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नेपाल में प्रलयकारी आपदा से 788 की मौत और 2500 से ज्यादा लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमेंएशिया
31 अग॰ 2026, 12:19 am (60 दिन पहले)· 3

नेपाल में प्रलयकारी आपदा से 788 की मौत और 2500 से ज्यादा लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमें

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और हिमस्खलन के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 788 हो गया है, जबकि ढाई हजार से अधिक लोग अब तक लापता हैं। प्रशासन ने नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर नया अलर्ट जारी किया है।

हिमालयी देश नेपाल में कुदरत का कहर लगातार जारी है और वहां मची भयंकर तबाही के बीच शनिवार तक जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 788 तक पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक मलबे के ढेर से शवों को बाहर निकालने का काम अभी भी युद्धस्तर पर चल रहा है। इस बीच प्रशासन ने भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर नया अलर्ट जारी किया है और निचले तथा संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों के साथ ही राहत कार्यों में जुटे कर्मियों को अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी एनडीआरएमआरए के आंकड़ों के अनुसार इस आपदा में 2500 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं जबकि सुरक्षाबलों ने अब तक लगभग 9500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

सीमावर्ती इलाकों में तबाही और चीन में भी नुकसान

यह भीषण आपदा नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास भारी मात्रा में बर्फ और चट्टानों के खिसकने यानी हिमस्खलन की वजह से 26 अगस्त को सामने आई थी। इस घटना ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। पहाड़ी सीमाई क्षेत्र से दक्षिण दिशा में बहने वाली भोटेकोशी नदी का उफनता पानी अपने साथ भारी तबाही लेकर निचले इलाकों में उतरा जिससे अनगिनत मकान, वाहन, सड़कें और पुल जमींदोज हो गए तथा कई पनबिजली परियोजनाएं भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से चीन की सीमा की तरफ भी 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि तिब्बत क्षेत्र में लगभग 550 लोगों के लापता होने की खबर है।

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लापता लोगों की सूची और विदेशी नागरिकों की स्थिति

एनडीआरएमआरए की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में चेतावनी दी गई है कि भोटेकोशी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। बयान में कहा गया है कि उफनती नदी में जलस्तर में कुछ वृद्धि दर्ज की गई है इसलिए सभी संबंधित पक्षों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की जाती है और नई जानकारियां मिलने पर हालात से जुड़ी अपडेट दी जाएगी। नेपाल के प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो इस प्रलय के बाद कुल 2502 लोग लापता हैं जिनमें 591 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी थी कि नेपाल में फंसे हुए लोगों में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग ऐसे हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अगले दिन विदेश मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर बचाए गए 149 लोगों की सूची भी साझा की थी।

अस्पतालों में अपनों की तलाश और शवों की पहचान का संकट

नेपाल के विभिन्न अस्पतालों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश में जुटे लोगों का तांता लगा हुआ है और पूरा ध्यान अब बरामद होने वाले शवों की शिनाख्त करने पर केंद्रित कर दिया गया है। अस्पतालों की दीवारों पर मृतकों की तस्वीरें चस्पा कर दी गई हैं जहां शोकसंतप्त लोगों की भारी भीड़ उन्हें गौर से देखती नजर आ रही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक जितने भी शव बरामद हुए हैं उनमें से महज 17 की ही पहचान सुनिश्चित हो पाई है। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद धमला ने इस मुश्किल हालात के बारे में विस्तार से बताया। राजेंद्र प्रसाद धमला ने कहा, "अब तक केवल 17 शवों की पहचान हो पाई है क्योंकि ज़्यादातर शव या तो बुरी हालत में हैं या उनके अंग कटे-फटे हैं।"

कानूनी प्रक्रिया और अंतिम संस्कार की स्थिति

शवों की पहचान न हो पाने के कारण प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद धमला ने आगे बताया कि सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब तक 96 शवों को दफनाया जा चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शवों को दफनाने से पहले उनके डीएनए के नमूने सावधानीपूर्वक ले लिए गए थे और मौजूदा नियमों के अनुसार उन्हें तय स्थानों पर सुरक्षित संरक्षित कर दिया गया है ताकि भविष्य में पहचान पुख्ता की जा सके। नेपाल और दुनिया के तमाम देशों से पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बचाने के बाद अब उनके सामने अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है क्योंकि कई लोग अपनों से बिछड़ चुके हैं और उनके भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।

सवाल-जवाब

नेपाल की इस आपदा में अब तक कुल कितने लोगों की मौत हो चुकी है?
नेपाल में अचानक आई बाढ़ और हिमस्खलन के कारण शनिवार तक मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 788 हो गई है।
इस आपदा में कितने लोग अभी भी लापता हैं?
नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार 2,500 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
यह आपदा किस वजह से आई थी?
यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन के कारण 26 अगस्त को आई थी।
अब तक कितने लोगों को सुरक्षित बचाया गया है?
बाढ़ प्रभावित इलाकों से रविवार शाम तक लगभग 9,500 लोगों को बचाया जा चुका है जिनमें स्थानीय और विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
चीन की तरफ इस आपदा से कितना नुकसान हुआ है?
चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा ने चीन की तरफ 16 लोगों की जान ली है और तिब्बत में लगभग 550 लोग लापता हैं।
कितने शवों की पहचान अब तक हो पाई है?
पुलिस के अनुसार बरामद हुए शवों में से अब तक केवल 17 शवों की ही पहचान हो पाई है।
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