अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में जोलांग-राकाप मार्ग के निकट बुधवार की शाम एक हिंसक घटना सामने आई, जहां राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक और शिक्षक डोमिनिक संगमा पर गंभीर हमला किया गया। संगमा फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के जोते परिसर में स्क्रीनराइटिंग विभाग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह अप्रिय घटना शाम करीब 6:30 बजे उस वक्त हुई जब वह अपनी नियमित शाम की सैर पूरी करके लौट रहे थे, जिससे शैक्षणिक और कला जगत में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।
छात्रों को बचाने के प्रयास में हुआ हमला
फिल्म निर्देशक की पत्नी की तरफ से पुलिस में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, सैर से लौटते वक्त संगमा ने सड़क किनारे दो अज्ञात व्यक्तियों को देखा। ये दोनों लोग कथित तौर पर शराब के गंभीर नशे में थे और अपने हाथों में बांस के डंडे लिए हुए थे। वे FTII के छात्र-छात्राओं के एक समूह को घेरकर लगातार धमका रहे थे। जब संगमा ने एक शिक्षक और अभिभावक के तौर पर बीच-बचाव करने तथा विद्यार्थियों को वहां से सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, तो दोनों हमलावरों ने अपना पूरा गुस्सा निर्देशक पर ही उतार दिया। उन दोनों ने संगमा पर घूंसों और बांस के डंडों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
सुरक्षा गार्ड और चार अन्य छात्र भी बने शिकार
इस हिंसक विवाद के दौरान हमलावरों की आक्रामकता केवल निर्देशक तक ही सीमित नहीं रही। दर्ज कराई गई शिकायत में यह स्पष्ट किया गया है कि संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड ने जब स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। इसके साथ ही संस्थान के चार अन्य छात्रों को भी शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं और आरोपियों ने उन्हें गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रास्ते में रोक लिया। इस अप्रत्याशित मारपीट से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
बलिजन पुलिस थाने में नामजद मुकदमा दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बलिजन पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 117(2), 126 और 351 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों आरोपियों की शिनाख्त राकाप गांव के निवासी तेची नानू और तेची संजय के रूप में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की छानबीन शुरू कर दी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मेघालय से ताल्लुक रखने वाले डोमिनिक संगमा पूर्वोत्तर और विशेष रूप से गारो भाषा के सिनेमा में अपने विशिष्ट योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। उनके निर्देशन में बनी चर्चित फिल्म 'रैप्चर' को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के दौरान सर्वश्रेष्ठ गारो फिल्म का राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया था।





















