दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रहे फ्लाईदुबई विमान में हवा के बीच एक बेहद खतरनाक साजिश नाकाम कर दी गई। ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के भीतर मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर विमान का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथ में लेने का प्रयास किया था। उसका प्रारंभिक इरादा विमान को तेल अवीव ले जाकर वहां मौजूद किसी गगनचुंबी इमारत से सीधे टकराने का था। जब यह मूल मंसूबा विफल होता दिखा, तब उसने पूरे विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर रूप से घायल मुख्य पायलट के अदम्य साहस, केबिन में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों और यात्रियों के त्वरित दखल से एक भीषण विमान हादसा टल गया। घटना के बाद सामने आए विवरणों के अनुसार, जांच अधिकारी इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या सह-पायलट ने विमान के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति करने वाले मुख्य स्विच बंद कर दिए थे।
कॉकपिट में प्रार्थना का बहाना और अचानक हिंसक हमला
उड़ान के दौरान कॉकपिट में घटी यह घटना बेहद चौंकाने वाली है। सह-पायलट अल-हम्मामी ने प्रार्थना करने का बहाना बनाया और मौका पाते ही विमान में आपात स्थिति के लिए रखे क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) को उठा लिया। इसके बाद उसने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर जोरदार हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में कैप्टन के सिर और हाथ पर अत्यंत गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन ने साहस नहीं खोया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की हरसंभव कोशिश की। हमलावर सह-पायलट ने दरवाजा अंदर से बंद रखने का पूरा जोर लगाया, लेकिन कैप्टन मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपनी अंतिम ताकत लगाकर दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल कर ली।
दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद लोगों को खतरे का आभास हुआ। विमान में सफर कर रहे यात्रियों और यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कॉकपिट की ओर दौड़ लगाई ताकि नियंत्रण कक्ष को हमलावर सह-पायलट के चंगुल से छुड़ाया जा सके।
गगनचुंबी इमारत से टकराने की साजिश और रेगिस्तान में गोता
जांच के दायरे में आए घटनाक्रम के अनुसार, अल-हम्मामी का प्राथमिक लक्ष्य मुख्य पायलट को पूरी तरह बेबस कर विमान को इजरायल के तेल अवीव शहर में स्थित ऊंची इमारतों से टकराना था। लेकिन जब कॉकपिट का दरवाजा खुल गया और यात्री अंदर घुसने लगे, तो उसे समझ आ गया कि उसका यह मूल इरादा अब पूरा नहीं हो सकेगा। इसके बाद उसने विमान को नीचे रेगिस्तान में क्रैश कराने की अत्यंत आत्मघाती कोशिश शुरू कर दी।
उसने तुरंत ऑटोपायलट प्रणाली को बंद कर दिया और विमान की मुख्य कंट्रोल स्टिक को पूरी ताकत से आगे की ओर दबा दिया। इस अचानक की गई हरकत के कारण विमान महज 30 सेकंड के भीतर लगभग 16 हजार फीट नीचे आ गया। विमान में तीव्र गिरावट के दौरान अल-हम्मामी ने विमान के महत्वपूर्ण नियंत्रण उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, ताकि कोई अन्य व्यक्ति इसे संभाल न सके।
प्लंबर यात्री का अदम्य साहस और सुरक्षित नियंत्रण
विमान जब तीव्र गति से नीचे गिर रहा था, उसी दौरान पेशे से प्लंबर यानिव हयून नामक एक यात्री ने असाधारण दिलेरी दिखाई। उन्होंने आगे बढ़कर आगे दबाई गई कंट्रोल स्टिक को अपनी पूरी ताकत से पीछे की ओर खींचा, जिससे विमान का नीचे गिरना थमा और उसका संतुलन वापस आ सका। इसके तुरंत बाद यात्रियों ने हमलावर सह-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।
कॉकपिट में पहुंचे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्थिति को संभालते हुए विमान के नियंत्रण की बागडोर अपने हाथों में ले ली। उनके तकनीकी कौशल और त्वरित फैसलों की बदौलत विमान को सुरक्षित स्थिति में लाया जा सका, जिससे उसमें सवार सभी यात्रियों की जान बच गई।
केबिन की आपातकालीन लाइटें और बंद इंजन का गहराता संदेह
इस पूरी घटना के दौरान विमान के अंदर यात्रियों की सीटों के बीच से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में केबिन की इमरजेंसी लाइटें जलती हुई साफ दिखाई दे रही थीं। सामान्यतः बोइंग 737 विमानों में ये आपातकालीन लाइटें जमीन पर विमान से यात्रियों को उतारने या किसी आपात स्थिति के दौरान निकासी में मदद के लिए जलाई जाती हैं। उड़ान के दौरान इतनी ऊंचाई पर इन बत्तियों का जलना बेहद असामान्य संकेत था।
विमानन प्रणाली के तकनीकी नियमों के अनुसार, बोइंग 737 में जब मुख्य विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती है, तब विमान स्वचालित रूप से बैटरी पावर पर चला जाता है और ऐसी स्थिति में ये इमरजेंसी लाइटें खुद सक्रिय हो जाती हैं। यह स्थिति या तो विमान के मुख्य जनरेटर बंद होने पर बनती है या फिर दोनों इंजनों के अचानक बंद हो जाने पर होती है। इसी तकनीकी आधार पर जांच दल को गहरा संदेह है कि सह-पायलट ने दोनों इंजनों को तेल आपूर्ति करने वाले फ्यूल स्विच जानबूझकर बंद कर दिए थे, जिसकी विस्तृत तकनीकी जांच जारी है।





















