आंध्र प्रदेश के चिंचिनाडा में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्य गोदावरी नदी पर बने पुल से पानी में कूद गए। इस हादसे में परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला को स्थानीय मछुआरों ने समय रहते बचा लिया। घटना सामने आने के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है।
शनिवार तड़के हुआ हादसा, रविवार को मिले शव
पुलिस के मुताबिक यह हादसा शनिवार सुबह करीब सवा 6 बजे हुआ, जब परिवार के चारों सदस्य चिंचिनाडा में गोदावरी नदी पर बने पुल पर पहुंचे और वहां से नदी में छलांग लगा दी। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया, लेकिन रात होने और नदी के तेज बहाव के चलते तलाश तुरंत पूरी नहीं हो सकी। रविवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें टीम को तीन शव बरामद हुए। इसी दौरान इलाके में मछली पकड़ने गए स्थानीय मछुआरों की नजर एक महिला पर पड़ी, जिसे उन्होंने फौरन पानी से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।
पुल से नदी में कूदा पूरा परिवार, पुलिस अधिकारी ने बताया पूरा घटनाक्रम
चिंचिनाडा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परिवार ने चिंचिनाडा के पुल के ऊपर से सीधे गोदावरी नदी में छलांग लगाई थी। इसके बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तीन शव बरामद किए गए, जबकि एक महिला को लोकल मछुआरों ने बचा लिया। अधिकारी ने यह भी बताया कि मौके से पुलिस को दो मोटरसाइकिल भी बरामद हुई हैं, जो शुरुआती जांच में परिवार की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बनीं।
मोटरसाइकिल के नंबर से हुई तनुकू के परिवार की पहचान
पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पता लगाया कि यह परिवार तनुकू शहर का रहने वाला है। बचाई गई महिला की पहचान 42 साल की नंबूरी पद्मिनी के रूप में हुई है। उन्हें फिलहाल रजोल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अब पद्मिनी के परिवार के अन्य रिश्तेदारों की तलाश में जुटी है, ताकि उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी दी जा सके और आगे की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
पति और दोनों बच्चों की मौत, वजह अब भी अनसुलझी
पुलिस ने बताया कि नदी में डूबने से जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनमें पद्मिनी के 45 साल के पति नंबूरी श्रीनिवास और उनके दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं। हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर परिवार ने पुल से नदी में छलांग लगाने जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। इसके पीछे पारिवारिक विवाद था, आर्थिक तंगी थी या कोई और वजह, इसका खुलासा अभी बाकी है। पुलिस ने साफ किया है कि घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है।
कुछ दिन पहले दिल्ली में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
इससे कुछ दिन पहले दिल्ली की संजय झील में भी तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई थी, जिनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच थी। बताया गया था कि इनमें से एक युवक नहाने के लिए झील में उतरा था, लेकिन जब वह डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए बाकी दोनों युवक भी पानी में कूद पड़े और तीनों की डूबने से मौत हो गई। नदी और झीलों से जुड़े ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं, जो जल निकायों के पास बरती जाने वाली सावधानी की जरूरत को एक बार फिर उजागर करते हैं।




















