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ईरान के लारक द्वीप पर अमेरिका का हमला, पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलेंएशिया
31 अग॰ 2026, 6:58 am (60 दिन पहले)· 2

ईरान के लारक द्वीप पर अमेरिका का हमला, पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर भड़क गया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास लारक द्वीप पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया।

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले छह महीने से अधिक वक्त से चल रहा सैन्य टकराव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास स्थित लारक द्वीप पर अचानक रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया। पिछले करीब एक महीने के अंतराल में अमेरिकी बलों की ईरान के खिलाफ यह पहली सीधी सैन्य कार्रवाई है। इस हमले के तुरंत बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान की तरफ से इसका बेहद कड़ा जवाब भी सामने आ चुका है।

जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें

लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई के फौरन बाद ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कदम उठाया। आईआरजीसी ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के प्रतिशोध में जॉर्डन की सीमा के भीतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। ईरानी मीडिया से सामने आई शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जवाबी हमले में किंग हुसैन और अल-अज्राक में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को मुख्य तौर पर निशाना बनाया गया था।

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क्यों की गई थी अमेरिका की ओर से यह कार्रवाई

रविवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो महत्वपूर्ण सैन्य लॉन्चरों को नेस्तनाबूद करने के लिए स्ट्राइक की थी। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आईआरजीसी के सैनिक इन लॉन्चरों के माध्यम से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के संवेदनशील समुद्री मार्ग में खतरनाक समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की साजिश रच रहे थे और रॉकेट दागने की पूरी तैयारी में थे। अमेरिकी प्रशासन ने इस पूरी गतिविधि को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए एक तात्कालिक और गंभीर खतरा करार दिया था।

समुद्री व्यापार की सुरक्षा और अमेरिकी चेतावनी

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेनाएं इस पूरे क्षेत्र की हर गतिविधि पर बेहद बारीकी से नजर रखे हुए हैं और वैश्विक समुद्री व्यापार के अबाध प्रवाह को बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को पूरी तरह तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इससे पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जलक्षेत्र में नई माइंस बिछाने का प्रयास करने वाले किसी भी संदिग्ध जहाज या नाव के खिलाफ अत्यंत कठोर सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

ईरानी मीडिया के दावे और मौतों के आंकड़े

लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने सख्त चेतावनी जारी कर दी थी कि इस दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। अब ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से पुष्टि की है कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। ईरानी सरकारी प्रसारणकर्ता आईआरआईबी के मुताबिक, लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमलों में कई ईरानी सैन्यकर्मी और आम नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें कुछ की मौत और कई के घायल होने की खबर है। वहीं, आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज एजेंसी का दावा है कि इस हमले में ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया था जिसमें दो लोगों की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, इन तमाम दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का सामरिक और वैश्विक महत्व

मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्ष में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे अहम और संवेदनशील रणनीतिक बिंदु बन चुका है। यह तंग समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इसकी भूमिका बेहद अहम है। वैश्विक स्तर पर खपत होने वाले कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। चल रहे सैन्य तनाव के कारण इस क्षेत्र में मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच इस जलमार्ग के नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर लगातार गतिरोध बना हुआ है।

दोनों देशों का मौजूदा रुख और आगे की स्थिति

अमेरिकी पक्ष का तर्क है कि वह केवल सैन्य सुरक्षा उपायों के जरिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। इसके विपरीत, ईरान ने इस प्रमुख जलमार्ग को लेकर अपनी आक्रामक और अडिग स्थिति बरकरार रखी है तथा अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हुए लंबे समय तक इस संघर्ष को जारी रखने के लिए तैयार रहने के संकेत दिए हैं। दोनों पक्षों की इन कठोर प्रतिक्रियाओं से आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं।

सवाल-जवाब

अमेरिका ने ईरान के किस द्वीप पर हमला किया है?
अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास स्थित ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया है।
ईरान ने किस देश में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं?
ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।
लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले का मुख्य कारण क्या था?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सैनिक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज वैश्विक स्तर पर क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
इस मार्ग से दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा ट्रांसपोर्ट किया जाता है।
ईरान के किन सैन्य ठिकानों या मीडिया ने हमलों की पुष्टि की है?
ईरानी सरकारी प्रसारणकर्ता IRIB और IRGC से जुड़ी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने इन हमलों और हताहतों की जानकारी दी है।
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