अरुणाचल प्रदेश में क्षेत्रीय विकास को गति देते हुए पूर्वोत्तर परिषद ने जुलाई और अगस्त के महीनों में कुल 82.41 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का काम पूरा कर लिया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी सामने आई है कि इस समयावधि के दौरान विभिन्न प्रगति पर चल रहे कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी की जा चुकी है। इन जारी किए गए फंड का मुख्य उपयोग संपर्क व्यवस्था को सुधारने, शिक्षा के स्तर को उठाने, कृषि को बढ़ावा देने और स्थानीय तथा पारंपरिक भाषाओं के संरक्षण से जुड़े कार्यों में किया जा रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास
ये सभी विकास कार्य मुख्य रूप से पूर्वोत्तर परिषद की अपनी योजना यानी सोनेक और नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के अंतर्गत धरातल पर उतारे गए हैं। इन पहलों के दायरे में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा, सड़कों के नेटवर्क, टिकाऊ कृषि पद्धतियों, ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इन परियोजनाओं का लाभ राज्य के कई अलग-अलग जिलों के नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिससे समग्र विकास को एक नया संबल मिला है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख परियोजनाएं
लोअर सियांग जिले के लिखाबाली स्थित 40 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल के आधुनिकीकरण पर कुल 14.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसे पूरा कर लिया गया है। इस अपग्रेडेड अस्पताल परिसर में अब एक नया मैटरनिटी वार्ड, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन व डायग्नोस्टिक सेवाएं और एक ब्लड बैंक जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके अलावा लोअर दिबांग वैरी जिले के रोइंग में 5.17 करोड़ रुपये की लागत से लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल भवनों का निर्माण कार्य भी सफलतापूपर्वक पूरा किया जा चुका है।
सामुदायिक बुनियादी ढांचा और कृषि संबंधी पहल
तिराप जिले के टिसा व्यू पॉइंट के विकास पर 1.80 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी, जिसका कार्य भी संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही लोअर दिबांग वैली जिले के हुनली-देसाली ब्लॉक में 4.74 करोड़ रुपये और ऊपरी सुबनसिरी के तालीहा ब्लॉक में 4.95 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सामुदायिक बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। कृषि और वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम सियांग जिले के तादिन गांव के हिकाम और मुरो क्षेत्रों में झूम तथा बंजर भूमि पर 200 हेक्टेयर के दायरे में बांस रोपण का एक बड़ा प्रोजेक्ट पूरा किया गया है।
सड़क संपर्क और अन्य कल्याणकारी योजनाएं
स्थानांतरित खेती का एक बेहतर और टिकाऊ विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से इस 2.19 करोड़ रुपये की पहल को अमलीजामा पहनाया गया है। इसके अलावा नाचो सर्कल के केोजोरिंग और रावा गांवों में 1.98 करोड़ रुपये की लागत से संतरे और इलायची की बागवानी से जुड़ी परियोजनाएं भी लागू की गई हैं। नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के सड़क घटक के अंतर्गत कुल 39.29 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत वाले दो बड़े सड़क गलियारे भी तैयार किए गए हैं। इनमें पोक्रियाना को आसपास के अन्य गांवों से जोड़ने वाली 7.2 किलोमीटर लंबी डबल-लेन सड़क भी शामिल है, जिससे लगभग 16,185 लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।


















