नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच एक चमत्कारिक घटना सामने आई है, जहां 26 अगस्त को आए विनाशकारी सैलाब के बाद त्रिशूली-थ्री-ए जलविद्युत परियोजना की एक बंद सुरंग में फंसे व्यक्ति को नौ दिनों के लंबे इंतजार के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन से राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जागी है, क्योंकि इतने लंबे समय तक मलबे और पानी के बीच जीवित रहना बेहद दुर्लभ माना जा रहा था।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिली इंसानी आवाज
नेपाली सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि खोज और बचाव अभियान के दौरान आज सुबह ही बचाव दल को सुरंग के भीतर से किसी इंसान की आवाज सुनाई दी थी। इस संकेत के मिलते ही राहत टीमों ने फौरन अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया और मलबे को हटाकर अंदर फंसे व्यक्ति तक पहुंचने में सफलता हासिल की। शुरुआती संकेतों के बाद सुरंग के भीतर अन्य फंसे हुए लोगों की तलाश और तेजी से की जा रही है, ताकि और भी जिंदगियों को बचाया जा सके।
बाढ़ से भारी तबाही और लगातार जारी तलाश
देश के विभिन्न हिस्सों में जलप्रलय के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाल के प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, बचाव कर्मियों ने अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों से और शवों को बरामद किया है, जिसके बाद पिछले हफ्ते आई इस अचानक बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर कम से कम 1259 हो गई है। आपातकालीन और राहत टीमों ने अब तक 12000 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, लेकिन बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे खोज अभियानों के बीच लगभग 5000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।



















