अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के छात्रों ने संस्थान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सभी शैक्षणिक गतिविधियां अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी हैं। परिसर के नजदीक हुई हिंसक झड़प में कई विद्यार्थियों के साथ संस्थान के एक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य घायल हो गए। इसके विरोध में छात्रों ने सख्त सुरक्षा कदमों की मांग करते हुए कक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार शुरू किया है।
परिसर के पास मारपीट की घटना कैसे हुई
छात्र परिषद के अनुसार यह घटना 16 सितंबर की शाम को हुई, जब तीन विद्यार्थी अपने अकादमिक प्रोजेक्ट के सिलसिले में काम कर रहे थे। संस्थान के पास जोलांग-राकाप रोड पर कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें रोका। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी अचानक हिंसक रूप ले बैठी, जिसमें एक युवक ने लाठी से एक छात्र पर हमला कर दिया।
झगड़े की आवाज सुनकर जब पटकथा लेखन विभाग के प्रमुख और दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता डोमिनिक संगमा बीच-बचाव करने पहुंचे, तो दो युवकों ने कथित तौर पर उन पर भी हमला कर दिया। मेघालय के रहने वाले डोमिनिक संगमा गारो भाषा की अपनी चर्चित फिल्मों 'रेप्चर' (रिमदोगित्तंगा) और 'मा.आमा' के लिए जाने जाते हैं। इस दौरान पास में मौजूद एक अन्य छात्र के सिर पर बांस की लाठी से वार किया गया। जब संस्थान के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, तो उनके साथ भी गाली-गलौज और अभद्रता की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी और छात्रों की चिंताएं
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने मामले में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद छात्र परिषद ने स्पष्ट किया कि 17 सितंबर से शुरू हुआ उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं करता।
विशेष रूप से छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिषद का कहना है कि परिसर के भीतर बाहरी लोगों की बेरोकटोक आवाजाही, बार-बार मिल रही धमकियों और भय के माहौल ने स्थिति को नाजुक बना दिया है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वादों पर अमल न होने से भी विद्यार्थियों में रोष है।
सीआईएसएफ तैनाती और प्रमुख मांगें
छात्रों का कहना है कि मई 2025 में प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को तैनात करने का आश्वासन दिया था। हालांकि आवास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह प्रक्रिया पिछले 16 महीनों से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।
छात्रों ने अपनी मांगों का एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें CISF की तत्काल तैनाती और परिसर के नजदीक एक पुलिस चौकी की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही कानूनी कार्यवाही की निगरानी के लिए एक संयुक्त शिक्षक-छात्र समिति बनाने और स्थानीय निवासियों के साथ बेहतर तालमेल व सौहार्द बनाए रखने के लिए एक स्थायी संपर्क समिति गठित करने की मांग भी रखी गई है।





















