए थ्रेट' शीर्षक वाली इस गोपनीय रिपोर्ट में भारत के अलावा पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा जैसे राष्ट्रों का उल्लेख भी संभावित निशानों के तौर पर किया गया था।

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हालांकि, इस 25 साल पुराने दस्तावेज में भारत के भीतर किसी विशिष्ट शहर, इमारत, सैन्य प्रतिष्ठान या हमले की निश्चित तारीख का जिक्र नहीं किया गया था। रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट नहीं होता है कि क्या भारत में भी अमेरिका की तर्ज पर विमानों को इमारतों से टकराने जैसी किसी साजिश की तैयारी की जा रही थी, लेकिन दस्तावेज यह साबित करते हैं कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां भारत को लेकर सतर्क थीं।

अमेरिकी मिसाइल हमलों के बाद भी कायम रहा अल-कायदा का ताना-बाना

अमेरिकी प्रशासन को जब 1998 के दौर में लादेन की खतरनाक साजिशों का सुराग मिला, तब अमेरिका ने अफगानिस्तान में स्थित अल-कायदा के ट्रेनिंग कैंपों पर सटीक मिसाइल दागी थीं। तत्कालीन खुफिया आकलनों के अनुसार, इन भीषण हमलों के बावजूद ओसामा बिन लादेन और उसके शीर्ष कमांडर सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे थे।

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद अल-कायदा ने अपने संचार तंत्र को फिर से सक्रिय कर लिया था। आतंकियों ने अपने ट्रेनिंग कैंपों को दूसरी सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया और कुछ स्थानों पर दोबारा सैन्य प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया। अमेरिकी कोशिशों के बावजूद लादेन का नेटवर्क कमजोर नहीं पड़ा और उसने उत्तर अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया तक अपने पैर पसार लिए थे।

60 देशों में फैला था आतंकी तंत्र

डीक्लासिफाई की गई रिपोर्ट में खुफिया विश्लेषकों ने चेतावनी दी थी कि अल-कायदा का नेटवर्क दुनिया के कम से कम 60 देशों में फैले अपने समर्थकों और स्थानीय सहयोगी संगठनों के माध्यम से हमले करवा सकता है। 1998 में अमेरिकी मिसाइल स्ट्राइक होने के कुछ ही घंटे पहले तक लादेन अमेरिका और ब्रिटेन के ठिकानों पर नए हमलों की योजना बनाने में जुटा हुआ था।

यह दस्तावेज 1998 से 2001 के बीच बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान तैयार की गई दैनिक खुफिया ब्रीफिंग का हिस्सा थे। इन फाइलों से साफ जाहिर होता है कि सुरक्षा एजेंसियां व्हाइट हाउस को अल-कायदा के बढ़ते खतरे के प्रति लगातार आगाह कर रही थीं।

11 सितंबर 2001 का वो त्रासदीपूर्ण दिन

तमाम खुफिया चेतावनियों के बीच 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका के चार कमर्शियल यात्री विमानों को हवा में ही हाईजैक कर लिया। आतंकियों ने दो विमानों को सीधे न्यू यॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिया, जिससे दोनों विशाल इमारतें पूरी तरह ढह गईं।

तीसरा अपहृत विमान वॉशिंगटन के पास अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन पर गिराया गया। वहीं चौथा विमान पेनसिल्वेनिया के एक मैदान में क्रैश हो गया, जिसके बारे में माना जाता है कि आतंकी उसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद भवन पर गिराने की योजना बना रहे थे। 25 साल बाद सार्वजनिक हुए ये दस्तावेज दिखाते हैं कि इस भयावह हमले की पृष्ठभूमि बरसों पहले से तैयार की जा रही थी।

सवाल-जवाब

सीआईए की इस रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?
28 अगस्त 1998 की प्रेसिडेंशियल खुफिया रिपोर्ट में ओसामा बिन लादेन द्वारा निशाना बनाए जा सकने वाले संभावित देशों की सूची में भारत का नाम भी शामिल था।
क्या रिपोर्ट में भारत में हमले के किसी खास शहर या तारीख का जिक्र था?
नहीं, डीक्लासिफाई किए गए दस्तावेज में भारत के किसी खास शहर, ठिकाने, तारीख या हमले के तरीके की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी।
अमेरिका ने अल-कायदा पर कब मिसाइल हमले किए थे?
अमेरिका ने अगस्त 1998 में अफगानिस्तान स्थित अल-कायदा के प्रशिक्षण शिविरों पर मिसाइल हमले किए थे।
1998 में लादेन का नेटवर्क कितने देशों में फैला हुआ माना गया था?
अमेरिकी खुफिया आकलन के मुताबिक अल-कायदा कम से कम 60 देशों में फैले अपने समर्थकों और नेटवर्क की मदद से हमलों को अंजाम देने में सक्षम था।
11 सितंबर 2001 को कितने आतंकियों ने विमान हाईजैक किए थे?
11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका में चार व्यावसायिक यात्री विमानों का अपहरण किया था।
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