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अरुणाचल प्रदेश ओडीएफ प्लस लक्ष्य पाने के लिए ग्रामीण स्वच्छता अभियान को दे रहा धारअरुणाचल प्रदेश
22 अग॰ 2026, 12:05 pm (1 घंटे पहले)· 3

अरुणाचल प्रदेश ओडीएफ प्लस लक्ष्य पाने के लिए ग्रामीण स्वच्छता अभियान को दे रहा धार

अरुणाचल प्रदेश सरकार ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करने के लिए स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दे रही है। राज्य के मंत्री ओजिंग तासिंग ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात कर स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर चर्चा की।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। राज्य सरकार इस अभियान के तहत टिकाऊ स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल कचरे के प्रभावी प्रबंधन और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दे रही है।

केंद्रीय मंत्री से हुई अहम मुलाकात

अरुणाचल प्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग ने इस संबंध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के साथ साझा की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन और अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

अपनी इस उच्च स्तरीय बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ओजिंग तासिंग ने X पर लिखा कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित आवास पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ पेयजल और स्वच्छता विभाग (डीडब्ल्यूएस) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संयुक्त सचिव ऐश्वर्या सिंह और संयुक्त सचिव अशोक मीना भी मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता कार्यों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

पुराने मील के पत्थरों से आगे का सफर

गौरलतब है कि अरुणाचल प्रदेश ने दिसंबर 2017 में ही खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ का मुकाम हासिल कर लिया था। इसके बाद से ही राज्य सरकार स्वच्छता मिशन के अगले चरण पर लगातार काम कर रही है। इस चरण में स्वच्छता के परिणामों को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखने, ग्रामीण कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और गांवों को अधिक स्वच्छ व स्वस्थ बनाने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

प्रशासनिक समन्वय और केंद्र का सहयोग

मंत्री ओजिंग तासिंग ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक तालमेल और सामूहिक प्रयासों के जरिए ग्रामीण स्वच्छता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं दूसरी ओर, बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने अरुणाचल प्रदेश को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिलाने और वहां एक टिकाऊ ग्रामीण परिवेश विकसित करने के इन सभी प्रयासों में केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और समर्थन का भरोसा दिलाया है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश में ग्रामीण स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
राज्य का मुख्य उद्देश्य ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करना, टिकाऊ स्वच्छता बनाए रखना और ठोस व तरल कचरे का प्रभावी प्रबंधन करना है।
ओजिंग तासिंग ने नई दिल्ली में किस केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की?
ओजिंग तासिंग ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से नई दिल्ली में मुलाकात की।
अरुणाचल प्रदेश ने खुले में शौच से मुक्त (ODF) का milestone कब हासिल किया था?
अरुणाचल प्रदेश ने दिसंबर 2017 में ओडीएफ का मील का पत्थर हासिल किया था।
इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के किस घटक की प्रगति की समीक्षा की गई?
बैठक में केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·54 मिनट पहले

अरुणाचल प्रदेश द्वारा ओडीएफ प्लस के तहत ठोस और तरल कचरे के प्रबंधन पर जोर देना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में भौगोलिक चुनौतियों के कारण ग्रामीण स्वच्छता के बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखना और कचरे का निपटान करना प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·54 मिनट पहले

अरुणाचल प्रदेश में ओडीएफ प्लस के लक्ष्यों को गति देना सराहनीय है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में ठोस और तरल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन और मजबूत प्रशासनिक तालमेल की आवश्यकता होगी। केंद्र का सहयोग इस दिशा में अहम साबित हो सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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