कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर सप्ताहांत में हुए सैन्य हमले के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे तेहरान ने बेहद सख्त राजनयिक रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन को संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने राष्ट्रीय हितों, समुद्री संपत्तियों और संप्रभु सुरक्षा की रक्षा करने में किसी भी तरह का संकोच नहीं करेगा। पूर्वी यूरोप में चल रहे युद्ध के बीच कैस्पियन सागर में हुई इस घटना ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
व्यापारिक जहाज पर धमाका और नाविक की मौत
ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी और सरकारी मीडिया आउटलेट प्रेस टीवी द्वारा प्रसारित एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला शनिवार की सुबह हुआ था। कैस्पियन सागर के पानी से गुजर रहे एक ईरानी कमर्शियल शिप को निशाना बनाकर किए गए इस हमले से जहाज पर जोरदार ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से जहाज पर तैनात ईरान के एक सेलर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना कैस्पियन सागर में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर सीधे हमले को दर्शाती है, जिसे अब तक रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से काफी हद तक सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था।
यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप
इस सैन्य हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरान ने इसे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से की गई एक आक्रामक कार्रवाई बताया है। तेहरान ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 (4) का सीधा उल्लंघन करार दिया। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का यह नियम किसी भी सदस्य देश द्वारा अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग करने या धमकी देने की कड़ी मनाही करता है। ईरान का मानना है कि नागरिक व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को गंभीर रूप से तोड़ा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाज पर हमला कर यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है और असुरक्षा फैलाई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर अपने रुख को एक बार फिर स्पष्ट किया है। तेहरान का कहना है कि उसने इस युद्ध में कभी भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। हालांकि पश्चिमी देश लगातार ईरान और मॉस्को के बीच सैन्य सहयोग के आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन तेहरान ने इन दावों को खारिज करते हुए अपनी तटस्थता की बात दोहराई है। इसी संदर्भ में ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, UN के सभी सदस्य देशों और यूरोपीय संघ से अपील की है कि वे यूक्रेन को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराएं। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जो भी देश शांति के समर्थक हैं, उन्हें इस उकसावे वाली कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
तनाव बढ़ने की चेतावनी और डोनाल्ड ट्रंप का बयान
प्रेस टीवी की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईरान ने यूक्रेन और उसकी सेना को समर्थन देने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को चेतावनी दी है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। तेहरान ने संकेत दिया है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस घटना से पहले वाशिंगटन के साथ भी ईरान का तनाव काफी बढ़ा हुआ था। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को लेकर एक बड़ा एलान किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों या कार्गो को होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी पैसों से की जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे एक अवैध कदम बताया था। अब कैस्पियन सागर में हुए इस ताज़ा हमले ने पहले से ही तनावपूर्ण वैश्विक समीकरणों को और अधिक उलझा दिया है।



















