मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात, मां-बेटी के बैग से एक करोड़ की ज्वेलरी और आठ लाख नकदी चोरीअखिल गोगोई ने ऊपरी असम बाढ़ राहत की मांग को लेकर खत्म किया उपवासउम्र बढ़ने के साथ आंखों को रखना है सुरक्षित, तो आज ही अपनाएं ये पांच आसान आदतेंशादी के बाद इन तारीखों में जन्मी लड़कियां लाती हैं गुडलक और ससुराल में बरकतवॉशिंगटन के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने विमान के डरावने सफर के बाद बनाया टर्बुलेंस का पता लगाने वाला AI सिस्टम, मिली 95 लाख रुपये की स्कॉलरशिपलद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मिला अनूठा तोहफाअरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक टक्कर, क्या कहती है दोनों देशों की असली ताकत?कोडरमा में सांप भगाने का नायाब तरीका, स्कूल संचालक ने 15 साल पहले अपनाई थी यह तरकीबमेघालय में दिसंबर एसएसएलसी परीक्षा योजना से शिक्षक और अभिभावक परेशानअरुणाचल प्रदेश के नामसाई में स्कूली शिक्षा को मजबूती देने के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड ने उठाया बड़ा कदम
अरुणाचल प्रदेश में तवांग पोस्ट ऑफिस की महिला कर्मचारी 39.25 लाख रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तारअरुणाचल प्रदेश
17 सित॰ 2026, 3:17 pm (3 घंटे पहले)· 0

अरुणाचल प्रदेश में तवांग पोस्ट ऑफिस की महिला कर्मचारी 39.25 लाख रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में पोस्ट ऑफिस के फंड में 39.25 लाख रुपये की हेराफेरी के आरोप में एक मल्टी-टास्किंग कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में पोस्ट ऑफिस के सरकारी फंड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तवांग पोस्ट ऑफिस की एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ सदस्य को लाखों रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई विभाग की ओर से दी गई औपचारिक शिकायत के आधार पर की गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को अपनी हिरासत में ले लिया।

कैसे खुला वित्तीय गड़बड़ी का राज

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब 7 सितंबर को तवांग पोस्ट ऑफिस में वित्तीय सत्यापन किया गया था। इस चेकिंग के दौरान खातों में भारी गड़बड़ी और अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग सतर्क हो गया। बोमडिला पोस्टल सब डिवीजन के इंस्पेक्टर ऑफ पोस्ट ऑफिस एच. निलामई सिंह ने इस सिलसिले में 13 सितंबर को तवांग पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

ये भी पढ़ें

योजनाबद्ध तरीके से नहीं जमा हुई प्रीमियम राशि

शिकायत के मुताबिक आरोपी कर्मचारी 10 सितंबर तक 39.25 लाख रुपये का हिसाब देने में विफल रही थी। इस कुल राशि में से 34.49 लाख रुपये पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के तहत प्रीमियम के रूप में 1 जनवरी 2023 से 31 मई 2024 के बीच एकत्र किए गए थे। डाक अधिकारियों की बार-बार याद दिलाने के बावजूद इस पैसे को न तो तय खातों में जमा कराया गया और न ही पूछताछ के दौरान पेश किया गया। इसके अलावा 4.75 लाख रुपये का काउंटर कैश भी बिना जमा किए गायब पाया गया।

पुलिस हिरासत और आगे की कानूनी कार्रवाई

तवांग के पुलिस अधीक्षक तासी दरंग ने बताया कि महिला को 14 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने पैसों की कमी की बात स्वीकार की थी और कथित गबन को कबूल करते हुए एक लिखित हलफनामा भी सौंपा था। रिपोर्ट के मुताबिक सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। स्टेशन ऑफिसर एन. अंगु की देखरेख में इस पूरे मामले की गहन जाँच अभी जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सवाल-जवाब

यह मामला कहाँ सामने आया?
यह मामला अरुणाचल प्रदेश के तवांग पोस्ट ऑफिस में सामने आया।
कुल कितने रुपयों के गबन का आरोप है?
आरोपी महिला कर्मचारी पर 39.25 लाख रुपये के गबन का आरोप है।
इस गड़बड़ी का पता कैसे चला?
7 सितंबर को तवांग पोस्ट ऑफिस में किए गए वित्तीय सत्यापन के दौरान खातों में गड़बड़ी का पता चला।
शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
बोमडिला पोस्टल सब डिवीजन के इंस्पेक्टर एच. निलामई सिंह ने तवांग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी महिला को कब गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने आरोपी महिला को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Ravikash Gupta@ravikash·2 घंटे पहले

यह मामला केवल वित्तीय धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में डाक बैंकिंग और बीमा प्रणालियों की आंतरिक निगरानी प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है। जनवरी 2023 से मई 2024 के बीच जमा प्रीमियम का गबन होने और इसका पता सितंबर 2024 में चलने से स्पष्ट होता है कि दैनिक या साप्ताहिक डिजिटल मिलान (reconciliation) की व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। डाक जीवन बीमा जैसी योजनाओं पर ग्रामीण आबादी का गहरा भरोसा होता है। ऐसे मामलों से न केवल वित्तीय विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के प्रयासों को भी ठेस पहुंचती है। विभाग को तुरंत अपनी ऑडिट और रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणालियों को मजबूत करना होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR