पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना की अगस्त किस्त का वितरण शुरू, जानें नए पात्रता नियम और किसे मिलेंगे 3,000 रुपयेविदेशी सरजमीं पर विराट कोहली का खौफनाक दबदबा, एबी डीविलियर्स का सचिन तेंदुलकर के साथ तुलनात्मक विश्लेषणविधारा जड़ी-बूटी से जोड़ों के दर्द और पाचन में राहत, गोंडा के आयुर्वेदिक विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र से जानिए इसके पारंपरिक उपयोगरंगबिरंगे लंचबॉक्स के लिए झटपट तैयार करें पौष्टिक चुकंदर पराठा, जानें बनाने की पूरी विधिपूलीज X1 रिव्यू: क्या 110 डॉलर वाला यह वॉटर जेट पूल रोबोट वाकई काम का है?मौसम का नया दौर: 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश का अलर्टथिएटर में सुस्त प्रदर्शन के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतरी 'श्रीनिवास मंगापुरम', प्राइम वीडियो पर देखें राशा थडानी और जया कृष्णा की फिल्मसर्वोच्च अदालत ने जंतर-मंतर प्रदर्शन घटना की जांच हेतु पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में बनाई 5 सदस्यीय समितिफिल्म विश्वनाथ एंड संस के सेट पर 103 डिग्री ज्वर में ममिता बैजू का डांस, भवानी श्री ने खोला राजकर्नाटक के बीदर में देशभक्ति के नारे लगाने पर विवाद, 15 अगस्त के बाद पुलिस ने कॉलेज प्रमुख पर दर्ज किया मुकदमा
एनएच-19 पर पचफेड़वा से जिला कोर्ट तक जलभराव, चंदौली में NHAI के खिलाफ आंदोलन की चेतावनीभारत
19 अग॰ 2026, 2:00 pm (1 दिन पहले)· 2

एनएच-19 पर पचफेड़वा से जिला कोर्ट तक जलभराव, चंदौली में NHAI के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अलीनगर के पचफेड़वा और जिला न्यायालय परिसर के पास जलभराव व सड़क के गड्ढों से लोग परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने समस्या का स्थायी समाधान न होने पर NHAI के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

चंदौली जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जल निकासी की खस्ताहाल व्यवस्था और सड़क पर बने गहरे गड्ढे राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर संकट बन गए हैं। अलीनगर क्षेत्र के पचफेड़वा से लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के आसपास तक सर्विस रोड पर बारिश का पानी बड़े पैमाने पर जमा हो रहा है। जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे छिप जाते हैं, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला प्रशासन से स्थायी सुधार की पुरजोर मांग की है।

खराब जलनिकासी और जलमग्न गड्ढों से बढ़ रहा हादसों का जोखिम

बारिश की हल्की फुहारों के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और उससे जुड़ी सर्विस रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाती है। अलीनगर के पचफेड़वा इलाके में सड़क किनारे पानी का भराव होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। जलभराव की वजह से सड़क के बीच बने गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। वाहन चालक, विशेष रूप से दोपहिया सवार, इन अदृश्य गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और कई लोग बाल-बाल बच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है, परंतु संबंधित विभागों द्वारा अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।

ये भी पढ़ें

नालियों की इंजीनियरिंग और एनएचएआई की कार्यशैली पर उठे सवाल

मामले में स्थानीय नागरिक डॉक्टर नारायण मूर्ति ओझा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की इंजीनियरिंग प्रणाली और जलनिकासी की रूपरेखा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यूपी साइड के कई हिस्सों में बारिश के तुरंत बाद पानी एकत्र हो जाता है, जिसका सीधा असर अदालती कामकाज के लिए आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के दोनों ओर बनाई गई नालियों का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है। कई स्थानों पर नालियां आगे जाकर अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है। यही कारण है कि पानी सड़कों, सर्विस लेन और आसपास की दुकानों व बाजारों में भर जाता है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

