अरुणाचल प्रदेश की नाहरलगुन पुलिस ने एक सरकारी ठेकेदार से 2.40 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और धोखाधड़ी की कोशिश करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाए गए मार्ग के 17 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए भुगतान को पास कराने का झूठा भरोसा देकर ठेकेदार को ठगने का जाल बिछाया था।
फर्जी दस्तावेज और केंद्रीय संपर्कों का झूठा दावा
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान तोलुक लोम्बी, दूबी एते और राजेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने पीड़ित ठेकेदार का काफी समय से रुका हुआ बिल मंजूर कराने के एवज में 2.40 करोड़ रुपये की मांग रखी थी। उन्होंने दावा किया था कि राजेश कुमार सिंह के पास केंद्र सरकार के मंत्रालयों में उच्च स्तरीय राजनीतिक पहुंच है और वह अपने संपर्कों के जरिए बकाया राशि तुरंत जारी करवा सकता है।
ठेकेदार का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपियों ने एक जाली पत्र सौंपा, जिसमें यह दर्शाया गया था कि 17 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान को मंजूरी मिल चुकी है। जब ठेकेदार इस दस्तावेज की पुष्टि करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के मुख्य इंजीनियर के कार्यालय पहुंचा, तो अधिकारियों ने पत्र की जांच की और उसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया।
अदालत से झटका और गुवाहाटी में गिरफ्तारी
ठगी का अहसास होने पर ठेकेदार ने तुरंत नाहरलगुन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी राजेश कुमार सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका दायर की। हालांकि, अदालत ने 13 अगस्त को उसकी याचिका खारिज कर दी, जिससे पुलिस को आगे की दंडात्मक कार्रवाई का रास्ता मिल गया।
अदालती आदेश के बाद पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने असम के गुवाहाटी में दबिश देकर 25 अगस्त को आरोपी राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेशी के बाद आरोपी को छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस की सलाह और आगे की जांच
नाहरलगुन के पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि पुलिस मामले से जुड़े सभी घटनाक्रमों की कड़ियों को जोड़ने और तीनों आरोपियों तोलुक लोम्बी, दूबी एते तथा राजेश कुमार सिंह की व्यक्तिगत भूमिका तय करने में जुटी हुई है। इसके साथ ही SP न्येलम नेगा ने सभी ठेकेदारों और आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सरकारी भुगतान या प्रशासनिक स्वीकृतियां दिलाने का दावा करने वाले बिचौलियों के झांसे में न आएं और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।





















