मणिपुर में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित संगठन नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट मणिपुर (एनआरएफएम) से जुड़े दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक ये दोनों आरोपी सुरक्षाकर्मियों पर हुए कई गोलीबारी के मामलों में शामिल थे। इसके अलावा, राज्य के एक अन्य जिले में चलाए गए तलाशी अभियान के तहत केवाईकेएल (कांगलेई यावोल कन्ना लुप) के एक सक्रिय कैडर को भी पकड़ा गया है।
सुरक्षाबलों पर हमले के आरोपी दो सगे भाई गिरफ्तार
सीआरपीएफ एम एंड एन सेक्टर से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर इम्फाल ईस्ट व इम्फाल वेस्ट के कमांडो दल और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इम्फाल ईस्ट जिले के कांगपाल कांगखाम लेइकाई इलाके में छापेमारी की। इस दौरान शेलैबाम तोमतिन मैतेई उर्फ तोम्बा (उम्र 27 वर्ष) और उसके भाई शेलैबाम जगतश्याम मैतेई (उम्र 35 वर्ष) को दबोच लिया गया। मणिपुर पुलिस द्वारा एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, ये दोनों एनआरएफएम के सक्रिय सदस्य हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर दो अलग-अलग हमले किए थे। 22 अगस्त को लामलोंग बाजार के पास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों पर हुई गोलीबारी में इनकी संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद 10 सितंबर को खोंगहामपात में तैनात सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले में भी ये शामिल थे। इस मामले में इनके पिता शेलैबाम याइमा को खोंगहामपात हमले के सिलसिले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
हथियार बरामद और काकचिंग में एक अन्य चरमपंथी गिरफ्तार
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने आरोपियों के पास से हथियारों का जखीरा बरामद किया। जब्त किए गए सामान में एक एके-47 राइफल और उसके 43 कारतूस तथा तीन कारतूस के साथ एक 9 मिमी की पिस्टल शामिल है।
वहीं एक अन्य कार्रवाई के तहत 15 सितंबर को काकचिंग जिले के हियांगलाम वराखोंग मानुंग इलाके में सुरक्षा बलों ने छापेमारी की। काकचिंग कमांडो, 43 असम राइफल्स और 46 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने हियांगलाम पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले इस क्षेत्र से 27 वर्षीय एलंगबाम लांगम सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दिवंगत ई. रंजन सिंह का पुत्र लांगम सिंह प्रतिबंधित संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (केवाईकेएल) का सक्रिय कैडर है।





