जिला मुख्यालय और कोर्ट परिसर के सामने प्रशासनिक लापरवाही

सिविल बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व अध्यक्ष विनय कुमार ने इस बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह इलाका जिला मुख्यालय का मुख्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन आम नागरिकों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, न्यायाधीश, अधिवक्ता और महत्वपूर्ण हस्तियां आवाजाही करती हैं। इसके बावजूद जलभराव जैसी बुनियादी समस्या का निराकरण न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने जानकारी दी कि तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से इस समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन अगली बारिश आते ही हालात फिर से जस के तस हो गए। इस स्थिति के कारण महिलाओं, बुजुर्गों, मजदूरों, मरीजों और वकीलों को अत्यधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।

स्थायी समाधान न होने पर अधिवक्ताओं की आंदोलन की चेतावनी

सिविल बार एसोसिएशन चंदौली के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष राकेश रतन तिवारी ने बताया कि न्यायालय परिसर के बाहर सर्विस रोड के समानांतर एक नया नाला निर्मित किया गया था। लेकिन इसके निर्माण के बाद से ही जलनिकासी सुचारू होने के बजाय समस्या और अधिक विकराल हो गई है। बारिश का पानी हफ्तों तक सड़क पर जमा रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर लाकर समस्या दिखाई गई, जहां अधिकारियों ने हर बार स्थायी समाधान का आश्वासन दिया, परंतु धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

अधिवक्ताओं का मानना है कि नालियों के निर्माण के दौरान सही ढाल और पानी के आगे निकलने का सुव्यवस्थित मार्ग नहीं बनाया गया, जिसके कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। वर्षों से बनी इस समस्या को लेकर अब अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे रहा है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एनएचएआई और जिला प्रशासन ने तुरंत सड़क की मरम्मत और जलनिकासी का स्थायी समाधान प्रस्तुत नहीं किया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि जिला मुख्यालय की इस अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।

सवाल-जवाब

चंदौली में जलभराव की समस्या मुख्य रूप से किस मार्ग पर बनी हुई है?
यह समस्या राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अलीनगर के पचफेड़वा क्षेत्र से लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के आसपास की सर्विस रोड पर बनी हुई है।
सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से यात्रियों को क्या परेशानी हो रही है?
जलभराव के कारण सड़क के गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन सवार गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर क्या खामियां बताई हैं?
अधिवक्ताओं के अनुसार नालियों में उचित ढाल नहीं है और वे आगे जाकर अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे पानी की निकासी रुक जाती है।
क्या इस समस्या की शिकायत अधिकारियों से की गई थी?
हां, तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
मांगें पूरी न होने पर वकीलों ने क्या चेतावनी दी है?
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि NHAI और प्रशासन ने सड़क और जलनिकासी को जल्द दुरुस्त नहीं किया तो वे प्रदर्शन करेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

अधिवक्ताओं की यह चेतावनी केवल नागरिक असंतोष नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर संकेत है। जब जिला न्यायालय और प्रशासनिक केंद्रों के मुख्य मार्गों पर बुनियादी ढांचा इस तरह ध्वस्त हो जाता है, तो यह सीधा प्रशासनिक लापरवाही का मामला बनता है। यदि समय रहते नालियों के निर्माण और सड़क की मरम्मत का ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन कानूनी कामकाज को भी प्रभावित कर सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

यह संकट केवल स्थानीय स्तर पर सड़क और नाली की खराब इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला मुख्यालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नीतिगत क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही की गंभीर विफलता को उजागर करता है। जब न्यायपालिका तक पहुँचने वाले मार्ग ही जलमराव और हादसों का अखाड़ा बन जाएं, तो यह शासन तंत्र की प्राथमिकताओं पर बड़े सवाल खड़े करता है। यदि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन ने समन्वय स्थापित कर इस बुनियादी समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो अधिवक्ताओं का यह असंतोष एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सीधा असर पड़ना तय है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR