अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सदन ने एक साथ तीन अहम विधेयक पास कर दिए, जिनका सीधा असर छोटे उद्योगों, फायर सेफ्टी और एयरपोर्ट इलाकों के विकास पर पड़ेगा। तीनों विधेयक ध्वनिमत से पारित हुए।
छोटे उद्योगों के लिए आसान होंगे नियम
उद्योग मंत्री नयातो दुकाम ने सदन में अरुणाचल प्रदेश माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (फैसिलिटेशन, एस्टेब्लिशमेंट एंड ऑपरेशन) बिल, 2026 पेश किया। इस विधेयक का मकसद राज्य में MSME शुरू करना और चलाना पहले से आसान बनाना है, ताकि उद्यमियों को मौजूदा दिक्कतों से राहत मिले और उन्हें एक ज्यादा सहयोगी नियामक ढांचा मिल सके। इससे नए और पुराने, दोनों तरह के छोटे उद्यमों को स्थापना और संचालन से जुड़ी मंजूरियों में तेजी मिलने की उम्मीद है।
फायर और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी मजबूती
गृह मंत्री मामा नातुंग ने अरुणाचल प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 सदन में रखा। इस संशोधन के जरिए राज्य में आग से बचाव, सुरक्षा मानकों के पालन और आपातकालीन सेवाओं को और चुस्त बनाने की कोशिश की गई है। सरकार का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और नए इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया था, ताकि तैयारी, रिस्पॉन्स क्षमता और फायर विभाग की संस्थागत ताकत बढ़ाई जा सके। इसके अलावा यह भी कोशिश है कि नए निर्माण जितनी तेजी से हो रहे हैं, फायर सेफ्टी के नियम भी उसी रफ्तार से लागू हों, ताकि राज्य के शहरों में बनने वाली नई इमारतों और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा जांच में कोई कमी न रह जाए।
एयरपोर्ट इलाकों के विकास के लिए नई अथॉरिटी
तीसरा विधेयक, अरुणाचल प्रदेश एयरपोर्ट एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026, शहरी मामलों के मंत्री बालो राजा ने पेश किया। इस विधेयक के तहत एक अलग एयरपोर्ट एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो राज्य के एयरपोर्ट्स के आसपास के इलाकों में योजनाबद्ध, नियंत्रित और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करेगी। यह अथॉरिटी आगे चलकर इन इलाकों में शहरी विस्तार, जमीन के इस्तेमाल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी संभालेगी। योजना, जमीन के इस्तेमाल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसलों को एक ही अथॉरिटी के दायरे में लाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एयरपोर्ट के आसपास बिना किसी योजना के अंधाधुंध निर्माण न हो, खासकर तब जब राज्य में हवाई संपर्क लगातार बढ़ रहा है।
एक ही दिन में तीन विधेयक, सत्र की दिशा साफ
विशेष सत्र के पहले ही दिन तीनों विधेयकों का पास होना यह संकेत देता है कि सरकार इस सत्र में आर्थिक विकास, सार्वजनिक सुरक्षा और योजनाबद्ध शहरी विकास को प्राथमिकता देने वाली है।



















